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भगवान महावीर के 2546वें निर्वाण महोत्सव पर निकली गई स्वर्णरथ यात्रा

Tue, 29 Oct 2019 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 29 Oct 2019 11:30 PM IST
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Took out the golden chariot of Lord Mahavira
स्वर्ण रथ यात्रा में शामिल वायुसेना के जवान अभिनंदन वर्धमान की झांकी - फोटो : DEVBAND
देवबंद (सहारनपुर)। जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर के 2546वें निर्वाण महोत्सव के अवसर पर जैन समाज ने नगर में भव्य स्वर्ण रथ यात्रा निकाली। यात्रा में शामिल मनमोहक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जबकि मुख्य आकर्षण स्वर्ण रथ पर विराजमान भगवान महावीर की प्रतिमा रही।
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दिगंबर जैन पंचायत समिति व नगर के जैन समाज के द्वारा मंगलवार को परंपरागत स्वर्ण रथयात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई। मनोहारी स्वर्ण रथ पर विराजमान भगवान महावीर की प्रतिमा यात्रा में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाड़ा से प्रारंभ हुई यात्रा दिगंबर जैन मंदिर बाहरा, हलवाई हट्टा और मंदिर जी कानूनगोयान से होते हुए मित्रसेन चौक पर पहुंची। जहां स्वर्ण रथ पर भगवान महावीर की प्रतिमा को विराजमान किया गया। जिसके बाद यात्रा मेन बाजार, सराफा बाजार और एमबीडी चौक से होती हुई श्री 1008 भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर नेचलगढ़ में पहुंची। यहां बनी पांडुक शिला पर इंद्रों द्वारा 1008 कलश से श्रीजी का अभिषेक व पूजा अर्चना के बाद यात्रा वापस इन्हीं मार्गों से होते हुए मंदिर जी सरागवाड़ा पहुंचकर समाप्त हुई। स्वर्ण रथ यात्रा में एक धन कुबेर का हाथी, चार घोड़े, चार बैंड, दो ऐरावत हाथी, एक भजन मंडली, दो लकड़ी के घोड़े, तीन मनोहारी झांकियां और अंत में सुशोभित भगवान महावीर का स्वर्ण रथ यात्रा में आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान भजन मंडली ने महावीरा झूले पलना नित होले झोठा दीजौ, प्रभु रथ पर हुए सवार नगाडा बाज रहा और कजरारे वीर प्रभु के मोटे मोटे नैन आदि भजन सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यात्रा में श्रद्धालुओं ने डांडिया नृत्य कर प्रभु की भक्ति भी की। वहीं, सोमवार रात्रि श्री मंदिर जी बाहरा में बोलियां की गई। जिसमें भगवान को लेकर बैठने वाले ख्वासी बनने का सौभाग्य अभय जैन और रथ को लेकर चलने वाले सारथी बनने का सौभाग्य अखिलेश कुमार अंकित कुमार जैन को प्राप्त हुआ। भगवान के रथ पर कुबेर बनने का सौभाग्य महेशचंद रजनीश कुमार जैन और दाएं इंद्र बनने का सौभाग्य महीपाल चंद संजय कुमार जैन तथा बांए इंद्र बनने का सौभाग्य संदीप कुमार व नमन जैन को प्राप्त हुआ। इस मौके पर अतुल जैन, धैर्य जैन, अनुज जैन, प्रांशु जैन, पारस जैन, हर्षित जैन, सुनील जैन, चंदनबाला जैन, नितिका जैन, मोनिका जैन, सुनीता जैन, पायल जैन, पिल्लू जैन, सुदेश जैन, प्रवीण जैन, अजय जैन, सुधीर जैन, अनुज जैन, मुकेश जैन, अखिलेश जैन, ऋषभ जैन, अर्पित जैन, लक्ष्य जैन, रविन्द्र जैन, संयम जैन आदि मौजूद रहे।
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वायु सेना के जवान अभिनंदन वर्धमान की झांकी ने किया प्रेरित
देवबंद। जैन समाज के द्वारा नगर में निकाली गई वार्षिक स्वर्णरथ यात्रा में इस वर्ष वायुसेना के जवान अभिनंदन वर्धमान की झांकी लोगों के लिए प्रेरणा स्त्रोत रही।

स्वर्थ रथ यात्रा के दौरान डांडिया नृत्य करतीं जैन समाज की महिलाएं

स्वर्थ रथ यात्रा के दौरान डांडिया नृत्य करतीं जैन समाज की महिलाएं- फोटो : DEVBAND

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