यूपी: मुजफ्फरनगर में 5.26 लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद, तीन गिरफ्तार, वेब सीरीज देखकर आया आईडिया
मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना पुलिस ने जाली करेंसी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 5.26 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट और उन्हें बनाने का सामान बरामद हुआ है।
विस्तार
मुजफ्फरनगर जनपद में बुढ़ाना पुलिस ने जाली करेंसी तैयार कर बाजार में खपाने के कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे और दिल्ली स्थित एक फ्लैट से कुल 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई है। इसके अलावा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और सामग्री भी मिली है।
पुलिस ने मेरठ-करनाल हाईवे पर तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा था। तलाशी के दौरान उनके पास से चार लाख रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम, महेंद्र और टीनू के रूप में हुई है।
एसएसपी सूरज कुमार राय के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शुभम ने बताया कि दिल्ली के नरेला स्थित अपने फ्लैट में नकली नोट तैयार किए जाते थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने फ्लैट की तलाशी ली।
नरेला के फ्लैट से नकली नोट और प्रिंटर बरामद
पुलिस के अनुसार, दिल्ली के नरेला स्थित फ्लैट से 1 लाख 26 हजार 500 रुपये की जाली करेंसी बरामद हुई। इसके साथ ही लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कॉटन पेपर के बंडल और बटर पेपर के बंडल भी मिले। पुलिस अब बरामद सामग्री और आरोपियों की भूमिका के संबंध में जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि हाईवे पर पकड़ी गई करेंसी और फ्लैट से बरामद नोटों को मिलाकर कुल बरामदगी 5 लाख 26 हजार 500 रुपये की है। मामले में बुढ़ाना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यह भी पढ़ें: नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान-साहिल को मिले कैदी नंबर, जेल में चुना काम, मृत्युदंड को हाईकोर्ट में देंगे चुनौती
वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर आया नकली नोट बनाने का विचार
एसएसपी के मुताबिक, पूछताछ में मुख्य आरोपी शुभम ने बताया कि उसने ‘फर्जी’ वेब सीरीज देखी थी। इसके बाद उसे नकली नोट तैयार कर मुनाफा कमाने का विचार आया। पुलिस के अनुसार, उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के फ्लैट में यह काम शुरू किया।
पूछताछ में आरोपियों ने यू-ट्यूब से नकली नोट बनाने का तरीका सीखने की बात भी बताई। पुलिस के मुताबिक, नोट तैयार करने के लिए महाराष्ट्र से गणेश नाम के व्यक्ति के जरिए कॉटन पेपर की ए-4 शीट मंगाई जाती थीं। पुलिस इस कथित सप्लाई नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर सकती है।
हालांकि, इन सभी जानकारियों को पुलिस की ओर से पूछताछ में सामने आए दावों के रूप में देखा जाना चाहिए। मामले में आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे और आगे की जांच के आधार पर तथ्यों की पुष्टि होगी।
संदिग्ध नोट मिलने पर पुलिस या बैंक को दें सूचना
एसएसपी सूरज कुमार राय ने लोगों से जाली करेंसी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि 500 रुपये का कोई नोट नकली या संदिग्ध लगे तो उसकी सत्यता की जांच कराएं और भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि संदिग्ध नोट को आगे चलाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में नजदीकी बैंक या पुलिस को सूचना दें, ताकि मामले की जांच की जा सके और जाली करेंसी के प्रसार को रोकने में मदद मिले।