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Muzaffarnagar News: छह साल में नहीं मिली पहली आख्या, अब दूसरी जांच शुरु
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मुजफ्फरनगर। छह साल पुराने चर्चित फार्म मशीनरी बैंक योजना (कृषि यंत्र) में अपात्रों को लाभ देने के मामले में पुरानी जांच आख्या नहीं मिली। डीएम उमेश मिश्रा ने मामले की जांच दोबारा कराने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ संदीप भागिया को जांच सौंपी गई है। 23 समूहों को 10-10 लाख रुपये का अनुदान दिया गया था। यह गड़बड़ी दो करोड़, 30 लाख रुपये की हुई। मामला अगस्त 2018 में शुरू हुआ। आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने फार्म मशीनरी बैंक योजना में अपात्रों को लाभ देने का आरोप लगाते हुए पांच बिंदुओं पर शिकायत की थी। तत्कालीन सीडीओ अर्चना वर्मा ने जांच कराई। जिसमें यह पुष्टि हुई थी कि कृषि विभाग ने कृषि समूहों को पहले आओ पहले पाओ के आधार पर लाभान्वित किया था। सबसे पहले लघु एवं सीमांत किसानों को सक्षम स्तर से सत्यापन करने के बाद लाभान्वित करना था, लेकिन सही प्रक्रिया नहीं अपनाई गई थी।
विभाग ने यह भी जांच नहीं की कि लाभान्वित समूहों के पास पहले से संयंत्र हैं या नहीं। डीएम कार्यालय से अग्रिम कार्रवाई के लिए संयुक्त कृषि निदेशक सहारनपुर को वर्ष 2019 में आख्या भेज दी गई थी, लेकिन यह जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी थी। इस मामले में पहली जांच रिपोर्ट नहीं मिलने के बाद अब दोबारा जांच शुरु हो गई है। डीएम उमेश मिश्रा ने जांच शुरु करा दी है।
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विभाग ने यह भी जांच नहीं की कि लाभान्वित समूहों के पास पहले से संयंत्र हैं या नहीं। डीएम कार्यालय से अग्रिम कार्रवाई के लिए संयुक्त कृषि निदेशक सहारनपुर को वर्ष 2019 में आख्या भेज दी गई थी, लेकिन यह जांच रिपोर्ट नहीं मिल सकी थी। इस मामले में पहली जांच रिपोर्ट नहीं मिलने के बाद अब दोबारा जांच शुरु हो गई है। डीएम उमेश मिश्रा ने जांच शुरु करा दी है।
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