{"_id":"73-27213","slug":"Noida-27213-73","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘हमारी भी सुनो सीएम साहब’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘हमारी भी सुनो सीएम साहब’
Noida
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
नोएडा। सेक्टर-19 की खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। प्राधिकरण के दफ्तर के धक्के खाकर थकी हारी सेक्टर की आरडब्ल्यूए ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खराब सड़कों की समस्या से अवगत कराया है।
आरडब्ल्यूए के संयुक्त सचिव एवं सिक्योरिटी कमेटी के चेयरमैन अनीस अहमद ने बताया कि सेक्टर की अंदरूनी सड़कों की हालत बेहद खराब है। पिछले करीब छह-सात साल से सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। सड़कों की खराब दशा के चलते कई बार स्कूली बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को चोट तक खानी पड़ी है, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। मौजूदा आरडब्ल्यूए ने पिछले साल अप्रैल में कार्यकाल संभालने के बाद से लगातार सेक्टर की समस्याओं को नोएडा प्राधिकरण के समक्ष उठाया, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया। आरडब्ल्यूए ने सेक्टर की सड़कों की रिकारपेटिंग करने का प्रस्ताव प्राधिकरण को कई महीने पहले सौंपा था। इसके बाद दिसंबर 2011 में प्राधिकरण ने इसका बजट मंजूर करते हुए कांट्रैक्टर को काम का जिम्मा भी सौंप दिया था। जनवरी में काम शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन चुनाव आचार संहिता के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। सड़कों की मरम्मत का काम चुनाव बाद शुरू कर दिया जाना चाहिए था। कांट्रैक्टर की तरफ से बरसात बाद काम शुरू करने का हवाला दिया गया। लेकिन आज तक सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
आरडब्ल्यूए के संयुक्त सचिव एवं सिक्योरिटी कमेटी के चेयरमैन अनीस अहमद ने बताया कि सेक्टर की अंदरूनी सड़कों की हालत बेहद खराब है। पिछले करीब छह-सात साल से सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। सड़कों की खराब दशा के चलते कई बार स्कूली बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को चोट तक खानी पड़ी है, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। मौजूदा आरडब्ल्यूए ने पिछले साल अप्रैल में कार्यकाल संभालने के बाद से लगातार सेक्टर की समस्याओं को नोएडा प्राधिकरण के समक्ष उठाया, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया। आरडब्ल्यूए ने सेक्टर की सड़कों की रिकारपेटिंग करने का प्रस्ताव प्राधिकरण को कई महीने पहले सौंपा था। इसके बाद दिसंबर 2011 में प्राधिकरण ने इसका बजट मंजूर करते हुए कांट्रैक्टर को काम का जिम्मा भी सौंप दिया था। जनवरी में काम शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन चुनाव आचार संहिता के कारण काम शुरू नहीं हो पाया। सड़कों की मरम्मत का काम चुनाव बाद शुरू कर दिया जाना चाहिए था। कांट्रैक्टर की तरफ से बरसात बाद काम शुरू करने का हवाला दिया गया। लेकिन आज तक सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
विज्ञापन