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रागिनी गायक रोहन वर्मा का दिल्ली में निधन
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:43 AM IST
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रोहन वर्मा का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
देशभक्ति रागिनी गायक रोहन वर्मा का गुरुवार को निधन हो गया है। हरदिल अजीज रोहन हृदय की बीमारी से पीड़ित थे। उनका दिल्ली में हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। क्रांतिकारियों और शहीदों के जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्रों का संग्रह करने का उन्हें इस कदर जुनून था कि सरदार भगत सिंह के गांव खटकड़ कला पंजाब वह हर साल जाते थे।
शहर के शामली रोड स्थित मोहल्ला गऊशाला में रहने वाले डॉ रोहन वर्मा उर्फ रविंद्र 45 वर्ष के आयुर्वेद चिकित्सक थे। देशभक्ति रागिनी और गीतों के गायक वर्मा ने मुंबई और दिल्ली में गीतों की रिकार्डिंग की। उनके गाए कई गीत काफी पसंद किए गए। मोबाइल की डायलटोन में भी उनके गाए गीत गूंजते हैं। क्रांतिकारियों और शहीदों के जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्रों का संग्रह करने का उन्हें जुनून था।
सरदार भगत सिंह के गांव खटकड़ कला पंजाब वह हर साल जाते थे। सुभाषचंद्र बोस, लाला लाजपत राय, करतार सिंह सराबा और उधम सिंह के जीवन चित्रों का वर्मा ने संग्रह किया। शहर के तुलसी पार्क एवं कई शिक्षण संस्थाओं में उनके संग्रहित चित्रों की प्रदर्शनी लगी। पिछले कई माह से वर्मा हृदय रोग से पीड़ित थे।
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दिल्ली के पंत अस्पताल में दस दिन पहले उनका हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। बुधवार सुबह वह अपने आवास पर लौटे थे। रात में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। डाक्टरों ने उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली पहुंचने पर उनका निधन हो गया। पैतृक गांव कुटबा में वर्मा का अंतिम संस्कार हुआ। वह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।
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शहर के शामली रोड स्थित मोहल्ला गऊशाला में रहने वाले डॉ रोहन वर्मा उर्फ रविंद्र 45 वर्ष के आयुर्वेद चिकित्सक थे। देशभक्ति रागिनी और गीतों के गायक वर्मा ने मुंबई और दिल्ली में गीतों की रिकार्डिंग की। उनके गाए कई गीत काफी पसंद किए गए। मोबाइल की डायलटोन में भी उनके गाए गीत गूंजते हैं। क्रांतिकारियों और शहीदों के जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्रों का संग्रह करने का उन्हें जुनून था।
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सरदार भगत सिंह के गांव खटकड़ कला पंजाब वह हर साल जाते थे। सुभाषचंद्र बोस, लाला लाजपत राय, करतार सिंह सराबा और उधम सिंह के जीवन चित्रों का वर्मा ने संग्रह किया। शहर के तुलसी पार्क एवं कई शिक्षण संस्थाओं में उनके संग्रहित चित्रों की प्रदर्शनी लगी। पिछले कई माह से वर्मा हृदय रोग से पीड़ित थे।
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दिल्ली के पंत अस्पताल में दस दिन पहले उनका हार्ट का ऑपरेशन हुआ था। बुधवार सुबह वह अपने आवास पर लौटे थे। रात में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। डाक्टरों ने उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया। दिल्ली पहुंचने पर उनका निधन हो गया। पैतृक गांव कुटबा में वर्मा का अंतिम संस्कार हुआ। वह अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं।