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कम नहीं हुआ नोटों का संकट  

Tue, 15 Nov 2016 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 15 Nov 2016 12:56 AM IST
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The crisis has not diminished notes
नोट
 भारत सरकार की 500 एवं 1000 के नोट बंद होने के बाद सोमवार को गुरुनानक जयंती पर बैंकों के बंद होने से आम पब्लिक को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एसबीआई की मुख्य शाखा रेलवे रोड के एटीएम से ही लोगों को पैसे मिल पाए। इसके अलावा एक-दो एटीएम कुछ देर ही चल पाए। लोग एटीएम की तलाश में दिनभर इधर-उधर भटकते रहे।
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बैंकों से नोट बदलने को लेकर मारामारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। बैंकों में भारी भीड़ जुट रही है। लगातार भीड़ से जूझते कर्मचारियों को सोमवार को सुस्ताने का मौका मिला। बैंकों के बंद होने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। एसबीआई के एक-दो एटीएम को छोड़कर किसी एटीएम पर पैसे नहीं निकले। आम जनता पर पैसा नहीं होने से बाजारों में भी असर साफ दिखाई दे रहा है। बाजार में ग्राहक नहीं हैं।
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व्यापारी भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। लोगों के पास पैसा नहीं होने से लगभग सभी कामकाज बंद पड़े हैं। जिन लोगों ने जैसे-तैसे कर नोट बदल भी लिए, उनके नोट भी दुकानदार लेने से कतरा रहे हैं। शहर के कुशलपाल ने बताया कि दो दिन की भागदौड़ के बाद 2000 का नोट हासिल किया। अब कुछ सामान लेना चाहते हैं तो दुकानदार खुले नहीं होने की बात कह रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि 2000 का सामान लेंगे तो नोट चल सकता है, खुले पैसे वह कहां से लाएं। इसी तरह की पीड़ा तमाम लोगों की है। पुराने नोट तो चल ही नहीं रहे, नए 2000 के नोटों को भी लोग लिए घूम रहे हैं। 
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बार-बार पैसे बदलने वालों की होगी जांच
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने कहा कि कुछ लोग एक ही आईडी पर बार-बार पैसे लेने आ रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे से ऐसे लोगों की पहचान कराई जा रही है, ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जानकारी मिली है कि कुछ लोगों ने मजदूरी पर लोगों को पैसे बदलवाने पर लगा रखा है। कुछ फैक्ट्री मालिकों ने मजदूरों को इसी काम पर लगा दिया है, ऐसे सभी लोगों की पहचान की जा रही है। व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखा जाएगा।       
      
147 करोड़ की हो चुकी है निकासी 
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने अवकाश के दिन भी जिले में बैंकों की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की बैठक ली। जिले में 274 राष्ट्रीकृत बैंकों की शाखाएं हैं। एक हफ्ते में जिले में 147 करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है। बैंकों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के लिए परेशानी खड़ी हो रही है। जिले के 300 पुलिसकर्मी 100 डायल की ट्रेनिंग में व्यस्त हैं। फोर्स की कमी को देखते हुए डीएम ने एनसीसी कैडेट्स की मदद लेने के लिए कहा है। बैठक में पीएनबी अधिकारियों ने अपने पास एक ही दिन का कैश होने की बात कही। इस पर डीएम ने एसबीआई से एक दिन का कैश समायोजित करने के लिए कहा, तब तक नई मुद्रा बैंकों में आ जाएगी। सभी बैंकों ने आपसी सहयोग देने का आश्वासन दिया। 

दवा व्यापारी करेंगे सहयोग      
मुजफ्फरनगर। डीएम डीके सिंह ने शहर के फुटकर दवा विक्रेताओं की बैठक ली। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ बैठक में इस बात पर सहमति बनी की यदि कोई ग्राहक 200 की दवा लेता है और उस पर खुले नहीं हैं तो वह अपनी आईडी के साथ 500 और हजार का नोट दे सकता है, जब पांच-छह दिन बाद वह दूसरी मुद्रा देगा तो उसका नोट वापस कर दिया जाए।        


आईडी का हो रहा है दुरुपयोग      
मुजफ्फरनगर। भाजपा सभासद पिंकी ने आरोप लगाया कि नोट बदलने में लोग आईडी का दुरुपयोग कर रहे हैं। कुछ लोग एक ही आईडी कई-कई बार पैसे ले रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान होनी चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए। वित्तीय संकट के इस समय में नागरिकों को भी सहयोग करना चाहिए। 
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