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मार्केट का निर्माण रुकवाया, योगी दरबार में गुहार के बाद जागे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:18 AM IST
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मार्केट का निर्माण रुकवाने पहुंचे अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के पॉश इलाके में अवैध निर्माण किए जाने की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में पहुंचने के बाद एक माह से सोया प्रशासन जाग गया। आनन-फानन में डीएम के निर्देश पर तहसीलदार ने पुलिस फोर्स के साथ पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। कई दशक से खाली पड़ी पुराने भोपा स्टैंड की भूमि पर मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में विवाद खड़ा हो गया है। डीएम डीके सिंह ने मामले में एमडीए के वीसी को तलब किया है।
अवैध कब्जों और भूमाफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश का असर मंगलवार को शहर में नजर आया। एक माह से भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत लिए स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधायक केशव गुप्ता के पौत्र अधिवक्ता कमल कृष्ण गुप्ता, शलभ गुप्ता, नकुल गुप्ता, आशीष गुप्ता आदि ने तहसीलदार ने लेकर डीएम तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
भूमि पर स्वामित्व को लेकर कागजों में फंसे खेल से निराश पूर्व विधायक के वारिसों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के दरबार में शिकायत की। सीएम कार्यालय ने प्रशासन से मामले में जानकारी मांगी तो एकाएक प्रशासन हरकत में आ गया। तहसीलदार रंजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ होली एंजिल्स स्कूल के सामने बनाए जा रहे मार्केट में पहुंचे और निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया। तहसीलदार की कार्रवाई के दौरान आसिफ राही ने अपना पक्ष रखा।
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इस मामले में डीएम डीके सिंह ने विवादित भूमि पर नक्शे की फाइल के साथ एमडीए के वीसी वीेके यदुवंशी को तलब किया है। शहर के बीचोंबीच स्थित भूमि की कीमत करोड़ों में है। भूमि पर स्वामित्व को लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केशव गुप्ता के वारिसों और वक्फ बोर्ड कमेटी अध्यक्ष सिराजुद्दीन आदि के बीच विवाद चल रहा है। वक्फ बोर्ड कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि यह भूमि वक्फ से लीज पर लेकर नियमानुसार एमडीए से नक्शा पास कराया गया है।
उधर, पूर्व विधायक के वारिस कमल गुप्ता का कहना है कि यह भूमि का बैनामा वर्ष 1934 का उनके परिवार के नाम है, जिसका सरकारी दस्तावेज केंद्रीय अभिलेखागार निबंधन के रिकार्ड से प्राप्त कर लिया है। तहसील से प्राप्त खसरा-खतौनी में भी उन्हें उक्त भूमि का वारिस दर्शाया गया है। आखिर कैसे एमडीए ने 550 गज फ्रंट की जमीन पर मार्केट का नक्शा पास कर दिया। डीएम और एमडीए वीसी को दो बार लिखित में दस्तावेजों के साथ शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
थक-हारकर उन्हें सीएम की शरण में जाना पड़ा। वक्फ बोर्ड पीर इब्राहिम अली चिराग अली शाह बोर्ड कमेटी अध्यक्ष सिराजुद्दीन का कहना है कि निर्माण नियमों के मुताबिक किया गया है। सारे कागजात लेकर डीएम से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
शिकायत संज्ञान में आने के बाद मार्केट का नक्शा पास करने पर एमडीए वीसी को तलब किया गया है। फिलहाल निर्माण मानचित्र के अनुरूप नहीं पाया गया है। तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोक दिया गया है। भूमि पर स्वामित्व को लेकर मामले की जांच कराई जाएगी -दिनेश कुमार सिंह, डीएम।
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अवैध कब्जों और भूमाफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश का असर मंगलवार को शहर में नजर आया। एक माह से भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत लिए स्वतंत्रता सेनानी एवं पूर्व विधायक केशव गुप्ता के पौत्र अधिवक्ता कमल कृष्ण गुप्ता, शलभ गुप्ता, नकुल गुप्ता, आशीष गुप्ता आदि ने तहसीलदार ने लेकर डीएम तक का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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भूमि पर स्वामित्व को लेकर कागजों में फंसे खेल से निराश पूर्व विधायक के वारिसों ने सीएम योगी आदित्यनाथ के दरबार में शिकायत की। सीएम कार्यालय ने प्रशासन से मामले में जानकारी मांगी तो एकाएक प्रशासन हरकत में आ गया। तहसीलदार रंजीत सिंह पुलिस फोर्स के साथ होली एंजिल्स स्कूल के सामने बनाए जा रहे मार्केट में पहुंचे और निर्माण कार्य तत्काल रुकवा दिया। तहसीलदार की कार्रवाई के दौरान आसिफ राही ने अपना पक्ष रखा।
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इस मामले में डीएम डीके सिंह ने विवादित भूमि पर नक्शे की फाइल के साथ एमडीए के वीसी वीेके यदुवंशी को तलब किया है। शहर के बीचोंबीच स्थित भूमि की कीमत करोड़ों में है। भूमि पर स्वामित्व को लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केशव गुप्ता के वारिसों और वक्फ बोर्ड कमेटी अध्यक्ष सिराजुद्दीन आदि के बीच विवाद चल रहा है। वक्फ बोर्ड कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि यह भूमि वक्फ से लीज पर लेकर नियमानुसार एमडीए से नक्शा पास कराया गया है।
उधर, पूर्व विधायक के वारिस कमल गुप्ता का कहना है कि यह भूमि का बैनामा वर्ष 1934 का उनके परिवार के नाम है, जिसका सरकारी दस्तावेज केंद्रीय अभिलेखागार निबंधन के रिकार्ड से प्राप्त कर लिया है। तहसील से प्राप्त खसरा-खतौनी में भी उन्हें उक्त भूमि का वारिस दर्शाया गया है। आखिर कैसे एमडीए ने 550 गज फ्रंट की जमीन पर मार्केट का नक्शा पास कर दिया। डीएम और एमडीए वीसी को दो बार लिखित में दस्तावेजों के साथ शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
थक-हारकर उन्हें सीएम की शरण में जाना पड़ा। वक्फ बोर्ड पीर इब्राहिम अली चिराग अली शाह बोर्ड कमेटी अध्यक्ष सिराजुद्दीन का कहना है कि निर्माण नियमों के मुताबिक किया गया है। सारे कागजात लेकर डीएम से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
शिकायत संज्ञान में आने के बाद मार्केट का नक्शा पास करने पर एमडीए वीसी को तलब किया गया है। फिलहाल निर्माण मानचित्र के अनुरूप नहीं पाया गया है। तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य रोक दिया गया है। भूमि पर स्वामित्व को लेकर मामले की जांच कराई जाएगी -दिनेश कुमार सिंह, डीएम।