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हरविंद्र तेरा बलिदान, याद करेगा हिंदुस्तान
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:24 AM IST
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शहीद हरविंद्र के अंतिम संस्कार में जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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बिहार में औरंगाबाद और गया जिलों की सीमा पर नक्सली हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान हरविंद्र पंवार का जानसठ तहसील के पैतृक गांव जड़वड़ कटिया में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों ग्रामीण गांव पहुंचे। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान और एमएलसी वीरेंद्र सिंह समेत राजनीतिक दलों के नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किए।
बिहार में रविवार रात सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दस जवान शहीद हो गए थे। जिले के गांव जड़वड़ कटिया के किसान भीष्म सिंह गुर्जर के बेटे हरविंद्र पंवार (24) ने भी शहादत पाई है। हरविंद्र कोबरा बटालियन 205 का सिपाही था। गमजदा परिजन और ग्रामीण तब से उसके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थे। गया एयरपोर्ट से मंगलवार रात 12.40 बजे शहीद का शव दिल्ली पहुंचा। जहां 29 वीं वाहिनी सीआरपीएफ ने हरविंद्र के पार्थिव शरीर को अपनी सुपुर्दगी में लेकर रात्रि में ही मेरठ पहुंचाया।
जहां से आरआरएफ 108 की बटालियन बुधवार सुबह 6.00 बजे जड़वड़ कटिया गांव शव लेकर पहुंची। पार्थिव शरीर के आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां धनवती लाड़ले के ताबूत से लिपट पर फफक पड़ी। नाते, रिश्तेदारों और बच्चों के आंसू भी थम नहीं पाए। हजारों ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हरविंद्र का बलिदान, नहीं भूलेगा हिंदुस्तान, जब तक सूरज चांद रहेगा, हरविंद्र तेरा नाम रहेगा, जैसे नारों के बीच गांव के मुख्य मार्गों से अंतिम यात्रा निकली।
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अंतेष्टि से पूर्व सीआरपीएफ डीआईजी रामपुर जगजीत सिंह ने बटालियन के 15 सिपाहियों के साथ शहीद को सलामी दी। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान, पूर्व कैबिनेट मंत्री एमएलसी वीरेंद्र सिंह, मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद, पूर्व विधायक शाहनवाज राना, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह, सपा नेता चंदन चौहान, रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, अभिषेक चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इलम सिंह गुर्जर,
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार, डॉ वीरपाल निर्वाल, नजर सिंह, पूर्व प्राचार्य रामपाल सिंह, प्रधान पवन, राजपाल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी दीपक कुमार, एसपी देहात राकेश कुमार जौली, एसडीएम उमेश मिश्रा, सीओ सुक्ष्म प्रकाश, तहसीलदार अशोक कुमार आदि ने शहीद सिपाही को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। बड़े भाई हरेंद्र पंवार ने चिता को मुखाग्नि दी।
पीड़ित परिवार को मिले योजनाओं का लाभ
ग्रामीणों ने शहीद सिपाही की स्मृति में गांव का मुख्य द्वार, परिजनों के लिए गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप आदि की मांग की। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार की शहीद सैनिकों के लिए निर्धारित योजनाओं का लाभ पीडित परिवार को दिलाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा शहादत के बाद कोई घोषणा नहीं किए जाने पर नाराज ग्रामीणों
यशपाल सिंह, जसवीर, विनोद आदि को एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आग्रह कर हर संभव सहायता दिलाई जाएगी। एमएलसी ने शहीद के पिता भीष्म सिंह को ढांढस बंधाया और कहा कि हरविंद्र का बलिदान भुलाया नहीं जाएगा।
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बिहार में रविवार रात सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दस जवान शहीद हो गए थे। जिले के गांव जड़वड़ कटिया के किसान भीष्म सिंह गुर्जर के बेटे हरविंद्र पंवार (24) ने भी शहादत पाई है। हरविंद्र कोबरा बटालियन 205 का सिपाही था। गमजदा परिजन और ग्रामीण तब से उसके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे थे। गया एयरपोर्ट से मंगलवार रात 12.40 बजे शहीद का शव दिल्ली पहुंचा। जहां 29 वीं वाहिनी सीआरपीएफ ने हरविंद्र के पार्थिव शरीर को अपनी सुपुर्दगी में लेकर रात्रि में ही मेरठ पहुंचाया।
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जहां से आरआरएफ 108 की बटालियन बुधवार सुबह 6.00 बजे जड़वड़ कटिया गांव शव लेकर पहुंची। पार्थिव शरीर के आते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मां धनवती लाड़ले के ताबूत से लिपट पर फफक पड़ी। नाते, रिश्तेदारों और बच्चों के आंसू भी थम नहीं पाए। हजारों ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हरविंद्र का बलिदान, नहीं भूलेगा हिंदुस्तान, जब तक सूरज चांद रहेगा, हरविंद्र तेरा नाम रहेगा, जैसे नारों के बीच गांव के मुख्य मार्गों से अंतिम यात्रा निकली।
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अंतेष्टि से पूर्व सीआरपीएफ डीआईजी रामपुर जगजीत सिंह ने बटालियन के 15 सिपाहियों के साथ शहीद को सलामी दी। केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान, पूर्व कैबिनेट मंत्री एमएलसी वीरेंद्र सिंह, मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद, पूर्व विधायक शाहनवाज राना, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह, सपा नेता चंदन चौहान, रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी, अभिषेक चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी, सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इलम सिंह गुर्जर,
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष यशपाल पंवार, डॉ वीरपाल निर्वाल, नजर सिंह, पूर्व प्राचार्य रामपाल सिंह, प्रधान पवन, राजपाल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी दीपक कुमार, एसपी देहात राकेश कुमार जौली, एसडीएम उमेश मिश्रा, सीओ सुक्ष्म प्रकाश, तहसीलदार अशोक कुमार आदि ने शहीद सिपाही को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। बड़े भाई हरेंद्र पंवार ने चिता को मुखाग्नि दी।
पीड़ित परिवार को मिले योजनाओं का लाभ
ग्रामीणों ने शहीद सिपाही की स्मृति में गांव का मुख्य द्वार, परिजनों के लिए गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप आदि की मांग की। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार की शहीद सैनिकों के लिए निर्धारित योजनाओं का लाभ पीडित परिवार को दिलाया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा शहादत के बाद कोई घोषणा नहीं किए जाने पर नाराज ग्रामीणों
यशपाल सिंह, जसवीर, विनोद आदि को एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से आग्रह कर हर संभव सहायता दिलाई जाएगी। एमएलसी ने शहीद के पिता भीष्म सिंह को ढांढस बंधाया और कहा कि हरविंद्र का बलिदान भुलाया नहीं जाएगा।