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रोडवेज बस ने मारी बाइक में टक्कर, दो युवकों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:17 AM IST
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रोडवेज बस की टक्कर के बाद सड़क पर पड़ा युवक का शव।
- फोटो : अमर उजाला
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पानीपत-खटीमा राजमार्ग उस समय लहूलुहान हो गया, जब बाइक सवार तीन युवकों को रोडवेज की बस ने कुचल डाला। दुर्घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरे को गंभीर हालत के चलते मेरठ रेफर कर दिया गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृत दोनों युवकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। युवक हेलमेट नहीं पहने हुए थे।
छपार के सिसौना निवासी मोनू (22) पुत्र नरेश, शाहपुर के बरवाला निवासी नीरज (23) पुत्र रोहताश और परीक्षित उर्फ डब्बू (20) पुत्र वकील बिजनौर में बिजली ठेकेदार के यहां मजदूरी करते थे। शनिवार दोपहर तीनों अपना काम निपटा कर अपने घरों की ओर लौट रहे थे। बाइक को मोनू चला रहा था। तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था।
शाम करीब छह बजे तीनों सिखेड़ा थाने के निराना गांव में गन्ना सेंटर के सामने पहुंचे तभी पीछे से आई रोडवेज बस के चालक ने एक गड्ढे को बचाने के प्रयास में बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक बस को मौके से भगा ले गया। टक्कर लगते ही तीनों के सिर जोर से सड़क में लगे। मोनू और नीरज की मौके पर ही मौत हो गई।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीसरे घायल परीक्षित को तुरंत एबुलेंस से जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। मारे गए दोनों युवकों की पुलिस ने काफी देर तक शिनाख्त का प्रयास किया।
बाद में उनकी जेबों से मिली आईडी से शिनाख्त होने पर पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना कर दी। पुलिस ने दोनों युवकों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने लोगों की सहायता से दुर्घटना करने वाली बस की भी घंटों तलाश की, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई।
बिना हेलमेट के फिर गई दो जान
मुजफ्फरनगर। जिले में सड़क दुर्घनाओं में हो रही युवकों की मौत का कारण हेलमेट नहीं पहनना है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी युवक हेलमेट पहनने को तैयार नहीं हैं। अप्रैल माह के भीतर ही तितावी, फुगाना और सिखेड़ा थानों में करीब आधा दर्जन युवकों की जान बाइक दुर्घटनाओं में हो चुकी है।
इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि इन सभी दुर्घटनाओं के बाइक सवार युवकों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। अमूल्य जीवन का रिस्क हजार रुपये के हेलमेट पर टिक गया है। जिले में रोजाना हो रहे सड़क हादसों में मौतें हो रही हैं, लेकिन लोग बिना हेलमेट के बाइक चलाने के ढर्रे को बदलने को तैयार नहीं हैं।
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छपार के सिसौना निवासी मोनू (22) पुत्र नरेश, शाहपुर के बरवाला निवासी नीरज (23) पुत्र रोहताश और परीक्षित उर्फ डब्बू (20) पुत्र वकील बिजनौर में बिजली ठेकेदार के यहां मजदूरी करते थे। शनिवार दोपहर तीनों अपना काम निपटा कर अपने घरों की ओर लौट रहे थे। बाइक को मोनू चला रहा था। तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था।
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शाम करीब छह बजे तीनों सिखेड़ा थाने के निराना गांव में गन्ना सेंटर के सामने पहुंचे तभी पीछे से आई रोडवेज बस के चालक ने एक गड्ढे को बचाने के प्रयास में बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक बस को मौके से भगा ले गया। टक्कर लगते ही तीनों के सिर जोर से सड़क में लगे। मोनू और नीरज की मौके पर ही मौत हो गई।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीसरे घायल परीक्षित को तुरंत एबुलेंस से जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां से गंभीर हालत के चलते उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। मारे गए दोनों युवकों की पुलिस ने काफी देर तक शिनाख्त का प्रयास किया।
बाद में उनकी जेबों से मिली आईडी से शिनाख्त होने पर पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना कर दी। पुलिस ने दोनों युवकों के शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने लोगों की सहायता से दुर्घटना करने वाली बस की भी घंटों तलाश की, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई।
बिना हेलमेट के फिर गई दो जान
मुजफ्फरनगर। जिले में सड़क दुर्घनाओं में हो रही युवकों की मौत का कारण हेलमेट नहीं पहनना है। आए दिन हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी युवक हेलमेट पहनने को तैयार नहीं हैं। अप्रैल माह के भीतर ही तितावी, फुगाना और सिखेड़ा थानों में करीब आधा दर्जन युवकों की जान बाइक दुर्घटनाओं में हो चुकी है।
इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि इन सभी दुर्घटनाओं के बाइक सवार युवकों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहन रखा था। अमूल्य जीवन का रिस्क हजार रुपये के हेलमेट पर टिक गया है। जिले में रोजाना हो रहे सड़क हादसों में मौतें हो रही हैं, लेकिन लोग बिना हेलमेट के बाइक चलाने के ढर्रे को बदलने को तैयार नहीं हैं।