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मदरसा अरबिया शमशुल उलूम में दीक्षांत समारोह
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 22 May 2016 01:05 AM IST
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मदरसे के दीक्षांत समारोह में बोलते वक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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मोरना के मदरसा अरबिया शमशुल उलूम टंढेड़ा में जश्ने बुखारी शरीफ का इख्तमाम का आयोजन हुआ। जिसमें छात्रों को मौलाना, मुफ्ती व हाफिज की उपाधि प्रदान की गई।
गांव टंढेड़ा स्थित मदरसा अरबिया शमशुल उलूम में जश्ने बुखारी शरीफ के अवसर पर 30 छात्रों को मौलवी, 60 छात्रों को मुफ्ती और 53 छात्रों को हाफिज की उपाधि से सम्मानित किया गया। बुखारी शरीफ, तिरमिजी शरीफ, मुस्लिम शरीफ की दर्जनों किताबों से आठ वर्ष के कोर्स के उपरांत छात्रों को दीक्षा दी गई।
मदरसे के संरक्षक तथा मीरापुर सीट से विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के बगैर इंसान अधूरा है। इस्लाम में इल्म सीखना फर्ज है। शिक्षा हासिल करने के लिए इंसान को कितनी भी मशक्कत क्यों ना करनी पडे़, उसे हर हाल में इल्म हासिल करना चाहिए।
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कार्यक्रम की शुभारंभ कुरआन पाक की तिलावत से कारी शाने आलम ने किया। नाते पाक कारी आबिद टंढेड़ा ने पढ़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना सूफियान देवबंद, मौलाना रईस अहमद, मौलाना जिकरिया, मौलाना राशिद, मौलाना अरशद आदि ने अहादीस की शिक्षा पर रोशनी डाली। अध्यक्षता प्रबंधक मदरसा मौलाना जमील अहमद ने की। संचालन मौलाना असजद कासमी ने किया। मुरादाबाद के मौलाना अब्दुस्सलाम ने दुआ कराई।
गांव टंढेड़ा स्थित मदरसा अरबिया शमशुल उलूम में जश्ने बुखारी शरीफ के अवसर पर 30 छात्रों को मौलवी, 60 छात्रों को मुफ्ती और 53 छात्रों को हाफिज की उपाधि से सम्मानित किया गया। बुखारी शरीफ, तिरमिजी शरीफ, मुस्लिम शरीफ की दर्जनों किताबों से आठ वर्ष के कोर्स के उपरांत छात्रों को दीक्षा दी गई।
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मदरसे के संरक्षक तथा मीरापुर सीट से विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी ने शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के बगैर इंसान अधूरा है। इस्लाम में इल्म सीखना फर्ज है। शिक्षा हासिल करने के लिए इंसान को कितनी भी मशक्कत क्यों ना करनी पडे़, उसे हर हाल में इल्म हासिल करना चाहिए।
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कार्यक्रम की शुभारंभ कुरआन पाक की तिलावत से कारी शाने आलम ने किया। नाते पाक कारी आबिद टंढेड़ा ने पढ़ी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मौलाना सूफियान देवबंद, मौलाना रईस अहमद, मौलाना जिकरिया, मौलाना राशिद, मौलाना अरशद आदि ने अहादीस की शिक्षा पर रोशनी डाली। अध्यक्षता प्रबंधक मदरसा मौलाना जमील अहमद ने की। संचालन मौलाना असजद कासमी ने किया। मुरादाबाद के मौलाना अब्दुस्सलाम ने दुआ कराई।