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पैगंबर साहब की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 13 Dec 2016 12:07 AM IST
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सोशल मीडिया पर पैगंबर साहब की शान में कुछ लोग आए दिन गुस्ताखी कर रहे हैं। यह मुस्लिम समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। इस पर कानूनी रूप से पाबंदी के साथ कार्रवाई के आवाज उठाई गई। साथ ही तीन तलाक के मामले में केंद्र सरकार की दखलंदाजी को भी नाजायज ठहराया गया।
शाहवली उल्लाह इस्लामिक लाइब्रेरी स्थित होजवाली जामा मस्जिद में सोमवार को फलाहे इंसानियत वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में सभा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर पैगंबर-ए-इस्लाम से मुताल्लिक कुछ लोग टिप्पणियां कर रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
साथ ही म्यांमार में मुस्लिमों पर हो रहे जुल्म की निंदा की गई। इसके अलावा वक्ताओं ने कहा कि तीन तलाक का मामला मुस्लिम समाज में कुरान-ए-पाक और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर आधारित है। इसमें हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार इसमें दखलंदाजी कर रही है।
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हॉल ही में हाईकोर्ट द्वारा पर्सनल लॉ बोर्ड पर की गई टिप्पणी पर ऐतराज जताया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इन मुद्दों को लेकर 16 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद संगठन राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपेगा।
बैठक की अध्यक्षता कारी मोहम्मद खालिद तथा संचालन मोहम्मद आफताब कुरैशी ने किया। बैठक में कारी मोहम्मद अशरफ, इंजीनियर मोहम्मद यासीन, मोहम्मद दिलशाद कुरैशी, डॉ. शमीमुल हसन, मोहम्मद फरमान, सुल्तान चौधरी, नूर अहमद, मोहम्मद शकील, फैसल अहमद, सूफी अब्दुल्ला, कारी मोहम्मद सालिम, नूर इलाही, मोहम्मद राशिद आदि मौजूद रहे।
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शाहवली उल्लाह इस्लामिक लाइब्रेरी स्थित होजवाली जामा मस्जिद में सोमवार को फलाहे इंसानियत वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में सभा हुई। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया पर पैगंबर-ए-इस्लाम से मुताल्लिक कुछ लोग टिप्पणियां कर रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।
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साथ ही म्यांमार में मुस्लिमों पर हो रहे जुल्म की निंदा की गई। इसके अलावा वक्ताओं ने कहा कि तीन तलाक का मामला मुस्लिम समाज में कुरान-ए-पाक और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर आधारित है। इसमें हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार इसमें दखलंदाजी कर रही है।
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हॉल ही में हाईकोर्ट द्वारा पर्सनल लॉ बोर्ड पर की गई टिप्पणी पर ऐतराज जताया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि इन मुद्दों को लेकर 16 दिसंबर को जुमे की नमाज के बाद संगठन राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपेगा।
बैठक की अध्यक्षता कारी मोहम्मद खालिद तथा संचालन मोहम्मद आफताब कुरैशी ने किया। बैठक में कारी मोहम्मद अशरफ, इंजीनियर मोहम्मद यासीन, मोहम्मद दिलशाद कुरैशी, डॉ. शमीमुल हसन, मोहम्मद फरमान, सुल्तान चौधरी, नूर अहमद, मोहम्मद शकील, फैसल अहमद, सूफी अब्दुल्ला, कारी मोहम्मद सालिम, नूर इलाही, मोहम्मद राशिद आदि मौजूद रहे।