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एफएनजी की अड़चनें जल्द होंगी दूर

Thu, 17 Oct 2013 01:13 AM IST
अमर उजाला, नोएडा
अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 17 Oct 2013 01:13 AM IST
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fng will soon overcome from the hurdles

फरीदाबाद, नोएडा व गाजियाबाद को जोड़ने वाले एफएनजी मार्ग की जमीन अड़चन को दूर कर प्राधिकरण तेजी से काम पूरा कराएगा। इसके लिए डीसीईओ को नामित किया गया है।

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प्राधिकरण के चेयरमैन रमा रमण ने बुधवार को समीक्षा बैठक की, जिसमें काफी समय तक सिर्फ एफएनजी की बाधाओं पर चर्चा हुई।

चेयरमैन ने वर्क सर्किलवार इसकी जानकारी ली। बैठक में इस मार्ग से जुड़े परियोजना अभियंताओं ने तीन जगह जमीन की अड़चन बताईं।

पहली अड़चन बहलोलपुर के पास है। यहां जमीन पर अतिक्रमण है। गढ़ी चौखंडी गांव के खसरा नंबर 51 व बहलोलपुर के खसरा नंबर 278, 279, 294 व 295 की अधिसूचित जमीन पर करीब चार सौ मीटर हिस्से पर अतिक्रमण है।
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इसे हटाया जाना है। दूसरी अड़चन सोरखा केपास एलएमसी की जमीन को लेकर है। स्थानीय लोग इसे छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

तीसरी अड़चन सेक्टर 150 के पास है। यहां के किसानों को पांच फीसदी आवासीय भूखंड नहीं मिला है। इस कारण ये विरोध कर रहे हैं।

बहलोलपुर, गढ़ी व सोरखा के किसानों को भी मुआवजा व पांच फीसदी आवासीय भूखंड न मिलने से गतिरोध बरकरार है। चेयरमैन ने इन दिक्कतों को दूर करने के लिए डीसीईओ राजेश प्रकाश को नामित किया है।
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इसके लिए जमीन पर अतिक्रमण को हटाने, किसानों को मुआवजा देने व पांच फीसदी आवासीय भूखंड जल्द देने को कहा है।

परियोजना पर एक नजर
1200 करोड़ रुपये की एफएनजी परियोजना सबसे पहले वर्ष 1993 में बनी। लेकिन 20 साल के बावजूद इसे अब तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है।

नोएडा के अलावा गाजियाबाद व फरीदाबाद में भी काम अधूरा है। गाजियाबाद को नोएडा से जोड़ने के लिए छिजारसी कट पर अंडरपास बनना है, जबकि नोएडा को फरीदाबाद से जोड़ने के लिए यमुना पर पुल बनना है।

इन दोनों ही परियोजनाओं की कागजी प्रक्रिया चल रही है। वहीं, एक्सप्रेस वे को पार कराने के लिए फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसकी भी कागजी प्रक्रिया ही चल रही है।


छह लेन के इस एक्सप्रेसवे को बनाने में अभी दो साल से अधिक वक्त लगने का अनुमान है।

आधी हो जाएगी दूरी
गाजियाबाद से नोएडा होकर फरीदाबाद जाने पर वाहन चालकों को एक तरफ से 50 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ती है।

लगातार चलने पर एक घंटे का सफर करना पड़ता है। एफएनजी बन जाने केबाद यह दूरी घटकर आधी से भी कम हो जाएगी। आधे घंटे से भी कम समय में यह दूरी पूरी हो सकेगी।

फरीदाबाद व गाजियाबाद से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे या यमुना एक्सप्रेस-वे से आगरा तक का सफर करने वालों को भी काफी सहूलियत मिल जाएगी।

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