{"_id":"57fa91fd4f1c1bc16028e4fa","slug":"so-will-develop-the-shores-of-the-ganges-goshalaan-uma-bharti","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा के तटों को विकसित कर गोशालाएं बनेंगी : उमा भारती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा के तटों को विकसित कर गोशालाएं बनेंगी : उमा भारती
ब्यूरो/अमर उजाला,मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 10 Oct 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
शुक्रताल हनुमानधाम में महाराज से बातचीत करतीं साध्वी उमा भारती।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोरना में साध्वी उमा भारती ने शुक्रताल में पावन गंगा को लाने व धारा प्रवाह को बढ़वाने को आश्वासन दिया है। उन्होंने गंगा के तटों को विकसित करने तथा गोशालाएं आदि स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक पर अनर्गल बयानबाजी करना खेद की बात है।
शुक्रताल स्थित हनुमान धाम में मलूका पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज के श्री मुख से एक मास पारायण भागवत कथा के समापन पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती पहुंची थीं। उन्होंने राजस्थान के पथमेड़ा से पधारे संत गोऋषि आधुनिक नंद स्वामी शरणानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर भागवत कथा का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शुक्रताल से गंगा की दूरी 8 किलोमीटर है। सरकारी व निजी प्रयासों के द्वारा गंगा की मुख्यधारा को शुक्रताल में लाया जाएगा।
जिसके लिए धैर्य की आवश्यकता है। जिस प्रकार इंग्लैंड में टेम्स नदी को साफ करने में 40 वर्ष, जर्मनी में राईन नदी को साफ करने में 60 वर्ष और मैरी डार्लिंग जैसी नदियों को साफ करने में आस्ट्रेलिया जैसे देश को 80 वर्ष लगे। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयास नियमों के तहत किए जाते हैं। नमामि गंगे परियोजना नियमों में बंधी हुई है। इसलिए सरकारी प्रयासों से अलग निजी प्रयासों द्वारा गंगा की धारा को अविरल किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि तटों पर चारागाह विकसित कर अच्छी नस्ल की गायों को पालकर उनके गोबर से आर्गेनिक कृषि के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। जिसके लिए कृषि मंत्री राधामोहन से बात की गई है। इस अवसर पर दंडी आश्रम के स्वामी गुरुदत महाराज, हनुमत धाम के महंत स्वामी केश्वानन्द महाराज आदि ने अपने विचार रखे। आयोजन समिति अध्यक्ष कृष्ण बंसल, अरुण खंडेलवाल, चेयरमैन विनोद शर्मा, सीताराम शास्त्री, कंवरसेन गोयल, ब्रह्मचारी आनंद, सुरेश मिश्रा, राजकुमार अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
शुक्रताल स्थित हनुमान धाम में मलूका पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महाराज के श्री मुख से एक मास पारायण भागवत कथा के समापन पर केंद्रीय जल संसाधन मंत्री साध्वी उमा भारती पहुंची थीं। उन्होंने राजस्थान के पथमेड़ा से पधारे संत गोऋषि आधुनिक नंद स्वामी शरणानंद महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर भागवत कथा का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शुक्रताल से गंगा की दूरी 8 किलोमीटर है। सरकारी व निजी प्रयासों के द्वारा गंगा की मुख्यधारा को शुक्रताल में लाया जाएगा।
विज्ञापन
जिसके लिए धैर्य की आवश्यकता है। जिस प्रकार इंग्लैंड में टेम्स नदी को साफ करने में 40 वर्ष, जर्मनी में राईन नदी को साफ करने में 60 वर्ष और मैरी डार्लिंग जैसी नदियों को साफ करने में आस्ट्रेलिया जैसे देश को 80 वर्ष लगे। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयास नियमों के तहत किए जाते हैं। नमामि गंगे परियोजना नियमों में बंधी हुई है। इसलिए सरकारी प्रयासों से अलग निजी प्रयासों द्वारा गंगा की धारा को अविरल किया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि तटों पर चारागाह विकसित कर अच्छी नस्ल की गायों को पालकर उनके गोबर से आर्गेनिक कृषि के लिए किसानों को प्रेरित किया जाएगा। जिसके लिए कृषि मंत्री राधामोहन से बात की गई है। इस अवसर पर दंडी आश्रम के स्वामी गुरुदत महाराज, हनुमत धाम के महंत स्वामी केश्वानन्द महाराज आदि ने अपने विचार रखे। आयोजन समिति अध्यक्ष कृष्ण बंसल, अरुण खंडेलवाल, चेयरमैन विनोद शर्मा, सीताराम शास्त्री, कंवरसेन गोयल, ब्रह्मचारी आनंद, सुरेश मिश्रा, राजकुमार अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।