{"_id":"60b52ab28ebc3e3ba20681dc","slug":"villagers-get-angry-over-the-death-of-contract-worker-in-chowkada-muzaffarnagar-news-mrt5407197185","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौकड़ा में संविदाकर्मी की मौत पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौकड़ा में संविदाकर्मी की मौत पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा
विज्ञापन
चौकड़ा में संविदाकर्मी की मौत पर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। चौकड़ा में किसान के नलकूप पर लगे ट्रांसफार्मर की लाइन जोड़ते समय विद्युत संविदा कर्मचारी की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। संविदा कर्मी का शव हाइटेंशन लाइन में झुलसने के बाद पांच घंटे तक ट्रांसफार्मर पर लटका रहा। संविदा कर्मी की मौत पर ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन और विद्युत निगम के अधिकारियों के खिलाफ फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मृत कर्मी के आश्रित परिवार को 50 लाख मुआवजा देने की अधिकारियों से मांग की। पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय और एसडीएम सदर दीपक कुमार के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। विद्युत निगम की तरफ से मृतक के परिजनों को पांच लाख का चेक दिया। एसडीएम ने राजस्व विभाग से पांच लाख रुपये कृषक बीमा और श्रम विभाग से 5.25 लाख रुपये दिलाने का भरोसा दिया।
सोमवार सुबह चौकड़ा बिजलीघर से शटडाउन लेकर बुड्ढ़ाखेड़ा निवासी संविदाकर्मी लाइन मैन जसवंत (35) किसान के नलकूप की लाइन जोड़ने गया था। संविदा कर्मचारी कसौली मार्ग पर खेत में लगे ट्रांसफार्मर की फ्यूज जोड़ने लगा, तो अचानक करंट प्रवाहित हो गया। एचटी करंट की चपेट में आकर वह ट्रांसफार्मर पर झुलस गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। इस घटना की सूचना पर चौकड़ा, बुड्ढाखेड़ा, कसौली और छिमाऊ से सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शव लटका देख लोगों में आक्रोश फैल गया। चरथावल एसएचओ एमपी सिंह थाने से फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया। लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने शव नहीं उतारने दिया। प्रदर्शनकारी आला अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
भारतीय किसान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष बबली शर्मा मौके पर पहुंचे तो किसानों का पारा चढ़ गया। एसडीएम सदर दीपक कुमार, सीओ सदर हेमंत कुमार, सीओ सिटी कुलदीप कुमार और कई थानों की फोर्स के साथ आरएएफ मौके पर पहुंच गई। अफसरों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और निगम से कुल 15.25 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान बताया। इसे नाकाफी बताते हुए प्रदर्शनकारी 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़ गए।
विज्ञापन
कई घंटों चले हंगामे के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को नियमों के मुताबिक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर सुलहनामे के बाद सुबह 10 बजे से तीन बजे तक चले धरने प्रदर्शन के बाद शव को नीचे उतारा गया। पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। एसपी सिटी और एसडीएम ने निगम की ओर से मृतक की पत्नी को संविदा पर नौकरी दिलाने के वादे के साथ पांच लाख का चेक मौके पर दिया। एसडीएम ने मौके पर राजस्व विभाग से पांच लाख रुपये कृषक बीमा की फाइल तैयार करने के लिए कानूनगो प्रवीण कुमार को निर्देश दिए। श्रम विभाग से श्रमिक को 5.25 लाख रुपये आर्थिक मदद करने का आश्वासन पर ग्रामीण लौट गए। धरने के अंत में भाकियू जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान मौके पर पहुंचे और शोक संवेदना प्रकट की।
विज्ञापन
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। चौकड़ा में किसान के नलकूप पर लगे ट्रांसफार्मर की लाइन जोड़ते समय विद्युत संविदा कर्मचारी की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। संविदा कर्मी का शव हाइटेंशन लाइन में झुलसने के बाद पांच घंटे तक ट्रांसफार्मर पर लटका रहा। संविदा कर्मी की मौत पर ग्रामीणों का गुस्सा प्रशासन और विद्युत निगम के अधिकारियों के खिलाफ फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मृत कर्मी के आश्रित परिवार को 50 लाख मुआवजा देने की अधिकारियों से मांग की। पांच घंटे तक चले हंगामे के बाद एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय और एसडीएम सदर दीपक कुमार के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए। विद्युत निगम की तरफ से मृतक के परिजनों को पांच लाख का चेक दिया। एसडीएम ने राजस्व विभाग से पांच लाख रुपये कृषक बीमा और श्रम विभाग से 5.25 लाख रुपये दिलाने का भरोसा दिया।
सोमवार सुबह चौकड़ा बिजलीघर से शटडाउन लेकर बुड्ढ़ाखेड़ा निवासी संविदाकर्मी लाइन मैन जसवंत (35) किसान के नलकूप की लाइन जोड़ने गया था। संविदा कर्मचारी कसौली मार्ग पर खेत में लगे ट्रांसफार्मर की फ्यूज जोड़ने लगा, तो अचानक करंट प्रवाहित हो गया। एचटी करंट की चपेट में आकर वह ट्रांसफार्मर पर झुलस गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। इस घटना की सूचना पर चौकड़ा, बुड्ढाखेड़ा, कसौली और छिमाऊ से सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शव लटका देख लोगों में आक्रोश फैल गया। चरथावल एसएचओ एमपी सिंह थाने से फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया। लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने शव नहीं उतारने दिया। प्रदर्शनकारी आला अफसरों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
विज्ञापन
भारतीय किसान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष बबली शर्मा मौके पर पहुंचे तो किसानों का पारा चढ़ गया। एसडीएम सदर दीपक कुमार, सीओ सदर हेमंत कुमार, सीओ सिटी कुलदीप कुमार और कई थानों की फोर्स के साथ आरएएफ मौके पर पहुंच गई। अफसरों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और निगम से कुल 15.25 लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान बताया। इसे नाकाफी बताते हुए प्रदर्शनकारी 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़ गए।
विज्ञापन
कई घंटों चले हंगामे के बाद प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को नियमों के मुताबिक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर सुलहनामे के बाद सुबह 10 बजे से तीन बजे तक चले धरने प्रदर्शन के बाद शव को नीचे उतारा गया। पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। एसपी सिटी और एसडीएम ने निगम की ओर से मृतक की पत्नी को संविदा पर नौकरी दिलाने के वादे के साथ पांच लाख का चेक मौके पर दिया। एसडीएम ने मौके पर राजस्व विभाग से पांच लाख रुपये कृषक बीमा की फाइल तैयार करने के लिए कानूनगो प्रवीण कुमार को निर्देश दिए। श्रम विभाग से श्रमिक को 5.25 लाख रुपये आर्थिक मदद करने का आश्वासन पर ग्रामीण लौट गए। धरने के अंत में भाकियू जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान मौके पर पहुंचे और शोक संवेदना प्रकट की।