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दूधली दंगल में पहलवानों ने लगाए दांव
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:50 AM IST
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दंगल में दांव लगाते पहलवान।
- फोटो : अमर उजाला
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चरथावल में दूधली की जाहरवीर गोगा म्हाड़ी पर कई प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने शनिवार रात तक निशान और छड़ी चढ़ाकर मन्नतें मांगीं। उधर, तीन दिवसीय मेले में चल रहे दंगल में कई जिलों के पहलवानों ने दमखम दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया।
गोगा म्हाड़ी पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। ग्राम प्रधान रवींद्र सिंह ने बताया कि रात करीब एक बजे तक लंबी कतार में लगें श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ था। रविवार को दूधली के अलावा आसपास गांव से काफी तादात में लोगों ने म्हाड़ी पर पूजा अर्चना की। लोगों ने मेले में मौत का कुआं, झूले, सर्कस आदि लुत्फ उठाया। दुकानों पर भारी भीड़ रही।
गांव में इंटर कॉलेज के मैदान पर चल रहा दंगल आकर्षण का केेंद्र रहा। कई जनपदों के पहलवानों ने दांव पेंच दिखाकर मनोरंजन किया। दूधली के पारुल पहलवान ने रुड़की के तूफान को चित्त कर तालियां बटोरीं। जलालाबाद के निर्मल, तल्हेड़ी के भूरा समेत कई कुश्तियां सराही गईं।
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भाजपा नेता डॉ. विवेक बालियान नेे पहलवानों को नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति की विरासत का बोध कराते है। कुश्ती भारतीय संस्कृति की पहचान है। दंगल के आयोजन से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारा बढ़ता है। दूधली के भीम सिंह और अख्तर पहलवान ने कुश्तियां कराईं। बिरालसी चौकी प्रभारी राजकुमार सिंह पीएसी के साथ व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। सोनू, विकास आर्य, रामभूल बाबा, धर्मपाल सिंह, मदन राणा, वीर सिंह का सहयोग रहा।
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गोगा म्हाड़ी पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। ग्राम प्रधान रवींद्र सिंह ने बताया कि रात करीब एक बजे तक लंबी कतार में लगें श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं हुआ था। रविवार को दूधली के अलावा आसपास गांव से काफी तादात में लोगों ने म्हाड़ी पर पूजा अर्चना की। लोगों ने मेले में मौत का कुआं, झूले, सर्कस आदि लुत्फ उठाया। दुकानों पर भारी भीड़ रही।
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गांव में इंटर कॉलेज के मैदान पर चल रहा दंगल आकर्षण का केेंद्र रहा। कई जनपदों के पहलवानों ने दांव पेंच दिखाकर मनोरंजन किया। दूधली के पारुल पहलवान ने रुड़की के तूफान को चित्त कर तालियां बटोरीं। जलालाबाद के निर्मल, तल्हेड़ी के भूरा समेत कई कुश्तियां सराही गईं।
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भाजपा नेता डॉ. विवेक बालियान नेे पहलवानों को नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मेले हमारी संस्कृति की विरासत का बोध कराते है। कुश्ती भारतीय संस्कृति की पहचान है। दंगल के आयोजन से सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारा बढ़ता है। दूधली के भीम सिंह और अख्तर पहलवान ने कुश्तियां कराईं। बिरालसी चौकी प्रभारी राजकुमार सिंह पीएसी के साथ व्यवस्था बनाने में जुटे रहे। सोनू, विकास आर्य, रामभूल बाबा, धर्मपाल सिंह, मदन राणा, वीर सिंह का सहयोग रहा।