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नई परिवहन नीति: नहीं हुआ सॉफ्टवेयर अपडेट

Tue, 03 Sep 2019 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2019 12:54 AM IST
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New transport policy: software not updated
ट्रेफिक पुलिस। - फोटो : ??? ?????
नई परिवहन नीति: नहीं हुआ सॉफ्टवेयर अपडेट
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मुजफ्फरनगर। मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत किए गए बदलावों की हर तरफ चर्चा है, लेकिन परिवहन विभाग का सॉफ्टवेयर भी अभी अपडेट नहीं हुआ है। अभी पुरानी दरों पर ही चालान हो रहे हैं। सॉफ्टवेयर चालू हो जाने के बाद नई दरों के हिसाब से चालान कटेंगे। यातायात पुलिस में भी 15 सितंबर से पेपरलेस चालान काटे जाएंगे। मौके पर ही शमन शुल्क भी वसूल करने की व्यवस्था की जाएगी।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों को तोड़ने पर लगने वाली जुर्माना राशि को काफी बढ़ा दिया गया है। इससे हर तरफ खलबली मची हुई है। हालांकि अभी जनपद में पुरानी दरों पर ही चालान किए जा रहे हैं। क्योंकि विभाग का सॉफ्टवेयर अभी अपडेट नहीं हुआ है। इसके अपडेट होते ही चालान की नई दरें लागू हो जाएंगी। उधर, यातायात पुलिस भी नए नियमों को लेकर 15 सितंबर के बाद कड़े कदम उठाएगी। जिले में पेपरलेस चालान (ई-चालान) होंगे। मौके पर शमन शुल्क वसूली की भी व्यवस्था होगी। यदि समय पर चालान का भुगतान नहीं किया गया तो जुर्माना दोगुना हो जाएगा। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि एक से अभी तक जिसके भी चालान हों वे तुरंत जमा कर दें। इसके बाद उनके लिए परेशानी हो सकती है। विभाग 15 दिन तक जागरूकता अभियान भी चलाएगा। इसके अंतर्गत वाहन चालकों को बताया जाएगा कि चालान होने या वाहन के सीज होने पर उन्हें कहां किसी कार्यालय में या कोर्ट में जाना है। जुर्माना जमा कर वह अपना वाहन और कागजात कैसे छुड़ा सकते हैं। वाहन चालकों को जानकारी के अभाव में परेशानी होती है। उधर, एआरटीओ राजीव बंसल ने बताया कि अभी विभाग का सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं हुआ है। कुछ दिन में यह काम पूरा हो जाएगा और नए नियमों के अनुसार जुर्माना वसूली की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
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सोशल मीडिया पर खूब हो रही आलोचना
मुजफ्फरनगर। मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत जुर्माना राशि में की गई बढ़ोतरी को लेकर सोशल साइट्स फेसबुक, व्हाट्सएप आदि पर खूब आलोचना हो रही है। यूजर्स जुर्माना राशि बढ़ाने को गलत बता रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि सरकार ने जुर्माना राशि तो बढ़ा दी, लेकिन वाहन चालकों के लिए सुविधाएं नहीं कीं। सड़कें टूटी पड़ी हैं, जिनसे हो रही दुर्घटनाओं में लोग मर रहे हैं लेकिन सरकार इन्हें ठीक कराने के बजाय सारी जिम्मेदारी वाहन चालकों के सिर पर डाल रही है।
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