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बेटे-बहू को घर में तंगी हुई तो वृद्धाश्रम पहुंच गई मां
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नदी रोड स्थित मंदनानद वृद्व आश्रम में में बैठी महिला।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
बेटे-बहू को घर में तंगी हुई तो वृद्धाश्रम पहुंच गई मां
मुजफ्फरनगर। आज से श्राद्ध पक्ष शुरू होंगे। लोग 16 दिन तक अपने पितरों के पूजन और ध्यान में लगे रहते हैं। ऐसे भी मामले हैं, जहां बुजुर्ग माता-पिता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। वृद्धाश्रम में वही बुजुर्ग रहते हैं, जिनका या तो कोई नहीं होता या फिर उनके बच्चे उन्हें साथ नहीं रखना चाहते।
शहर के नदी रोड पर स्थित श्री मंदनानंद वीर आश्रम में पिछले चार साल से रह रहीं 60 वर्षीय महाबीरी ने बताया कि उसके बेटे और बहू की तंगी की वजह से वह आश्रम में रह रही हैं। उसके पति की मौत के बाद तीनों बच्चों को खेती कर उन्होंने कामयाब बनाया और शादी कर दी। बहू आने के बाद बेटे को घर छोटा लगा और उसे तंगी होने लगी।
बड़ौत की 80 वर्षीय बुजुर्ग मूर्ति ने बताया कि वह पिछले 20 साल से आश्रम में रह रही हैं। इस बीच कुछ दिनों तक अपनी भाभी के पास रहीं, लेकिन उन्होंने भी वहां रखने से इन्कार कर दिया। पहले वह अपने छोटे बेटे के साथ आश्रम में रहती थीं। उसकी मौत होने के बाद अकेली यहां रहने लगीं। बड़े बेटे की शादी करने के बाद बहू उन्हें तंग करने लगी, जिस कारण वह आश्रम में रह रही हैं। दोनों बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें केवल रहने की जगह दी गई है, बाकि खर्चा वह खुद करती हैं। उन्हें कोई संस्था कभी-कभी पैसे देकर जाती है।
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श्राद्ध पक्ष में व्यापार में आएगी मंदी
जिला कपड़ा व्यापार संघ के अध्यक्ष अनिल नामदेव ने बताया कि वैसे तो पिछले दो महीनों से मंदी चल रही है। व्यापारी पूरी तरह से टूट चुका है, लेकिन अब श्राद्ध पक्ष में और ज्यादा मंदी की आशंका है। उन्होंने कहा कि व्यापारी को उम्मीद है कि दीपावली के आसपास उनका व्यापार अच्छा चलेगा। फिलहाल तो व्यापार पूरी तरह से डगमगा गया है। इसकी वजह लोगों पर पैसा न होना है। किसान का गन्ने का भुगतान न होना और पशु पैठ बाजार न लगने से भी व्यापार में काफी कमी आई है। ऑनलाइन शॉपिंग के कारण भी काफी असर पड़ा है।
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मुजफ्फरनगर। आज से श्राद्ध पक्ष शुरू होंगे। लोग 16 दिन तक अपने पितरों के पूजन और ध्यान में लगे रहते हैं। ऐसे भी मामले हैं, जहां बुजुर्ग माता-पिता का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। वृद्धाश्रम में वही बुजुर्ग रहते हैं, जिनका या तो कोई नहीं होता या फिर उनके बच्चे उन्हें साथ नहीं रखना चाहते।
शहर के नदी रोड पर स्थित श्री मंदनानंद वीर आश्रम में पिछले चार साल से रह रहीं 60 वर्षीय महाबीरी ने बताया कि उसके बेटे और बहू की तंगी की वजह से वह आश्रम में रह रही हैं। उसके पति की मौत के बाद तीनों बच्चों को खेती कर उन्होंने कामयाब बनाया और शादी कर दी। बहू आने के बाद बेटे को घर छोटा लगा और उसे तंगी होने लगी।
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बड़ौत की 80 वर्षीय बुजुर्ग मूर्ति ने बताया कि वह पिछले 20 साल से आश्रम में रह रही हैं। इस बीच कुछ दिनों तक अपनी भाभी के पास रहीं, लेकिन उन्होंने भी वहां रखने से इन्कार कर दिया। पहले वह अपने छोटे बेटे के साथ आश्रम में रहती थीं। उसकी मौत होने के बाद अकेली यहां रहने लगीं। बड़े बेटे की शादी करने के बाद बहू उन्हें तंग करने लगी, जिस कारण वह आश्रम में रह रही हैं। दोनों बुजुर्गों ने बताया कि उन्हें केवल रहने की जगह दी गई है, बाकि खर्चा वह खुद करती हैं। उन्हें कोई संस्था कभी-कभी पैसे देकर जाती है।
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श्राद्ध पक्ष में व्यापार में आएगी मंदी
जिला कपड़ा व्यापार संघ के अध्यक्ष अनिल नामदेव ने बताया कि वैसे तो पिछले दो महीनों से मंदी चल रही है। व्यापारी पूरी तरह से टूट चुका है, लेकिन अब श्राद्ध पक्ष में और ज्यादा मंदी की आशंका है। उन्होंने कहा कि व्यापारी को उम्मीद है कि दीपावली के आसपास उनका व्यापार अच्छा चलेगा। फिलहाल तो व्यापार पूरी तरह से डगमगा गया है। इसकी वजह लोगों पर पैसा न होना है। किसान का गन्ने का भुगतान न होना और पशु पैठ बाजार न लगने से भी व्यापार में काफी कमी आई है। ऑनलाइन शॉपिंग के कारण भी काफी असर पड़ा है।