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जीत तो गए, लेकिन तीन बूथों पर नहीं खुला खाता
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 16 Mar 2017 12:16 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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शहर सीट पर जीत के बाद भी बीजेपी तीन बूथों पर खाता नहीं खोल सकी। सपा और बसपा को हर बूथ पर वोट मिला है। आरएलडी छह बूथों पर जीरो रही है। सपा को 140 बूथों पर 100 से कम वोट मिले हैं और बीजेपी 82 बूथों पर 100 से कम पर रही है। आरएलडी मात्र 12 और बसपा 43 बूथों पर ही 100 का आंकड़ा पार कर सकी है। रालोद को सबसे ज्यादा वोट चांदपुर गांव में मिले हैं।
विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद भी तीन बूथ ऐसे हैं, जिन पर बीजेपी के कपिलदेव अग्रवाल का खाता नहीं खुल सका। इसमें खालापार का बूथ नंबर 44, लद्दावाला का बूथ नंबर 125 और मल्हूपुरा का बूथ नंबर 159 है। सपा के गौरव स्वरूप और बसपा के राकेश शर्मा को हर बूथ पर वोट मिला है। रालोद की पायल माहेश्वरी भी छह बूथों पर खाता नहीं खोल पाई हैं। सपा प्रत्याशी गौरव स्वरूप की हार का कारण यह रहा कि वह कुल 321 बूथों में से 140 बूथों पर 100 का आंकड़ा पार नहीं कर सके। अतिपिछड़ी जाति बाहुल्य बूथों जनकपुरी, रामपुरी, आनंदपुरी में वह बीजेपी से काफी पिछड़ गए।
नईमंडी में उनका प्रदर्शन ज्यादा बुरा नहीं रहा, लेकिन गांधी कालोनी में वह फिर बीजेपी से काफी पीछे हो गए। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में गौरव स्वरूप का प्रदर्शन बेहतर रहा। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में 82 बूथ ऐसे रहे जिनमें बीजेपी के कपिलदेव अग्रवाल भी 100 का आंकड़ा पार नहीं कर सके। बसपा के राकेश शर्मा केवल 43 बूथों पर ही 100 का आंकड़ा पार कर सके। उन्हें दलित बस्तियों में ही अच्छा वोट मिल पाया। उनका प्रदर्शन शहर से अच्छा ग्रामीण क्षेत्र में रहा।
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शहर में बसपा के दलित बूथों पर बीजेपी भी सेंध लगाती नजर आई। रालोद की पायल माहेश्वरी केवल 12 बूथों पर 100 का आंकड़ा पार कर सकी। इनमें छह बूथ छोटूराम कॉलेज जाट कालोनी के हैं। बूथ नंबर 67 प्रेमपुरी में 133 मत मिले। बाकी पांच बूथ ग्रामीण क्षेत्र के हैं। गांव चांदपुर के बूथ नंबर 310 पर रालोद को सबसे ज्यादा 383 मत मिले। मखियाली के बूथ नंबर 306 पर दूसरे नंबर 227 मत मिले। जटमुझेड़ा, कूकड़ा और मखियाली के एक अन्य बूथ पर 100 से ज्यादा वोट पाए।
मुस्लिमों ने भी निराश नहीं किया
मुजफ्फरनगर। शहर विधानसभा सीट पर 49 बूथ ऐसे हैं, जिन पर हिंदू संख्या जीरो है। इनमें केवल तीन बूथ ही ऐसे रहे जिन पर बीजेपी को कोई वोट नहीं मिला। बाकी सभी बूथों पर एक से लेकर दस तक वोट मिले हैं। ये वोट कपिलदेव को अपने व्यक्तिगत संबंध पर मिले हैं, या तीन तलाक के मामले में मुस्लिम महिलाओं ने दिए हैं, यह एक अलग विषय है।
वैश्य में सेंध लगाने में सफल रहे गौरव
मुजफ्फरनगर। नई मंडी में हर बूथ पर मिले वोट यह साबित कर रहे हैं कि सपा के गौरव स्वरूप ने वैश्य समाज में सेंध लगाई है। वह वैश्यों में दस से 15 प्रतिशत वोट लेने में सफल रहे, लेकिन अति पिछड़ों में कम सेंधमारी होने के कारण वह सपा से पिछड़ गए।
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विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद भी तीन बूथ ऐसे हैं, जिन पर बीजेपी के कपिलदेव अग्रवाल का खाता नहीं खुल सका। इसमें खालापार का बूथ नंबर 44, लद्दावाला का बूथ नंबर 125 और मल्हूपुरा का बूथ नंबर 159 है। सपा के गौरव स्वरूप और बसपा के राकेश शर्मा को हर बूथ पर वोट मिला है। रालोद की पायल माहेश्वरी भी छह बूथों पर खाता नहीं खोल पाई हैं। सपा प्रत्याशी गौरव स्वरूप की हार का कारण यह रहा कि वह कुल 321 बूथों में से 140 बूथों पर 100 का आंकड़ा पार नहीं कर सके। अतिपिछड़ी जाति बाहुल्य बूथों जनकपुरी, रामपुरी, आनंदपुरी में वह बीजेपी से काफी पिछड़ गए।
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नईमंडी में उनका प्रदर्शन ज्यादा बुरा नहीं रहा, लेकिन गांधी कालोनी में वह फिर बीजेपी से काफी पीछे हो गए। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में गौरव स्वरूप का प्रदर्शन बेहतर रहा। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में 82 बूथ ऐसे रहे जिनमें बीजेपी के कपिलदेव अग्रवाल भी 100 का आंकड़ा पार नहीं कर सके। बसपा के राकेश शर्मा केवल 43 बूथों पर ही 100 का आंकड़ा पार कर सके। उन्हें दलित बस्तियों में ही अच्छा वोट मिल पाया। उनका प्रदर्शन शहर से अच्छा ग्रामीण क्षेत्र में रहा।
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शहर में बसपा के दलित बूथों पर बीजेपी भी सेंध लगाती नजर आई। रालोद की पायल माहेश्वरी केवल 12 बूथों पर 100 का आंकड़ा पार कर सकी। इनमें छह बूथ छोटूराम कॉलेज जाट कालोनी के हैं। बूथ नंबर 67 प्रेमपुरी में 133 मत मिले। बाकी पांच बूथ ग्रामीण क्षेत्र के हैं। गांव चांदपुर के बूथ नंबर 310 पर रालोद को सबसे ज्यादा 383 मत मिले। मखियाली के बूथ नंबर 306 पर दूसरे नंबर 227 मत मिले। जटमुझेड़ा, कूकड़ा और मखियाली के एक अन्य बूथ पर 100 से ज्यादा वोट पाए।
मुस्लिमों ने भी निराश नहीं किया
मुजफ्फरनगर। शहर विधानसभा सीट पर 49 बूथ ऐसे हैं, जिन पर हिंदू संख्या जीरो है। इनमें केवल तीन बूथ ही ऐसे रहे जिन पर बीजेपी को कोई वोट नहीं मिला। बाकी सभी बूथों पर एक से लेकर दस तक वोट मिले हैं। ये वोट कपिलदेव को अपने व्यक्तिगत संबंध पर मिले हैं, या तीन तलाक के मामले में मुस्लिम महिलाओं ने दिए हैं, यह एक अलग विषय है।
वैश्य में सेंध लगाने में सफल रहे गौरव
मुजफ्फरनगर। नई मंडी में हर बूथ पर मिले वोट यह साबित कर रहे हैं कि सपा के गौरव स्वरूप ने वैश्य समाज में सेंध लगाई है। वह वैश्यों में दस से 15 प्रतिशत वोट लेने में सफल रहे, लेकिन अति पिछड़ों में कम सेंधमारी होने के कारण वह सपा से पिछड़ गए।