फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Now will be able to call home from jail detainee

अब जेल से घर फोन कर सकेंगे बंदी    

Wed, 10 Aug 2016 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Wed, 10 Aug 2016 01:16 AM IST
विज्ञापन
Now will be able to call home from jail detainee
जिला कारागार। - फोटो : अमर उजाला
जिला कारागार में बंदियों को अपने परिजनों से बिना किसी रुकावट के बात करने की इच्छा इसी सप्ताह पूरी होने वाली है। शासन के आदेश पर दो फोन बंदियों को बात कराने के लिए कारागार में लगा दिए गए हैं। बीएसएनएल के अधिकारियों ने फोन चलाकर उनकी जांच कर ली है। सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ दिनों में बंदी परिजनों से बात करना शुरू कर देंगे। कारागार की ओर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। 
विज्ञापन


जेल में बंद करीब ढाई हजार बंदियों को अपने परिजनों के सुख-दुख का पता करने के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन के आदेश पर कारागार के भीतर बंदियों की उनके परिजनों और अधिवक्ता आदि से बात कराने के लिए दो फोन लगाए गए हैं। इसके लिए एक केबिन भी बनाया गया है। जेलर सीपी त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को दोनों फोन नंबरों की जांच बीएसएनएल के अधिकारियों नेे कर ली है। वैसे तो सब कुछ ठीक है, लेकिन जो भी तकनीकी खामियां रह गई हैं,
विज्ञापन


उसे दूर करने के पश्चात इसी सप्ताह बंदियों की फोन पर बात करानी शुरू करा दी जाएगी। एक केबिन बनवाकर दोनों फोन वहीं लगवा दिए गए हैं। इस केबिन में एक साथ दो बंदी बैठकर फोन पर अपनी बातें कर सकेंगे। एक बंदी को सिर्फ पांच मिनट बात करने की छूट होगी। पांच मिनट बात होने के बाद फोन खुद ही कट जाएगा और फिर दोबारा बात नहीं हो पाएगी। इसके लिए बंदी को पांच मिनट का पांच रुपये चार्ज देना होगा। सप्ताह में एक बार ही एक बंदी बात कर पाएगा। दिन में किस समय से किस समय तक बात हो पाएगी, यह बात बाद में तय हो पाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या करना होगा बंदी को
कारागार में लगाए जाने वाले फोन पर बात करने के लिए बंदी को अपने दो नंबरों का रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ये दो नंबर जेलर के पास रहेंगे, इन्हीं दो नंबरों पर बंदी बात कर पाएगा। दोनों नंबरों की ये शर्त होगी कि ये पोस्टपेड होने चाहिए। जेल के फोन से प्रीपेड नंबरों पर बात नहीं हो पाएगी। बंदियों की सुविधा के लिए दोनों ही नंबरों पर बात होती रहे, इसके लिए अधिकारी प्रयास कर रहे हैं। 

फोन में होगा रिकार्डिंग सिस्टम
जिला कारागार में लगाए गए फोन से बंदी किससे और क्या बात कर रहा है, ये सबकुछ रिकार्ड होता रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक फोन में बंदी द्वारा की जानी वाले सभी बातें रिकार्ड होती रहेंगी। किसी भी तरह की गड़बड़ होने पर पुलिस चाहेगी तो बंदी की बातें रिकार्ड के माध्यम से पुलिस को सुनवा दी जाएगी।


पीएनटी फोन बनेगा सहारा
जेल में जैमर लगने के बाद चोरी से मोबाइल पर बात करना बंद होने से परेशान बंदियों को अब पीएनटी फोन का सहारा मिल जाएगा। हालांकि इसकी हर बात अधिकारियों की निगाह में होगी, लेकिन फिर भी बंदियों को अपने परिजनों और वकीलों आदि से बात करने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed