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बंदियों के बनाए जा रहे आधार कार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 27 Mar 2016 12:05 AM IST
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मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में बंदियों के आधार कार्ड बनाने का काम शासन के आदेश पर दो सदस्यीय टीम ने शुरू कर दिया है। पहले दिन पिन कोड नहीं होने के चलते काम नहीं हो पाया। सोमवार से पूरी तैयारी के साथ कार्ड बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
शासन के आदेश पर कारागार में बंद करीब ढाई हजार बंदियों के आधार कार्ड बनवाए जाएंगे। इसके लिए कारागार में दो सदस्यीय टीम ने काम शुरू कर दिया है। सभी बंदियों के पते कारागार से तस्दीक किए जाएंगे। जेल में जो पता बंदी का लिखा हुआ है, बाद में उसी पते पर बंदी के आधार कार्ड को भेजा जाएगा।
शुक्रवार से शुुरू किए गए इस कार्य में अधिकतर बंदियों को अपने गांव के पिनकोड पता नहीं होने के कारण पहले दिन कार्ड बनवाने में दिक्कत आई। अब पहले नेट से सभी गांवों के पिनकोड की लिस्ट मंगवाकर तब कार्ड बनाने का काम शुरू किया जाएगा। सोमवार से काम सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि सभी बंदियों के कार्ड बनवाकर डाक से उनके घरों को भेजा जाएगा ताकि यहां से छूटने के बाद वह वह कार्ड को अपने कामों में इस्तेमाल कर सके।
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शासन के आदेश पर कारागार में बंद करीब ढाई हजार बंदियों के आधार कार्ड बनवाए जाएंगे। इसके लिए कारागार में दो सदस्यीय टीम ने काम शुरू कर दिया है। सभी बंदियों के पते कारागार से तस्दीक किए जाएंगे। जेल में जो पता बंदी का लिखा हुआ है, बाद में उसी पते पर बंदी के आधार कार्ड को भेजा जाएगा।
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शुक्रवार से शुुरू किए गए इस कार्य में अधिकतर बंदियों को अपने गांव के पिनकोड पता नहीं होने के कारण पहले दिन कार्ड बनवाने में दिक्कत आई। अब पहले नेट से सभी गांवों के पिनकोड की लिस्ट मंगवाकर तब कार्ड बनाने का काम शुरू किया जाएगा। सोमवार से काम सुचारु रूप से शुरू हो जाएगा। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि सभी बंदियों के कार्ड बनवाकर डाक से उनके घरों को भेजा जाएगा ताकि यहां से छूटने के बाद वह वह कार्ड को अपने कामों में इस्तेमाल कर सके।
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