{"_id":"f2950bc681ced5ffb98c85f87737cc1a","slug":"mock-test-for-iit-gate-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी गेट के मॉक टेस्ट जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईआईटी गेट के मॉक टेस्ट जारी
अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 06 Jan 2014 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगले महीने होने वाले ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट)-2014 में शामिल होने वाले छात्रों की तैयारी के लिए मॉक टेस्ट (प्रेक्टिस टेस्ट) जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
इस साल गेट के सभी 22 विषयों के पेपर कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के रूप में ऑनलाइन आयोजित कराए जा रहे हैं। छात्रों की तैयारी और गेट के सीबीटी फॉरमेट को समझने के लिए पहली बार मॉक टेस्ट जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
गेट के ऑनलाइन टेस्ट के सभी पेपरों में दो सेक्शन होंगे। एक जनरल एप्टीट्यूड और दूसरा संबंधित विषय का। इस दौरान छात्र पूरा पेपर अगल-अगल सेक्शन में एक साथ देख सकते हैं।
विज्ञापन
साथ ही एक-एक सवाल भी देख सकते हैं। हर सवाल के लिए उसके सही जवाब पर मिलने वाले अंक और गलत जवाब होने पर निगेटिव मार्किंग के तहत (एक तिहाई) काटे जाने वाले अंक साफ लिखे होंगे।
कंप्यूटर स्क्रीन की दाएं ओर सबसे ऊपर छात्र का फोटो और परीक्षा का समय चालू रहेगा। उसके नीचे सेक्शन का नाम, फिर सेक्शन में शामिल सवाल नंबर के आधार पर बटन के रूप में दिखेंगे।
गेट के ऑनलाइन पेपर की कलर स्कीम के तहत जवाब दिए जा चुके प्रश्नों की संख्या का नंबर हरे रंग में दिखेगा। पढ़ कर जवाब न दिए गए सवाल की संख्या लाल रंग में, पढ़े नहीं गए सवाल की संख्या सफेद रंग में और जवाब देकर दोबारा पढ़ने के लिए चुने गए सवाल बैंगनी रंग में दिखाए देंगे।
दरअसल, आईआईटी समेत देश भर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एमटेक, पीएचडी और पीएसयू की नौकरी के लिए होने वाले गेट के ऑनलाइन पेपर दो फरवरी, 15 फरवरी, 16 फरवरी, एक मार्च और दो मार्च को कुल नौ शिफ्ट में होंगे।
ऑनलाइन गेट के जरूरी दिशा निर्देश
पेपर के दौरान रफ वर्क के लिए पैड दिया जाएगा
नॉन प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर इस्तेमाल करने की इजाजत होगी
सवाल का जवाब देकर उसे सेव करना होगा
सेव किए गए जवाब ही मूल्यांकन में शामिल होंगे
जवाब देने के बाद उसे हटाकर बदला जा सकता है
सिर्फ न्यूमेरिकल सवालों पर निगेटिव मार्किंग नहीं होगी