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सावन के पहले सोमवार को मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 26 Jul 2016 12:44 AM IST
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मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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श्रावण मास के पहले सोमवार को भगवान आशुतोष के दर्शन को मंदिरों, शिवालयों और शिवमूर्ति पर भारी भीड़ उमड़ी। शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया था। शिवचौक पर शाम तक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक किया।
श्रावण मास भगवान शिव का माह बताया गया है। इस माह भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। सावन माह के सोमवार को भी भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं की ऐसी मान्यता और आस्था है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने और सच्चे मन से भगवान भोले की आराधना से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। श्रावण माह के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा।
मंदिरों में भी बड़ी तादात में श्रद्धालुओं औघड़दानी शिव का गंगाजल, शहद और दूध से अभिषेक किया। इसके साथ ही भगवान भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं कमल पुष्प, बेलपत्र, धतूरा से भी पूजा-अर्चना की। गांधी कॉलोनी मंदिर, सुभाष नगर का शिव मंदिर, अंसारी रोड स्थित भौहरावाला शिव मंदिर, नईमंडी शिवमंदिर के अलावा शहर के सभी शिवालय और मंदिर ओम नम: शिवाय और बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहे। शहर के हृदय शिवमूर्ति पर सुबह से शाम तक पूजा-अर्चना करने वालों का तांता लगा रहा। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
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शिवमूर्ति पर महाआरती
श्रावण मास के पहले सोमवार को देर शाम शिवमूर्ति पर महाआरती का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि समाजसेवी शंकर स्वरूप ने आरती की। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आरती का बाद प्रसाद वितरण हुआ।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रावण मास में शहर का हृदय शिवचौक रंगीन रोशनी से सजाया गया है। शिवमूर्ति का भी भव्य श्रृंगार किया गया है। जो देखते ही बनता है। शिव चौक श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। यहां शिव भक्त कांवड़िए भगवान शिव की परिक्रमा कर अपने ईष्ट शिवालय की ओर बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार देर शाम को महाआरती का आयोजन हुआ। समाजसेवी शंकर स्वरूप ने श्रद्धालुओं के साथ भगवान शिव की आरती की। इस दौरान साधु राम गर्ग, आत्माराम गर्ग, सुशील शर्मा, ब्रजमोहन, गोपाल आदि मौजूद रहे।
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श्रावण मास भगवान शिव का माह बताया गया है। इस माह भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। सावन माह के सोमवार को भी भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं की ऐसी मान्यता और आस्था है कि सावन के सोमवार का व्रत रखने और सच्चे मन से भगवान भोले की आराधना से सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। श्रावण माह के पहले सोमवार को शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ा।
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मंदिरों में भी बड़ी तादात में श्रद्धालुओं औघड़दानी शिव का गंगाजल, शहद और दूध से अभिषेक किया। इसके साथ ही भगवान भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं कमल पुष्प, बेलपत्र, धतूरा से भी पूजा-अर्चना की। गांधी कॉलोनी मंदिर, सुभाष नगर का शिव मंदिर, अंसारी रोड स्थित भौहरावाला शिव मंदिर, नईमंडी शिवमंदिर के अलावा शहर के सभी शिवालय और मंदिर ओम नम: शिवाय और बम भोले के जयकारों से गुंजायमान रहे। शहर के हृदय शिवमूर्ति पर सुबह से शाम तक पूजा-अर्चना करने वालों का तांता लगा रहा। यहां पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।
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शिवमूर्ति पर महाआरती
श्रावण मास के पहले सोमवार को देर शाम शिवमूर्ति पर महाआरती का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि समाजसेवी शंकर स्वरूप ने आरती की। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आरती का बाद प्रसाद वितरण हुआ।
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रावण मास में शहर का हृदय शिवचौक रंगीन रोशनी से सजाया गया है। शिवमूर्ति का भी भव्य श्रृंगार किया गया है। जो देखते ही बनता है। शिव चौक श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। यहां शिव भक्त कांवड़िए भगवान शिव की परिक्रमा कर अपने ईष्ट शिवालय की ओर बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार देर शाम को महाआरती का आयोजन हुआ। समाजसेवी शंकर स्वरूप ने श्रद्धालुओं के साथ भगवान शिव की आरती की। इस दौरान साधु राम गर्ग, आत्माराम गर्ग, सुशील शर्मा, ब्रजमोहन, गोपाल आदि मौजूद रहे।