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विशेष अदालत का फैसला हैरान करने वाला : मदनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि दिन की रोशनी में विवादित ढांचा गिराया गया जिसे पूरी दुनिया ने देखा। उसके जिम्मेदार कौन लोग हैं और उस वक्त उत्तर प्रदेश की सत्ता पर कौन विराजमान थे, ये पूरी दुनिया जानती है । इसके बावजूद सीबीआई की विशेष अदालत ने जो फैसला सुनाया वह हैरान करने वाला है।
मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि अयोध्या के संपत्ति अधिकार मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह माना था कि विवादित ढांचे का निर्माण किसी मंदिर को तोड़कर नहीं किया गया था। इसलिए ढांचे के अंदर मूर्ति रखने और फिर उसे तोड़ने को आपराधिक कार्य करार देते हुए स्पष्ट कहा था कि जिन लोगों के उकसाने पर यह काम किया गया वह भी मुजरिम हैं। मदनी ने सवाल उठाते हुए कहा कि उसके बावजूद सीबीआई कोर्ट की नजर में सब निर्दोष कैसे हो गए। यह न्याय है या न्याय का खून है। मौलाना मदनी ने कहा कि जिन लोगों के संरक्षण में विवादित ढांचा तोड़ा गया और जिन्होंने उसे तोड़ने को अपनी राजनीति और सत्ता की बुलंदी का कारण समझा था, वह बाइज्जत बरी कर दिए गए, लेकिन वे लोग भाजपा के ही शासनकाल में राजनीतिक रूप से बेहैसियत और बेनाम-ओ-निशान हो गए, ये अल्लाह की बेआवाज लाठी की मार है।
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देवबंद(सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि दिन की रोशनी में विवादित ढांचा गिराया गया जिसे पूरी दुनिया ने देखा। उसके जिम्मेदार कौन लोग हैं और उस वक्त उत्तर प्रदेश की सत्ता पर कौन विराजमान थे, ये पूरी दुनिया जानती है । इसके बावजूद सीबीआई की विशेष अदालत ने जो फैसला सुनाया वह हैरान करने वाला है।
मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि अयोध्या के संपत्ति अधिकार मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह माना था कि विवादित ढांचे का निर्माण किसी मंदिर को तोड़कर नहीं किया गया था। इसलिए ढांचे के अंदर मूर्ति रखने और फिर उसे तोड़ने को आपराधिक कार्य करार देते हुए स्पष्ट कहा था कि जिन लोगों के उकसाने पर यह काम किया गया वह भी मुजरिम हैं। मदनी ने सवाल उठाते हुए कहा कि उसके बावजूद सीबीआई कोर्ट की नजर में सब निर्दोष कैसे हो गए। यह न्याय है या न्याय का खून है। मौलाना मदनी ने कहा कि जिन लोगों के संरक्षण में विवादित ढांचा तोड़ा गया और जिन्होंने उसे तोड़ने को अपनी राजनीति और सत्ता की बुलंदी का कारण समझा था, वह बाइज्जत बरी कर दिए गए, लेकिन वे लोग भाजपा के ही शासनकाल में राजनीतिक रूप से बेहैसियत और बेनाम-ओ-निशान हो गए, ये अल्लाह की बेआवाज लाठी की मार है।
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