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बुढ़े माता-पिता के लिए श्रवण कुमार बने बेटे और बहु
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:06 AM IST
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माता-पिता को कांवड़ में यात्रा कराने निकले तीन और बहुएं।
- फोटो : अमर उजाला
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तीन बेटों व पुत्रवधू ने बूढ़े माता-पिता को हरिद्वार से कांवड़ में बैठाकर पैदल पुरामहादेव की ओर निकले हैं। इन बेटों ने आज लोगों को श्रवण कुमार की याद दिला दी। जिस किसी भी शख्स ने इनको देखा वह हैरान रह गया।
जिला बागपत के गांव ददवाड़ी निवासी तीन भाई देवेंद्र, विनोद और पप्पू अपने पत्नियों को साथ अपने बूढ़े पिता महावीर और माता शकुंतला को लेकर हरिद्वार गए। इन बेटों ने माता-पिता को हरिद्वार में सभी जगह तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए। इसके बाद हरिद्वार में हरकी पौड़ी से पवित्र गंगाजल भरा और कांवड़ में माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर चल दिए। शुक्रवार ये भाई रतनपुरी में रामपुर कांटे पर लगे कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचे।
विश्राम करने के बाद ये पुरामहादेव की ओर निकल गए। इस कांवड़ को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई थी। हर व्यक्ति की जुबां पर एक ही बात सुनने को मिली उन्होंने सिर्फ रामायण में पढ़ा व सुना था कि श्रवण कुमार ने अपने बूढ़े माता-पिता को कंधों पर उठाकर तीर्थ स्थनों के दर्शन कराए थे। बागपत जिले के रहने वाले इन तीनों बेटों ने आज श्रवण कुमार की याद दिला दी। हर व्यक्ति बेटों के इस माता व पिता के प्रति सेवाभाव को देखकर हैरान भी रह गए।
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जिला बागपत के गांव ददवाड़ी निवासी तीन भाई देवेंद्र, विनोद और पप्पू अपने पत्नियों को साथ अपने बूढ़े पिता महावीर और माता शकुंतला को लेकर हरिद्वार गए। इन बेटों ने माता-पिता को हरिद्वार में सभी जगह तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए। इसके बाद हरिद्वार में हरकी पौड़ी से पवित्र गंगाजल भरा और कांवड़ में माता-पिता को कांवड़ में बैठाकर चल दिए। शुक्रवार ये भाई रतनपुरी में रामपुर कांटे पर लगे कांवड़ सेवा शिविर में पहुंचे।
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विश्राम करने के बाद ये पुरामहादेव की ओर निकल गए। इस कांवड़ को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई थी। हर व्यक्ति की जुबां पर एक ही बात सुनने को मिली उन्होंने सिर्फ रामायण में पढ़ा व सुना था कि श्रवण कुमार ने अपने बूढ़े माता-पिता को कंधों पर उठाकर तीर्थ स्थनों के दर्शन कराए थे। बागपत जिले के रहने वाले इन तीनों बेटों ने आज श्रवण कुमार की याद दिला दी। हर व्यक्ति बेटों के इस माता व पिता के प्रति सेवाभाव को देखकर हैरान भी रह गए।
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