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हादसे के बाद टूटी सरकारी तंत्र की नींद
अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 20 Oct 2013 02:17 AM IST
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नोएडा के सेक्टर-22 के जर्जर फ्लैट का छज्जा गिरने के हादसे ने सरकारी तंत्र को नींद से जगा दिया है। मामले की जांच के लिए प्राधिकरण की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
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जांच कमेटी जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। साथ ही इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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शुक्रवार सुबह सेक्टर-22 के एफ ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर-132 बी का छज्जा भरभराकर गिर गया था। बताया जा रहा है कि करीब 20 साल पहले फ्लैट का निर्माण प्राधिकरण ने कराया था।
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इसके बाद 5 मई 2008 को प्राधिकरण ने फ्लैट का आवंटन रद्द कर इसे सील कर दिया था। हालांकि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन इसे नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण ने गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
फ्लैट का छज्जा कैसे गिरा और इसके निर्माण या रखरखाव में अनियमितताएं तो नहीं बरती गईं। ऐसे ही तमाम बिंदुओं के आधार पर जांच की जाएगी।
बताया जा रहा है सरकारी मकानों व फ्लैटों पर अतिरिक्त निर्माण की वजह से भी ऐसी दिक्कतें सामने आ रही है। इसको ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण अतिरिक्त निर्माण कर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान चलाएगा।
नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में प्राधिकरण की ओर से बनाए गए मकानों व फ्लैटों की भी जांच की जाएगी।
खानापूर्ति कर लौटे कर्मचारी
हादसे के अगले ही दिन प्राधिकरण के कर्मचारी सेक्टर-22 के उस फ्लैट पर पहुंचे जहां छज्जा गिरने की घटना हुई थी।
ध्वस्त छज्जे के बचे हुए हिस्से को भी इस दौरान गिरा दिया गया, लेकिन गिरने की कगार पर खड़ी जर्जर छत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसकी वजह से ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाला परिवार खौफ के साये में है।