देवबंद (सहारनपुर)। मुकद्दस रमजान माह की दसवीं शब में तरावीह में कुरआन पाक मुकम्मल होने का सिलसिला शुरू हो गया। बृहस्पतिवार को मोहल्ला खानकाह में तरावीह पूर्ण होने पर लोगों ने रो-रोकर अल्लाह से पूरी इंसानियत की हिफाजत के लिए दुआएं मांगीं। इस अवसर पर मदरसा अशरफुल उलूम के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा कि रमजान सब्र, रहमत और बरकतों वाला महीना है।
मोहल्ला खानकाह स्थित नजर मंजिल में चल रही तरावीह में बृहस्पतिवार को कुरआन पाक मुकम्मल कराया गया। मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा कि कुरआन पाक जैसी दूसरी कोई आसमानी किताब न है और न ही कभी होगी। कुरआन में जिस चीज को हजारों साल पहले बता दिया गया वो आज सच साबित होकर पूरी दुनिया के सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म सबको अमन का पैगाम देने का संदेश देता है और सही रास्ते पर चलना सिखाता है। इसलिए सभी लोगों को चाहिए कि वह अपने बच्चों को कुरआन हाफिज जरूर बनाएं। अंत में उन्होंने मुल्क में अमनो अमान, गुनाह से तौबा और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने की दुआ कराई। इसमें नदीम उस्मानी, नजम उस्मानी, मो. ईसा, कोकब, नबील उस्मानी, डॉ. जमील, शाहनवाज उस्मानी, मो. जकी, डॉ. अनीस, दिलशाद उस्मानी, मो. मुजम्मिल, अब्दुल्लाह उस्मानी, कमर उस्मानी आदि मौजूद रहे।