फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   When attacked, Jindra opened doors for Manish.

ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे...हमला हुआ तो जिंद्रा ने मनीष के लिए खोले दरवाजे

Thu, 03 Mar 2022 12:29 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 03 Mar 2022 12:29 AM IST
विज्ञापन
When attacked, Jindra opened doors for Manish.
यूक्रेन में जिंद्रा परिवार के साथ ग्रीन जर्सी पहनी पीछे खड़ी भोपा की मनीषा राठी। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
हमला हुआ तो जिंद्रा ने मनीष के लिए खोले दरवाजे
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। मुश्किल हालात में इंसान की पहचान होती है। रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो भोपा के मनीष राठी अपनी भतीजी महिमा के साथ सुमी शहर में मुश्किल में घिर गए थे। लेकिन उनके मित्र जिंद्रा ने दोनों को अपने घर में रोककर इंसानियत की मिसाल पेश की। दोनों को बॉर्डर की ओर नहीं जाने दिया। फिलहाल चाचा-भतीजी सुरक्षित हैं और हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
मूल रूप से भोपा के रहने वाले और इन दिनों शहर में रह रहे मनीष राठी यूक्रेन के विभिन्न शहरों में दवा का कारोबार करते हैं। उनकी भतीजी महिमा राठी सुमी की स्टेट यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। रूस ने हमला किया तो चाचा-भतीजी ने भी यूक्रेन छोड़ने का मन बनाया, लेकिन तक तक रूस की सेना सुमी शहर में घुस चुकी थी। खतरे से घिरे मनीष राठी के लिए उनके सुमी के मित्र अक्ल जिंद्रा सहयोगी बनकर आए है। उन्होंने चाचा-भतीजी को अपने घर में जगह दी और बॉर्डर की ओर नहीं जाने दिया। जिंद्रा का घर सुमी शहर के बाहर स्थित है। रूसी सेना ने कई दिन पहले सुमी शहर पर भी हमला कर दिया था।
विज्ञापन

सुरक्षित है भाई और बेटी
भोपा कस्बा निवासी विनय राठी उर्फ बॉबी ने बताया कि बेटी एमबीबीएस के चौथे साल की पढ़ाई कर रही है। यूक्रेन के सुमी शहर में दोनों सुरक्षित है। महिमा ने बताया कि सुमी का यह घर घनी आबादी से दूर है। जिंद्रा परिवार में कुल पांच सदस्य है जो उसे अपनी बेटी की तरह ही रख रहे है। यह जरूर है कि अपने घर की खूब याद आ रही है। यहां से निकलने पर रोमानिया बॉर्डर के लिए 24 घंटे का सफर तय करना होगा। महिमा ने बताया कि रूसी सेना ने जिले का रेलवे स्टेशन उड़ा दिया है। इसलिए अब प्राइवेट वाहन से ही यह सफर तय किया जा सकता है। लेकिन लगातार हो रही बमबारी के कारण यह सफर भी खतरे से भरा हुआ है। पल-पल की जानकारी उससे ले रहे हैं। वह जहां पर है, यहां से रूस बॉर्डर केवल 40 किलोमीटर दूर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed