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दो भाइयों को दस साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 13 Dec 2016 12:00 AM IST
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एडीजे प्रथम कोर्ट ने घर में घुस कर चाचा पर जानलेवा हमला करने वाले दो भाइयों को दस वर्ष के कारावास और 17-17 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना रामराज पर क्षेत्र के गांव अहमदवाला निवासी गुरविंदर कौर पत्नी सुरेंद्र सिंह ने 2 जून 2013 को हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
बताया था कि उसके जेठ के लड़के मस्तान सिंह और दिलबाग सिंह ने उसके घर में घुस कर पति को गाली गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल सुरेंद्र सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे मेरठ भेज दिया गया था।
इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र सिंह की अदालत संख्या एक में हुई। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए कोर्ट में सात गवाह पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सुबूतों के साथ गवाहों के बयान पर गौर करते हुए मस्तान सिंह, दिलबाग सिंह को घर में घुस कर गाली गलौज कर जान लेवा हमला करने का दोषी करार दिया। दोनों पर धारा 452 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 के तहत 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 504 के तहत दो वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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बताया था कि उसके जेठ के लड़के मस्तान सिंह और दिलबाग सिंह ने उसके घर में घुस कर पति को गाली गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल सुरेंद्र सिंह को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे मेरठ भेज दिया गया था।
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इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश चंद्र सिंह की अदालत संख्या एक में हुई। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने मुकदमा सिद्ध करने के लिए कोर्ट में सात गवाह पेश किए।
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न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील और सुबूतों के साथ गवाहों के बयान पर गौर करते हुए मस्तान सिंह, दिलबाग सिंह को घर में घुस कर गाली गलौज कर जान लेवा हमला करने का दोषी करार दिया। दोनों पर धारा 452 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 307 के तहत 10 वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 504 के तहत दो वर्ष का कारावास और दो हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।