{"_id":"6adfb0de5e34d8a15a0904cb","slug":"mounted-on-a-bicycle-dara-will-make-a-round-of-khatauli-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-184014-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: साइकिल पर सवार हुए दारा लगाएंगे खतौली का चक्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: साइकिल पर सवार हुए दारा लगाएंगे खतौली का चक्कर
विज्ञापन
लखनऊ मे ंसपा की सदस्यता ग्रहण करते दारा सिंह प्रजापति : स्रोत स्वयं
मुजफ्फरनगर। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही जनप्रतिनिधियों ने भी मोर्चेबंदी शुरू कर दी है। बसपा से मुजफ्फरनगर लोकसभा का चुनाव लड़ चुके दारा सिंह प्रजापति ने लखनऊ में पूर्व सीएम एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्हें विधानसभा चुनाव में खतौली सीट से दावेदार माना जा रहा है।
लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर एक लाख 43 हजार 707 वोट हासिल कर मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट का समीकरण बदल चुके दारा सिंह प्रजापति अब विधानसभा चुनाव में जोर आजमाइश करते हुए नजर आ सकते हैं।
सोमवार को दारा सिंह के साथ बड़ी संख्या में मेरठ और मुजफ्फरनगर के समर्थक लखनऊ पहुंचे और सपा में शामिल हो गए। सरधना विधायक अतुल प्रधान समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में दारा सिंह ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि वह जनसेवा के लिए राजनीति में आए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान जनता ने उनका साथ दिया था।
विज्ञापन
-- -- -- --
परिसीमन के बाद बदला खतौली का गणित
नए परिसीमन में खतौली में पहला चुनाव 2012 में हुआ। रालोद के करतार सिंह भड़ाना ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद मुजफ्फरनगर दंगे से समीकरण बदला। वर्ष 2017 एवं 2022 में भाजपा के टिकट पर विक्रम सैनी जीते। विक्रम सैनी ने दंगे के मुकदमे में विधानसभा की सदस्यता गंवा दी। उपचुनाव में रालोद-सपा गठबंधन में मदन भैया ने जीत दर्ज की ओर विक्रम सैनी की पत्नी चुनाव हार गई थीं। इस बार गठबंधन बदल गया है। रालोद अब भाजपा के साथ एनडीए का हिस्सा है। ऐसे में सपा के पाले से टिकट के दावेदारों में दारा सिंह प्रजापति का नाम भी शामिल हो गया है।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर एक लाख 43 हजार 707 वोट हासिल कर मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट का समीकरण बदल चुके दारा सिंह प्रजापति अब विधानसभा चुनाव में जोर आजमाइश करते हुए नजर आ सकते हैं।
विज्ञापन
सोमवार को दारा सिंह के साथ बड़ी संख्या में मेरठ और मुजफ्फरनगर के समर्थक लखनऊ पहुंचे और सपा में शामिल हो गए। सरधना विधायक अतुल प्रधान समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में दारा सिंह ने सपा की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने कहा कि वह जनसेवा के लिए राजनीति में आए हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान जनता ने उनका साथ दिया था।
विज्ञापन
परिसीमन के बाद बदला खतौली का गणित
नए परिसीमन में खतौली में पहला चुनाव 2012 में हुआ। रालोद के करतार सिंह भड़ाना ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद मुजफ्फरनगर दंगे से समीकरण बदला। वर्ष 2017 एवं 2022 में भाजपा के टिकट पर विक्रम सैनी जीते। विक्रम सैनी ने दंगे के मुकदमे में विधानसभा की सदस्यता गंवा दी। उपचुनाव में रालोद-सपा गठबंधन में मदन भैया ने जीत दर्ज की ओर विक्रम सैनी की पत्नी चुनाव हार गई थीं। इस बार गठबंधन बदल गया है। रालोद अब भाजपा के साथ एनडीए का हिस्सा है। ऐसे में सपा के पाले से टिकट के दावेदारों में दारा सिंह प्रजापति का नाम भी शामिल हो गया है।