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पंचायत होती रही और शव रखा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2016 12:34 AM IST
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बुढ़ाना के फुगाना में आयोजित पंचायत में जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में फुगाना की आरती हत्याकांड में पोस्टमार्टम के बाद आए शव को परिजनों ने घर में रखकर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। मामले का पता चलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी देहात अधिकारियों और कई थानों की फोर्स के साथ गांव पहुंचे और परिजनों को मनाने का प्रयास किया। शाम चार बजे तक चली पंचायत के बाद मुआवजा, आवास, पेंशन और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी होने का आश्वासन मिलने के बाद ही परिजन शव का दाह-संस्कार करने के लिए राजी हुए।
फुगाना निवासी आरती 19 बुधवार दिन में खेत में गन्ने छीलने गई थी, जो शाम तक नहीं लौटी। बृहस्पतिवार को उसका शव जंगल में गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद मिले शव को ग्रामीणों ने हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया था। ग्रामीणों ने जाम के दौरान अधिकारियों से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता एवं हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की थी। अफसरों द्वारा मांगे पूरी करने के आश्वासन पर परिजन शव उठाकर घर ले गए थे।
परिजनों ने शुक्रवार शाम शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। शनिवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक आरती के शव का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया और गांव में पंचायत करने की बात कह दी। कुछ ही देर में आसपास के गांवों की भीड़ पीड़ित के घर के बाहर जुटनी शुरू हो गई। मामले का पता चलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी देहात विनीत भटनागर, एसडीएम श्याम अवध चौहान कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को समझाने का प्रयास किया।
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ग्रामीणों ने अफसरों और नेताओं की बात मानने से इंकार करते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलने और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार करने से साफ इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने अफसरों से मृतका की मां की विधवा पेंशन, आवास योजना से मकान, बेरोजगार भाई के लिए नौकरी और 50 लाख के मुआवजे की मांग रखी। मौके पर मौजूद नेताओं ने ग्रामीणों और पीड़ित परिवार से कहा कि लखनऊ तक अधिकारियों से बात हो गई है और सभी मांगें मान ली जाएंगी, इस बात पर ग्रामीण बिफर पड़े और बात मानने से इंकार कर दिया।
घंटों बाद एसपी देहात विनीत भटनागर और एसडीएम श्याम अवध चौहान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। एसपी ने बताया कि साक्ष्य मिल चुके हैं और हत्यारोपी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गांव के पांच आदमी चाहें तो आरोपियों से बात कर सकते हैं। पंचायत के बीच कुछ बताना ठीक नहीं होगा।
डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम चौहान ने आश्वासन दिया कि मृतका की मां की पेंशन, समाजवादी आवास योजना के अंतर्गत मकान एवं अधिकतम आर्थिक सहायता दिलवाने की संस्तुति की जाएगी। अफसरों की बातों पर विश्वास करते हुए देर शाम परिजनों ने मृतका के शव का दाह-संस्कार कर दिया।
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फुगाना निवासी आरती 19 बुधवार दिन में खेत में गन्ने छीलने गई थी, जो शाम तक नहीं लौटी। बृहस्पतिवार को उसका शव जंगल में गन्ने के खेत में पड़ा मिला था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद मिले शव को ग्रामीणों ने हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया था। ग्रामीणों ने जाम के दौरान अधिकारियों से पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता एवं हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की थी। अफसरों द्वारा मांगे पूरी करने के आश्वासन पर परिजन शव उठाकर घर ले गए थे।
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परिजनों ने शुक्रवार शाम शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। शनिवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक आरती के शव का दाह संस्कार करने से इंकार कर दिया और गांव में पंचायत करने की बात कह दी। कुछ ही देर में आसपास के गांवों की भीड़ पीड़ित के घर के बाहर जुटनी शुरू हो गई। मामले का पता चलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसपी देहात विनीत भटनागर, एसडीएम श्याम अवध चौहान कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को समझाने का प्रयास किया।
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ग्रामीणों ने अफसरों और नेताओं की बात मानने से इंकार करते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलने और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी होने तक अंतिम संस्कार करने से साफ इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने अफसरों से मृतका की मां की विधवा पेंशन, आवास योजना से मकान, बेरोजगार भाई के लिए नौकरी और 50 लाख के मुआवजे की मांग रखी। मौके पर मौजूद नेताओं ने ग्रामीणों और पीड़ित परिवार से कहा कि लखनऊ तक अधिकारियों से बात हो गई है और सभी मांगें मान ली जाएंगी, इस बात पर ग्रामीण बिफर पड़े और बात मानने से इंकार कर दिया।
घंटों बाद एसपी देहात विनीत भटनागर और एसडीएम श्याम अवध चौहान मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। एसपी ने बताया कि साक्ष्य मिल चुके हैं और हत्यारोपी भी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। गांव के पांच आदमी चाहें तो आरोपियों से बात कर सकते हैं। पंचायत के बीच कुछ बताना ठीक नहीं होगा।
डीएम के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम चौहान ने आश्वासन दिया कि मृतका की मां की पेंशन, समाजवादी आवास योजना के अंतर्गत मकान एवं अधिकतम आर्थिक सहायता दिलवाने की संस्तुति की जाएगी। अफसरों की बातों पर विश्वास करते हुए देर शाम परिजनों ने मृतका के शव का दाह-संस्कार कर दिया।