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यहां भी है हादसे का इंतजार

Thu, 21 Nov 2013 01:45 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 21 Nov 2013 01:45 AM IST
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It is also awaiting crash

नोएडा के अधिकतर एटीएम की सुरक्षा राम भरोसे है। ज्यादातर एटीएम बूथों पर सिक्योरिटी गार्ड तैनात तो हैं लेकिन उनके पास बदमाशों से मोर्चा लेने के न तो संसाधन हैं और न ही घटना के समय त्वरित कार्रवाई का कोई एक्शन प्लान।

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वहीं, शहर के बाहरी हिस्सों के नवविकसित सेक्टरों में लगाए गए कई एटीएम पर तो गार्ड तैनात ही नहीं हैं। पुलिस एटीएम की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी के नाम पर गश्त के दौरान पांच एटीएम बूथ चेक करके उनमें रखे रजिस्टर पर इंट्री कर अपनी ड्यूटी पूरी कर लेती हैं।
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बंगलूरू के एक एटीएम के अंदर महिला पर हुए जानलेवा हमले की घटना के बाद शहर के एटीएम बूथों की सुरक्षा का जायजा लिया गया। यहां कुल 180 एटीएम हैं।

अधिकांश सेक्टरों में लगे एटीएम बूथों पर गार्ड तैनात हैं लेकिन अधिकतर गार्ड एटीएम के गेट या अंदर बैठने के बजाए धूप सेंकते दिखाई दिए या फिर एटीएम से हट कर आसपास के लोगों से बातचीत करने में मशगूल रहे।
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सबसे ज्यादा एटीएम थाना सेक्टर-20 में (77) और थाना सेक्टर-24 क्षेत्र में (43) हैं। इसमें सरकारी बैंकों के एटीएम पर गार्ड दिखाई नहीं दिए।

सेक्टर-25 मार्केट के सामने स्थित सरकारी बैंक के एटीएम बूथ के गेट पर कुर्सी पड़ी थी लेकिन गार्ड नदारत था। पता चला कि वह आसपास कहीं गया है।

सेक्टर-93 स्थित सरकारी बैंक के एटीएम को रात में बंद कर दिया जाता है क्योंकि नवविकसित सेक्टर होने के कारण एटीएम से रुपये निकाल कर ले जाने वालों के साथ लूट का खतरा रहता है वहीं, गार्डों के साथ भी कई बार मारपीट की वारदात हो चुकी है।

होशियारपुर गांव के पास स्थित एक सरकारी बैंक के एटीएम को भी रात में बंद किया जाता है। दिन के समय गार्ड तैनात तो रहता है लेकिन वह ज्यादातर आसपास बैठा दिखाई देता है।

सेक्टर-2 में सरकारी बैंक परिसर के एटीएम में पुलिस ड्यूटी होने के बावजूद गार्ड नहीं दिखाई दिया। इसके अलावा निजी बैंकों के एटीएम में सुरक्षा गार्ड दिखाई दिए लेकिन उनके आसपास घटना के समय कंट्रोल रूम व बैंक अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर फोन करने के अलावा कोई एक्शन प्लान नहीं है।

नोएडा के एटीएम रहे हैं निशाने पर
29 मार्च 2004 को सेक्टर-1 स्थित कृभको बिल्डिंग में एटीएम बूथ पर तैनात गार्ड बुद्धसेन की धारदार हथियार से हत्या कर कैश बाक्स तोड़ने का प्रयास किया था। इसके अलावा वर्ष 2009 में सेक्टर-12 के आई ब्लॉक मार्केट स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम पर तैनात गार्ड की पिटाई कर कैश बाक्स तोड़ने का प्रयास किया गया था।

कुछ दिन बाद पास ही स्थित पीएनबी बैंक के एटीएम बूथ पर लूट का प्रयास किया गया था। वर्ष 2010 में सेक्टर-60 स्थित एक कंपनी के बाहर लगे एटीएम बूथ में तैनात गार्ड ने खुद ही साथियों के साथ बूथ को लूटने का प्रयास किया लेकिन गैस कटर से भी कैश बाक्स नहीं कटा।


ग्रेटर नोएडा में तो बदमाश एटीएम बूथ ही उखाड़ कर ले गए थे, जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके अलावा एटीएम बूथ से रुपये निकालने वालों के साथ लूटपाट की तो लंबी फेहरिस्त है।

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