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ठगी की कॉल, राशनकार्ड के बदले मांग रहे 1430 रुपये
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साइबर ठगों के निशाने पर ऑनलाइन शिकायत करने वाले
मुजफ्फरनगर। साइबर ठगों ने अब ऑनलाइन शिकायत करने वालों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। राशनकार्ड को लेकर इधर-उधर भटक रहे लोगों को ठगने के लिए गैंग सक्रिय हो गया है। लखनऊ सचिवालय के अधिकारी बनकर राशनकार्ड के नाम पर लोगों से 1430 रुपये मांग रहे हैं। पीड़ितों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है।
पीड़ित सुनील कुमार ने बताया कि वह छह महीने से राशनकार्ड के लिए भटक रहा है। राशनकार्ड नहीं बनने पर उसने पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन कार्ड नहीं बना। कई दिन पहले खुद को लखनऊ सचिवालय से बताते हुए एक व्यक्ति ने कॉल की। व्यक्ति ने शिकायत की बाबत पूछा और केस की जानकारी ली। इसके बाद उसे खाते में 1430 रुपये डालने के लिए कहा। कॉल करने वाले का कहना था कि 1430 में से वह 1400 रुपये वापस भेज देगा, सिर्फ 30 रुपये चार्ज लेगा। शक होने पर सुनील ने रुपये नहीं डाले, बल्कि प्रशासन से शिकायत की। पीड़ित का कहना है कि सदर तहसील में उसे ऐसे कई लोग मिले हैं, जिनके पास ऐसी कॉल की गई है। ऑनलाइन शिकायत करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। सवाल यह है कि शिकायत का रिकॉर्ड ठग गिरोह के पास कहां से आया। पीड़ित ने इस मामले की जांच कराने की मांग रखी है।
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मुजफ्फरनगर। साइबर ठगों ने अब ऑनलाइन शिकायत करने वालों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। राशनकार्ड को लेकर इधर-उधर भटक रहे लोगों को ठगने के लिए गैंग सक्रिय हो गया है। लखनऊ सचिवालय के अधिकारी बनकर राशनकार्ड के नाम पर लोगों से 1430 रुपये मांग रहे हैं। पीड़ितों ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है।
पीड़ित सुनील कुमार ने बताया कि वह छह महीने से राशनकार्ड के लिए भटक रहा है। राशनकार्ड नहीं बनने पर उसने पोर्टल पर शिकायत की, लेकिन कार्ड नहीं बना। कई दिन पहले खुद को लखनऊ सचिवालय से बताते हुए एक व्यक्ति ने कॉल की। व्यक्ति ने शिकायत की बाबत पूछा और केस की जानकारी ली। इसके बाद उसे खाते में 1430 रुपये डालने के लिए कहा। कॉल करने वाले का कहना था कि 1430 में से वह 1400 रुपये वापस भेज देगा, सिर्फ 30 रुपये चार्ज लेगा। शक होने पर सुनील ने रुपये नहीं डाले, बल्कि प्रशासन से शिकायत की। पीड़ित का कहना है कि सदर तहसील में उसे ऐसे कई लोग मिले हैं, जिनके पास ऐसी कॉल की गई है। ऑनलाइन शिकायत करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। सवाल यह है कि शिकायत का रिकॉर्ड ठग गिरोह के पास कहां से आया। पीड़ित ने इस मामले की जांच कराने की मांग रखी है।
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