{"_id":"5846fff74f1c1be159448dc7","slug":"student-hostage","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र को बंधक बनाने की सूचना से हड़कंप मचा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र को बंधक बनाने की सूचना से हड़कंप मचा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
छात्र के पैरों में बंधी जंजीर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रतनपुरी के फुलत में एक मदरसा में छात्र को जंजीरों से बंधक बनाने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। मदरसा से निकलकर भागे छात्र को ग्रामीणों ने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने जांच-पड़ताल की तो पता चला कि बालक के गलत संगत में पड़ने पर उसके दादा ने तालीम के लिए मदरसा में भर्ती कराया था। मौके पर पहुंचे दादा ने पुलिस को बताया कि बार-बार भागने पर उसने ही मदरसे में जाकर जंजीरों से पैर बांध दिए थे।
मंसूरपुर के गांव नावला के रहने वाले मुर्सलीम का 13 साल का बेटा शाहवेज गलत संगत में पड़ गया था। इसलिए उसके दादा अकबर ने सोचा कि अगर उसको मदरसा में तालीम मिल जाए तो उसका पोता सुधर सकता है। इसलिए दादा ने गांव फुलत के एक मदरसा में तालीम के लिए भर्ती करा दिया था। मदरसे से भी शाहवेज कई बार भाग चुका था। मदरसा वालों ने इस बाबत उसके दादा को भी बताया था।
जिस पर उसका दादा एक दिन मदरसे में पहुंचा और शाहवेज के पांव जंजीरों से बांध दिए। यह बात दादा ने पुलिस को भी बताई थी। मंगलवार सुबह शाहवेज पैरों बंधे हुए किसी तरह से मदरसे से भाग निकला और दलित बस्ती में पहुंच गया। दलित समाज के लोगों ने छात्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि मदरसे में उसको बंधक बनाकर रखा जाता है। दलित समाज के लोगों ने सौ नंबर पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना कर दी।
विज्ञापन
छात्र को बंधक बनाने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस गांव पहुंची। ग्रामीणों ने छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने छात्र से पूछताछ की और उसके दादा को गांव मेें बुला लिया। दादा ने पुलिस को लिखकर दिया कि उसके पैरों में उसने ही जंजीर डाली थी। इसमें मदरसा के लोगों का कोई दोष नहीं है। वे किसी प्रकार की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। इसके बाद पुलिस ने दादा को उसका पोता सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन
मंसूरपुर के गांव नावला के रहने वाले मुर्सलीम का 13 साल का बेटा शाहवेज गलत संगत में पड़ गया था। इसलिए उसके दादा अकबर ने सोचा कि अगर उसको मदरसा में तालीम मिल जाए तो उसका पोता सुधर सकता है। इसलिए दादा ने गांव फुलत के एक मदरसा में तालीम के लिए भर्ती करा दिया था। मदरसे से भी शाहवेज कई बार भाग चुका था। मदरसा वालों ने इस बाबत उसके दादा को भी बताया था।
विज्ञापन
जिस पर उसका दादा एक दिन मदरसे में पहुंचा और शाहवेज के पांव जंजीरों से बांध दिए। यह बात दादा ने पुलिस को भी बताई थी। मंगलवार सुबह शाहवेज पैरों बंधे हुए किसी तरह से मदरसे से भाग निकला और दलित बस्ती में पहुंच गया। दलित समाज के लोगों ने छात्र से पूछताछ की तो उसने बताया कि मदरसे में उसको बंधक बनाकर रखा जाता है। दलित समाज के लोगों ने सौ नंबर पर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना कर दी।
विज्ञापन
छात्र को बंधक बनाने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस गांव पहुंची। ग्रामीणों ने छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने छात्र से पूछताछ की और उसके दादा को गांव मेें बुला लिया। दादा ने पुलिस को लिखकर दिया कि उसके पैरों में उसने ही जंजीर डाली थी। इसमें मदरसा के लोगों का कोई दोष नहीं है। वे किसी प्रकार की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं। इसके बाद पुलिस ने दादा को उसका पोता सुपुर्द कर दिया।