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Muzaffarnagar News: तीन स्लैग क्रशिंग इकाई पर कार्रवाई, संचालन कराया बंद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। वायु प्रदूषण फैलाने वाली तीन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम की ओर से की गई जांच की कार्रवाई के बाद सुजड़ू औद्योगिक क्षेत्र स्थित इकाई स्टील एम्पायर, गय्यूर और आदिल ट्रेडर का मुख्य द्वार सील कर संचालन बंद करा दिया गया। जबकि तीनों इकाइयों के बिजली के कनेक्शन भी काट दिए गए।
निरीक्षण में यहां रोलिंग मिलों से निकलने वाले स्लैग को क्रश करके पाउडर बनाने और उसकी ट्रेडिंग का काम होता पाया गया। निरीक्षण के दौरान क्रशिंग से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं पाई गई। इससे वायु प्रदूषण फैलने की स्थिति सामने आई। वायु प्रदूषण का ग्राफ धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जिसके मद्देनजर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता कुंवर संतोष ने बताया कि अनुमति के बिना स्थापित और संचालित प्रदूषणकारी इकाइयों की जांच के लिए गठित संयुक्त समिति की ओर से निरीक्षण किया गया।
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बताया कि जांच के दौरान जल एवं वायु संबंधी सहमति और अन्य विभागों की अनापत्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर जनहित में तीनों इकाई के मुख्य द्वार का संचालन अवरुद्ध करा दिया गया। साथ ही बिजली आपूर्ति काटकर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
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मुजफ्फरनगर। वायु प्रदूषण फैलाने वाली तीन औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम की ओर से की गई जांच की कार्रवाई के बाद सुजड़ू औद्योगिक क्षेत्र स्थित इकाई स्टील एम्पायर, गय्यूर और आदिल ट्रेडर का मुख्य द्वार सील कर संचालन बंद करा दिया गया। जबकि तीनों इकाइयों के बिजली के कनेक्शन भी काट दिए गए।
निरीक्षण में यहां रोलिंग मिलों से निकलने वाले स्लैग को क्रश करके पाउडर बनाने और उसकी ट्रेडिंग का काम होता पाया गया। निरीक्षण के दौरान क्रशिंग से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं पाई गई। इससे वायु प्रदूषण फैलने की स्थिति सामने आई। वायु प्रदूषण का ग्राफ धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जिसके मद्देनजर प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर शिकंजा कसा जा रहा है।
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क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता कुंवर संतोष ने बताया कि अनुमति के बिना स्थापित और संचालित प्रदूषणकारी इकाइयों की जांच के लिए गठित संयुक्त समिति की ओर से निरीक्षण किया गया।
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बताया कि जांच के दौरान जल एवं वायु संबंधी सहमति और अन्य विभागों की अनापत्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर जनहित में तीनों इकाई के मुख्य द्वार का संचालन अवरुद्ध करा दिया गया। साथ ही बिजली आपूर्ति काटकर सीलिंग की कार्रवाई की गई।