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चीनी मिल नहीं कर रहीं भुगतान, पाई-पाई के लिए तरसा किसान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:15 AM IST
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तितावी शुगर मिल।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के गन्ना किसान बकाया भुगतान नहीं होने से लगातार आर्थिक संकट से जुझ रहे हैं। अकेले तितावी चीनी मिल पर किसानों का 125 करोड़ रुपया बकाया है। जिले की खतौली, भैसाना और खाईखेडी चीनी मिल भी बकाया वाली हैं।
बीते वर्ष के गन्ने के पेराई सत्र को समाप्त हुए भी छह माह हो चुके हैं। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीते माह जिले के गांव नसीरपुर में घोषणा की थी कि किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान सरकार खुद कराएगी। इससे किसानों को आश बंधी थी।
घोषणा के एक माह बाद जिले की एक चीनी मिल तितावी के खिलाफ सरकार ने आरसी जारी की है। किसानों में इसे लेकर प्रतिक्रिया है। किसानों का कहना है कि उन्हें तो अपना पैसा चाहिए, उन्हें इससे क्या लेना देना किसी की आसी जारी हुई और किस पर मुकदमा हो रहा और किस पर नहीं।
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तितावी चीनी मिल पर क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा परेशान है। यहां अधिक बकाया है। गांव जसोई के किसान विजयपाल का कहना है कि किसानों के सामने बच्चों की फीस जमा करने को लेकर आर्थिक परेशानी है। चीनी मिल से भुगतान की उम्मीद बार-बार टूट रही है। गांव पीनना, तितावी के किसान भी यही कहते हैं कि उनके साथ धोखा किया जा रहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों का भुगतान कराए।
जिले की खाईखेडी चीनी मिल पर 18 करोड, खतौली पर 18 करोड और भैसाना पर 44 करोड़ बकाया है। जिले की चीनी मिलों पर 203 करोड बकाया है। किसानों का समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसान नेता विकास बालियान कहते हैं कि चीनी मिले इस समय मुनाफे में है। जानबूझकर किसानों का भुगतान रोकने का काम कर रही है। मुकदमा दर्ज करने से कुछ नहीं होने वाला, किसानों को तो अपना पैसा चाहिए।
चीनी मिलों के दूसरे व्यापार बंद कराएं : टिकैत
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि चीनी मिलों पर मुकदमा दर्ज हो न हो, आरसी जारी हो या नहीं, इससे किसानों को कोई मतलब नहीं है। किसानों को तो अपना पैसा चाहिए। प्रदेश सरकार को चाहिए कि उत्तम शुगर मिल की एजेंसी को कब्जे में ले, दो दिन में भुगतान हो जाएगा।
बजाज शुगर मिल का पावर प्लांट बंद कर दें, देखे कैसे नहीं होता भुगतान। सहारनपुर की गागलहेडी चीनी मिल का मालिक ढाई साल से जेल में बंद है, पैसे देते नहीं, बताओ क्या करें। सहारा का मालिक बंद है, हमें तो पैसे से मतलब है। प्रदेश में किसानों का पांच हजार करोड चीनी मिलों पर बकाया है।
चीनी मिलों पर बनाया जा रहा है दबाव : डीएम
डीएम डीके सिंह का कहना है कि बकाया गन्ना भुगतान को लेकर चीनी मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। चीनी मिल मालिकों और अधिकारियों के साथ वे लगातार बैठक भी कर रहे है। ये प्रयास है कि किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द हो।
बीते वर्ष के गन्ने के पेराई सत्र को समाप्त हुए भी छह माह हो चुके हैं। किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीते माह जिले के गांव नसीरपुर में घोषणा की थी कि किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान सरकार खुद कराएगी। इससे किसानों को आश बंधी थी।
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घोषणा के एक माह बाद जिले की एक चीनी मिल तितावी के खिलाफ सरकार ने आरसी जारी की है। किसानों में इसे लेकर प्रतिक्रिया है। किसानों का कहना है कि उन्हें तो अपना पैसा चाहिए, उन्हें इससे क्या लेना देना किसी की आसी जारी हुई और किस पर मुकदमा हो रहा और किस पर नहीं।
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तितावी चीनी मिल पर क्षेत्र के किसान सबसे ज्यादा परेशान है। यहां अधिक बकाया है। गांव जसोई के किसान विजयपाल का कहना है कि किसानों के सामने बच्चों की फीस जमा करने को लेकर आर्थिक परेशानी है। चीनी मिल से भुगतान की उम्मीद बार-बार टूट रही है। गांव पीनना, तितावी के किसान भी यही कहते हैं कि उनके साथ धोखा किया जा रहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह किसानों का भुगतान कराए।
जिले की खाईखेडी चीनी मिल पर 18 करोड, खतौली पर 18 करोड और भैसाना पर 44 करोड़ बकाया है। जिले की चीनी मिलों पर 203 करोड बकाया है। किसानों का समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। किसान नेता विकास बालियान कहते हैं कि चीनी मिले इस समय मुनाफे में है। जानबूझकर किसानों का भुगतान रोकने का काम कर रही है। मुकदमा दर्ज करने से कुछ नहीं होने वाला, किसानों को तो अपना पैसा चाहिए।
चीनी मिलों के दूसरे व्यापार बंद कराएं : टिकैत
भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि चीनी मिलों पर मुकदमा दर्ज हो न हो, आरसी जारी हो या नहीं, इससे किसानों को कोई मतलब नहीं है। किसानों को तो अपना पैसा चाहिए। प्रदेश सरकार को चाहिए कि उत्तम शुगर मिल की एजेंसी को कब्जे में ले, दो दिन में भुगतान हो जाएगा।
बजाज शुगर मिल का पावर प्लांट बंद कर दें, देखे कैसे नहीं होता भुगतान। सहारनपुर की गागलहेडी चीनी मिल का मालिक ढाई साल से जेल में बंद है, पैसे देते नहीं, बताओ क्या करें। सहारा का मालिक बंद है, हमें तो पैसे से मतलब है। प्रदेश में किसानों का पांच हजार करोड चीनी मिलों पर बकाया है।
चीनी मिलों पर बनाया जा रहा है दबाव : डीएम
डीएम डीके सिंह का कहना है कि बकाया गन्ना भुगतान को लेकर चीनी मिलों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। चीनी मिल मालिकों और अधिकारियों के साथ वे लगातार बैठक भी कर रहे है। ये प्रयास है कि किसानों का बकाया भुगतान जल्द से जल्द हो।