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बुखार हुआ बेकाबू, मरने वालों का बढ़ा आंकड़ा

Sun, 18 Sep 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Updated Sun, 18 Sep 2016 11:48 PM IST
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Uncontrollable fever, increased casualty figure
fever - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, टायफाइड आदि बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। शहर में सरकारी अस्पताल में मरीजों की भरमार है और नंबर के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड रहा है, वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भारी भीड़ है।
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अस्पतालों में डाक्टरों के पास मरीजों को      लिटाने के लिए बेड तक नहीं है। जिले में बुखार से मृतकों की  संख्या भी लगातार बढ़ रही है। जनपद में बीते चौबीस घंटे में दो बालकों समेत सात ग्रामीणों की मौत बुखार से हुई है।
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बीते एक सप्ताह से जिले को बुखार ने अपनी चपेट में ले लिया है। हर दूसरा आदमी बुखार से पीडित नजर आ रहा है। जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ है। नंबर आने के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। एक तरफ जहां स्वास्थ्य केंद्रों पर बीमारों की भीड है, वहीं निजी अस्पतालों में भी मरीजों की मारा-मारी है। शहर के कई चिकित्सकों के यहां तो मरीजों को लिटाने की जगह तक नहीं बची है, उनके हॉस्पिटल फुल चल रहे हैं।  वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट डाक्टरों के यहां लंबी कतारों के चलते नंबर नहीं आ पाने से उपचार के लिए लोग परेशान भी घूम रहे हैं। 
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इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या गरीब लोगों के सामने है। अपने बच्चों का उपचार वह कैसे करायें। डाक्टरों की महंगी फीस और दवाई से आम आदमी पूरी तरह टूटा हुआ है। बीमारी की भयंकर स्थिति को देखते हुए लोगों के सामने जीवन मरण की स्थिति है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के लाख प्रयासों के बाद भी बुखार पर रोक नहीं लग पा रही है। जबकि जगह-जगह कैंप लग रहे हैं।


प्रभावित गांवों में भेज रहे हैं टीमें : सीएमओ 
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ सुबोध कुमार ने बताया कि मरीज बुखार से घबराये नहीं। पैरासिटामॉल की गोली खाएं। पानी पीते रहें और मच्छरों से बचाव करें। 95 प्रतिशत मरीज इसी से ठीक हो जायेंगे। जिन गांवों में अधिक बीमारी की सूचना मिल रही है, वहां टीमों को भेजा जा रहा है और फोगिंग भी कराई जा रही है। आम जनता से यह अपील है कि वह पूरे कपडे पहनें, मच्छरदानी में सोये। आस-पास में कहीं साफ पानी हो तो उसे हटा दें या उसमें मिट्टी का तेल डाल दें। बीमारी पर कंट्रोल का पूरा प्रयास किया जा रहा है। 
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