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Muzaffarnagar News: खतौली - खाकी की आंखों की नीचे चलती रही मौत की फैक्टरी
Tue, 23 Jan 2024 04:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 23 Jan 2024 04:03 AM IST
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- लाइसेंस का नवीनीकरण तक नहीं हुआ, आरोपी पर नहीं की सख्ती
- आरोपी अपने घर में चाचा के लाइसेंस के नाम पर बना रहा था पटाखे
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली (मुजफ्फरनगर)। गांव कैलावड़ा कलां में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाका होने के मामले में दमकल विभाग व थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई। शादाब अपने घर में चाचा हसीन के लाइसेंस के नाम पर पटाखे बना रहा था। लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं किया गया था। इस मामले की जांच शुरू हो गई है।
बीते साल सात नवंबर 2023 को दीपावली पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने शादाब, हसीन व अन्य के यहां छापेमारी की थी। जबकि 31 मार्च 2023 से हसीन के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। फिर भी शादाब अपने चाचा के लाइसेंस पर पटाखा फैक्टरी चला रहा था। दमकल टीम ने छापेमारी की कार्रवाई के बाद गांव में पटाखा निर्माण की जानकारी लेनी जरूरी नहीं समझी। जबकि नियमानुसार दमकल टीम को समय-समय पर जांच करते रहने के आदेश हैं। सोमवार शाम दोनों किशोरों का गांव के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रमोद आर्य अन्ना, ग्राम प्रधान मनु चौधरी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
पढ़ाई का खर्च निकालने को मजदूरी करते थे दीपांशु व पारस
शादाब के घर हुए धमाके में मारे गए दीपांशु कक्षा छह व पारस कक्षा पांच में पढ़ते थे, लेकिन साथ ही अपने पिता का हाथ बंटाने व पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए मजदूरी कर लिया करते थे। दोनों ही शादाब के पास काम करते थे। वह उन्हें आतिशबाजी में साथ ले जाता था। दीपांशु के पिता ऋषिपाल अखबार बेचते हैं व पारस के पिता गजे सिंह मजदूरी करते हैं। दोनों का ही परिवार मध्यम वर्गीय है। दीपांशु की एक बड़ी बहन पूजा, भाई प्रिंस व एक छोटी बहन लवी है। वह गांव में ही आदर्श इंटर काॅलेज का छात्र था। पारस पमनावली में बाबू सिंह स्मारक इंटर काॅलेज में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी छोटी बहन वंशिका, भाई शिवम व बहन रूपाली है।
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घर से बाहर निकल आए थे पड़ोसी
पड़ोसी शाजिया, रजिया आदि ने बताया कि अचानक धमाकों से सभी डर गए थे और अपने घरों से बाहर निकल आए थे। अफरा तफरी भी मची थी। धमाके के बाद फोरेंसिक टीम ने गांव में पहुंच कर जांच पड़ताल की। टीम ने ग्रामीणों से भी जानकारी ली और मौके से कुछ नमूने लिए। पुलिस प्राथमिक दृष्टया मान रही है कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बीड़ी सुलगाई थी। उसी की चिंगारी से हादसा हुआ है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
मुआवजे के लिए सवा घंटा लगाया जाम
हादसे में दो किशोरों की मौत होने के बाद पीड़ित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मवाना मार्ग पर साढ़े ग्यारह बजे जाम लगाया। एसपी सिटी सत्य नारायण के समझाने पर सवा घंटे बाद खोला गया। दीपांशु के पिता ऋषिपाल व पारस के पिता गजे सिंह ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरकार से मदद की मांग की।
पहले भी गिरफ्तार हुआ था शादाब
सात नवंबर 2023 को कैलावड़ा में पुलिस ने राशिद, असलम के यहां छापा मारा था। उनके पिता इरशाद गोदाम की रखवाली करते मिले थे।तीनों से पूछताछ के बाद हसीन उर्फ भूरा तथा शादाब के यहां छापा मारा था। हसीन व शादाब भाग निकले थे। मौके से 1732 किलो पटाखे व सामग्री बरामद की थी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने राशिद, असलम, इरशाद, हसीन, शादाब को गिरफ्तार किया था। जो अब जमानत पर हैं। पुलिस ने हसीन का लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन अभी तक यह कार्रवाई नहीं हुई है।
यह हुआ मुकदमा दर्ज
पारस के पिता गजे सिंह ने तहरीर देकर कहा कि शादाब दीपांशु व पारस को रविवार को बिना बताए घर से बुलाकर पैकिंग कराने के लिए ले गया था। रात को बच्चों को घर नहीं भेजा। पटाखों के गोदाम में ही सुला दिया। गोदाम में विस्फोट होने से दोनों बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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- आरोपी अपने घर में चाचा के लाइसेंस के नाम पर बना रहा था पटाखे
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली (मुजफ्फरनगर)। गांव कैलावड़ा कलां में अवैध पटाखा फैक्टरी में धमाका होने के मामले में दमकल विभाग व थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई। शादाब अपने घर में चाचा हसीन के लाइसेंस के नाम पर पटाखे बना रहा था। लाइसेंस का नवीनीकरण भी नहीं किया गया था। इस मामले की जांच शुरू हो गई है।
बीते साल सात नवंबर 2023 को दीपावली पर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने शादाब, हसीन व अन्य के यहां छापेमारी की थी। जबकि 31 मार्च 2023 से हसीन के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। फिर भी शादाब अपने चाचा के लाइसेंस पर पटाखा फैक्टरी चला रहा था। दमकल टीम ने छापेमारी की कार्रवाई के बाद गांव में पटाखा निर्माण की जानकारी लेनी जरूरी नहीं समझी। जबकि नियमानुसार दमकल टीम को समय-समय पर जांच करते रहने के आदेश हैं। सोमवार शाम दोनों किशोरों का गांव के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य प्रमोद आर्य अन्ना, ग्राम प्रधान मनु चौधरी सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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पढ़ाई का खर्च निकालने को मजदूरी करते थे दीपांशु व पारस
शादाब के घर हुए धमाके में मारे गए दीपांशु कक्षा छह व पारस कक्षा पांच में पढ़ते थे, लेकिन साथ ही अपने पिता का हाथ बंटाने व पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए मजदूरी कर लिया करते थे। दोनों ही शादाब के पास काम करते थे। वह उन्हें आतिशबाजी में साथ ले जाता था। दीपांशु के पिता ऋषिपाल अखबार बेचते हैं व पारस के पिता गजे सिंह मजदूरी करते हैं। दोनों का ही परिवार मध्यम वर्गीय है। दीपांशु की एक बड़ी बहन पूजा, भाई प्रिंस व एक छोटी बहन लवी है। वह गांव में ही आदर्श इंटर काॅलेज का छात्र था। पारस पमनावली में बाबू सिंह स्मारक इंटर काॅलेज में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी छोटी बहन वंशिका, भाई शिवम व बहन रूपाली है।
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घर से बाहर निकल आए थे पड़ोसी
पड़ोसी शाजिया, रजिया आदि ने बताया कि अचानक धमाकों से सभी डर गए थे और अपने घरों से बाहर निकल आए थे। अफरा तफरी भी मची थी। धमाके के बाद फोरेंसिक टीम ने गांव में पहुंच कर जांच पड़ताल की। टीम ने ग्रामीणों से भी जानकारी ली और मौके से कुछ नमूने लिए। पुलिस प्राथमिक दृष्टया मान रही है कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने बीड़ी सुलगाई थी। उसी की चिंगारी से हादसा हुआ है। पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।
मुआवजे के लिए सवा घंटा लगाया जाम
हादसे में दो किशोरों की मौत होने के बाद पीड़ित परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मवाना मार्ग पर साढ़े ग्यारह बजे जाम लगाया। एसपी सिटी सत्य नारायण के समझाने पर सवा घंटे बाद खोला गया। दीपांशु के पिता ऋषिपाल व पारस के पिता गजे सिंह ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सरकार से मदद की मांग की।
पहले भी गिरफ्तार हुआ था शादाब
सात नवंबर 2023 को कैलावड़ा में पुलिस ने राशिद, असलम के यहां छापा मारा था। उनके पिता इरशाद गोदाम की रखवाली करते मिले थे।तीनों से पूछताछ के बाद हसीन उर्फ भूरा तथा शादाब के यहां छापा मारा था। हसीन व शादाब भाग निकले थे। मौके से 1732 किलो पटाखे व सामग्री बरामद की थी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने राशिद, असलम, इरशाद, हसीन, शादाब को गिरफ्तार किया था। जो अब जमानत पर हैं। पुलिस ने हसीन का लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन अभी तक यह कार्रवाई नहीं हुई है।
यह हुआ मुकदमा दर्ज
पारस के पिता गजे सिंह ने तहरीर देकर कहा कि शादाब दीपांशु व पारस को रविवार को बिना बताए घर से बुलाकर पैकिंग कराने के लिए ले गया था। रात को बच्चों को घर नहीं भेजा। पटाखों के गोदाम में ही सुला दिया। गोदाम में विस्फोट होने से दोनों बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।