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दंगा पीड़ितों का डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 20 May 2016 12:10 AM IST
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ित।
- फोटो : अमर उजाला
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दंगा पीड़ित संघर्ष समिति ने डीएम ऑफिस पर प्रदर्शन करते हुए बस्तियों में सरकारी सुविधाएं दिए जाने की मांग की है। आरोप है कि दंगा पीड़ितों की बस्तियों में बिजली, पानी और शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा कि दंगे के बाद जिले में 50 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए। प्रदेश सरकार ने दंगा पीड़ितों को पुुनर्वास एवं अन्य सहायता राशि देने की घोषणा की। जिन लोगों को सहायता मिली उन्होंने अपने आवास बना लिए। आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें पुनर्वास राशि नहीं मिली है।
दंगा पीड़ितों की जो बस्तियां हैं, उनमें सरकार की योजनाओं का लाभ नाम मात्र ही मिल पा रहा है। कुछ बस्तियों में तो बिजली, पानी, शौचालय, चिकित्सा आदि की कोई व्यवस्था नहीं है।
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इन बस्तियों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में भी यह परिवार शामिल नहीं हो पाए हैं। इस दौरान शमशाद हुसैन, सलीम, साजिद, इदरीश, रिहाना, ताहिर, अनीस, गुलशाना, अबलू, मोमीन, रइसुद्दीन, रुबीना, इमराना, शकीला, संजीदा आदि शामिल रहे।
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ज्ञापन में कहा कि दंगे के बाद जिले में 50 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हुए। प्रदेश सरकार ने दंगा पीड़ितों को पुुनर्वास एवं अन्य सहायता राशि देने की घोषणा की। जिन लोगों को सहायता मिली उन्होंने अपने आवास बना लिए। आज भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं, जिन्हें पुनर्वास राशि नहीं मिली है।
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दंगा पीड़ितों की जो बस्तियां हैं, उनमें सरकार की योजनाओं का लाभ नाम मात्र ही मिल पा रहा है। कुछ बस्तियों में तो बिजली, पानी, शौचालय, चिकित्सा आदि की कोई व्यवस्था नहीं है।
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इन बस्तियों में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में भी यह परिवार शामिल नहीं हो पाए हैं। इस दौरान शमशाद हुसैन, सलीम, साजिद, इदरीश, रिहाना, ताहिर, अनीस, गुलशाना, अबलू, मोमीन, रइसुद्दीन, रुबीना, इमराना, शकीला, संजीदा आदि शामिल रहे।