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पुराने नोटों से करा सकेंगे बैनामा
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 16 Nov 2016 12:39 AM IST
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उत्तर प्रदेश के महानिरीक्षक निबंधन अनिल कुमार सिंह ने रजिस्ट्री में पुराने नोट लेने के आदेश कर दिए हैं। स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क में पुराने नोट लिए जा सकेंगे। पालिका की सभी तरह की अदायगी, एआरटीओ ऑफिस, बिजली विभाग में पुराने नोट 24 नवंबर तक चलेंगे।
प्रदेश सरकार ने पुराने नोटों से संपत्ति खरीदने की छूट दे दी है। बंद किए गए 1000 और 500 के नोट से स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशल शुल्क जमा कर सकेंगे। एआईजी स्टांप एसडी सिंह ने बताया कि उनके यहां सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में 24 नवंबर तक पुराने नोट चलेंगे। जिन लोगों पर स्टांप शुल्क बकाया है वह भी जमा कर सकते हैं। नगरपालिका परिषद के सभी प्रकार के देयो में बंद नोट स्वीकार किए जायेंगे।
ईओ अजीत सिंह ने बताया कि जलकर, गृहकर, दुकानों का किराया, पेनल्टी आदि का पैसा भी पुराने नोटों से जमा किया जा रहा है। इसी के साथ बिजली विभाग बिजली के बिल पुराने नोटों से ही जमा कर रहा है। बिजली विभाग में 17 करोड़ के लगभग चार दिन में जमा हो चुका है। एआरटीओ ऑफिस, बीएसएनएल, रोडवेज, पेट्रोल पंपों पर भी पुराने नोट लिए जा रहे हैं।
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व्यापारियों ने केंद्र सरकार से रखी कई मांगे
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की एसडी मार्केट में हुई बैठक में केंद्र सरकार से कई मांगें रखी र्गइं। अशोक कंसल की अध्यक्षता और श्याम सिंह सैनी के संचालन में हुई बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के निर्णय की सराहना की गई। आर्थिक आतंकवाद, भ्रष्टाचार, जाली नोट, ड्रग कारोबार, हवाला, कालाधन पर अंकुश लगेगा। बैठक में केंद्र सरकार से मांग की गई कि नोट बदलने के लिए बैंकों को बिना किसी अवकाश के 31 दिसंबर तक खोला जाए।
बैंकों की कार्य करने की अवधि एवं बैंक कर्मचारी बढ़ाए जाएं। व्यापारियों को जमा राशि का 50 प्रतिशत कैश दिया जाए। पांच लाख तक बदलने वाले की आयकर से जांच नहीं होनी चाहिए। एटीएम से दस हजार तक निकालने की छूट दी जाए। सुनील तायल, सुलक्खन सिंह, बाबूराम मलिक, राकेश गर्ग, अजय सिंघल, संजय मित्तल, विजय शुक्ला, हरीश अरोरा, सलीम हैदर जैदी, सचिन बांगा मौजूद रहे।
परिचितों के नोट बदलने वाले बैंक अधिकारी जांच के दायरे में
मुजफ्फरनगर। शहर के कुछ बैंक मैनेजर और कैशियर पर यह आरोप है कि उन्होंने बिना लाइन में लगे अपने परिचितों से आईडी लेकर पैसा जारी कर दिया है। एक आदमी को दस आईडी पर पैसा दे दिया गया। उच्चाधिकारियों को शिकायत के बाद सीसीटीवी फुटेज मंगाकर यह देखा जा रहा है कि किन अधिकारियों ने गड़बड़ी की है। ऐसे बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश सरकार ने पुराने नोटों से संपत्ति खरीदने की छूट दे दी है। बंद किए गए 1000 और 500 के नोट से स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशल शुल्क जमा कर सकेंगे। एआईजी स्टांप एसडी सिंह ने बताया कि उनके यहां सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में 24 नवंबर तक पुराने नोट चलेंगे। जिन लोगों पर स्टांप शुल्क बकाया है वह भी जमा कर सकते हैं। नगरपालिका परिषद के सभी प्रकार के देयो में बंद नोट स्वीकार किए जायेंगे।
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ईओ अजीत सिंह ने बताया कि जलकर, गृहकर, दुकानों का किराया, पेनल्टी आदि का पैसा भी पुराने नोटों से जमा किया जा रहा है। इसी के साथ बिजली विभाग बिजली के बिल पुराने नोटों से ही जमा कर रहा है। बिजली विभाग में 17 करोड़ के लगभग चार दिन में जमा हो चुका है। एआरटीओ ऑफिस, बीएसएनएल, रोडवेज, पेट्रोल पंपों पर भी पुराने नोट लिए जा रहे हैं।
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व्यापारियों ने केंद्र सरकार से रखी कई मांगे
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की एसडी मार्केट में हुई बैठक में केंद्र सरकार से कई मांगें रखी र्गइं। अशोक कंसल की अध्यक्षता और श्याम सिंह सैनी के संचालन में हुई बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के निर्णय की सराहना की गई। आर्थिक आतंकवाद, भ्रष्टाचार, जाली नोट, ड्रग कारोबार, हवाला, कालाधन पर अंकुश लगेगा। बैठक में केंद्र सरकार से मांग की गई कि नोट बदलने के लिए बैंकों को बिना किसी अवकाश के 31 दिसंबर तक खोला जाए।
बैंकों की कार्य करने की अवधि एवं बैंक कर्मचारी बढ़ाए जाएं। व्यापारियों को जमा राशि का 50 प्रतिशत कैश दिया जाए। पांच लाख तक बदलने वाले की आयकर से जांच नहीं होनी चाहिए। एटीएम से दस हजार तक निकालने की छूट दी जाए। सुनील तायल, सुलक्खन सिंह, बाबूराम मलिक, राकेश गर्ग, अजय सिंघल, संजय मित्तल, विजय शुक्ला, हरीश अरोरा, सलीम हैदर जैदी, सचिन बांगा मौजूद रहे।
परिचितों के नोट बदलने वाले बैंक अधिकारी जांच के दायरे में
मुजफ्फरनगर। शहर के कुछ बैंक मैनेजर और कैशियर पर यह आरोप है कि उन्होंने बिना लाइन में लगे अपने परिचितों से आईडी लेकर पैसा जारी कर दिया है। एक आदमी को दस आईडी पर पैसा दे दिया गया। उच्चाधिकारियों को शिकायत के बाद सीसीटीवी फुटेज मंगाकर यह देखा जा रहा है कि किन अधिकारियों ने गड़बड़ी की है। ऐसे बैंक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।