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रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मदरसा छात्रों को चिंहित करने में जुटी पुलिस
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देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में प्रदर्शन करने और सहारनपुर मुजफ्फरनगर हाईवे पर जाम लगाकर सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने वालों को पुलिस प्रशासन द्वारा चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया, क्योंकि पुलिस की तरफ से एक नामजद समेत 250 अज्ञात मदरसा छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
उल्लेखनीय है कि 11 दिसंबर को नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मदरसा छात्रों ने नगर में मार्च निकाला। खानकाह पुलिस चौकी पर पहुंचने के बाद दिशाहीन भीड़ नारेबाजी करते सहारनपुर मुजफ्फरनगर हाईवे पर पहुंची। भीड़ ने एक घंटे से भी अधिक समय तक हाईवे पर जाम लगाया। इतना ही नहीं हाईवे पर ही नमाज भी अदा की। भीड़ ने खेतों में पड़े फसलों के अवशेष उठाकर हाईवे पर रखकर उसमें आग लगाई। तब एसएसपी दिनेश कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर जाम खुलवाया ।
पुलिस ने अगले दिन (12 दिसंबर) इस मामले में भीड़ को उकसा कर हाईवे पर ले जाने, सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने, सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के आरोप में तंजीम अबना-ए-मदारिस एवं अलुमनाई फेडरेशन के संचालक मेहंदी हसन ऐनी और 250 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया । वीडियो फुटेज आदि के आधार पर अब पुलिस आंदोलनकारियों को चिन्हित करने में जुट गई है। सीओ चोब सिंह ने बताया कि हाईवे पर जाम लगाने व हंगामा करने में जो भी रिपोर्ट दर्ज की गई है, उसके आधार पर ही आंदोलनकारियों को चिन्हित किया जा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को देवबंद में जमीयत उलमा हिंद (महमूद मदनी गुट) के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक इमरान मसूद ने चेतावनी दी थी कि यदि पुलिस ने मदरसा छात्रों की गिरफ्तारी की तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन होगा। 250 छात्रों की जगह हजारों की संख्या में गिरफ्तारी देकर जेल भरे जाएंगी, इसलिए प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।
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उल्लेखनीय है कि 11 दिसंबर को नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में मदरसा छात्रों ने नगर में मार्च निकाला। खानकाह पुलिस चौकी पर पहुंचने के बाद दिशाहीन भीड़ नारेबाजी करते सहारनपुर मुजफ्फरनगर हाईवे पर पहुंची। भीड़ ने एक घंटे से भी अधिक समय तक हाईवे पर जाम लगाया। इतना ही नहीं हाईवे पर ही नमाज भी अदा की। भीड़ ने खेतों में पड़े फसलों के अवशेष उठाकर हाईवे पर रखकर उसमें आग लगाई। तब एसएसपी दिनेश कुमार समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाकर जाम खुलवाया ।
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पुलिस ने अगले दिन (12 दिसंबर) इस मामले में भीड़ को उकसा कर हाईवे पर ले जाने, सरकारी कार्य में बाधा पैदा करने, सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के आरोप में तंजीम अबना-ए-मदारिस एवं अलुमनाई फेडरेशन के संचालक मेहंदी हसन ऐनी और 250 अज्ञात लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया । वीडियो फुटेज आदि के आधार पर अब पुलिस आंदोलनकारियों को चिन्हित करने में जुट गई है। सीओ चोब सिंह ने बताया कि हाईवे पर जाम लगाने व हंगामा करने में जो भी रिपोर्ट दर्ज की गई है, उसके आधार पर ही आंदोलनकारियों को चिन्हित किया जा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को देवबंद में जमीयत उलमा हिंद (महमूद मदनी गुट) के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक इमरान मसूद ने चेतावनी दी थी कि यदि पुलिस ने मदरसा छात्रों की गिरफ्तारी की तो पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन होगा। 250 छात्रों की जगह हजारों की संख्या में गिरफ्तारी देकर जेल भरे जाएंगी, इसलिए प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।