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पोस्टमार्टम हाउस से लौटा मोहित हार गया जिंदगी की जंग
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देवबंद (सहारनपुर)। हादसे में घायल जिस युवक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच कर उसकी धड़कनें फिर से चलने लगीं। इसके बाद उसे फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे वेंटीलेटर पर रखा गया। वहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। अब लोगों को कहना है कि यदि पहले ही उसकी चिकित्सकों ने गंभीरता से जांच की होती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
जड़ौदा जट्ट गांव निवासी ब्रजपाल सैनी का बेटा मोहित सैनी नवीन मंडी में एक आढ़ती के यहां नौकरी करता था। उसके बाद वह नगर के मित्तर सेन चौक पर स्थित एक मोबाइल की दुकान पर भी कार्य करने के लिए जाता था। दो दिन पूर्व मोहित आढ़ती के साथ मोटरसाइकिल से मंडी जा रहा था, जब वह हाईवे पर पड़ने वाले सैनपुर के समीप पहुंचे तो पीछे से आई कार ने बाइक को टक्कर मार दी। जिसमें मोहित और आढ़ती घायल हो गए थे। उपचार के लिए दोनों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन नाजुक हालत के चलते दोनों को मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया गया। मोहित के गांव के बचपन के साथी मोहित कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर से उसे नाजुक हालत के चलते पहले ऋषिकेश के एम्स और वहां से उसे देहरादून रेफर कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहां चिकित्सक उसका पोस्टमार्टम करते उससे पहले उन्हें महसूस हुआ कि उसकी धड़कनें चल रहीं हैं। जांच के बाद उसे वापस वेंटीलेटर पर भेज दिया गया। चिकित्सकों ने 72 घंटे का समय दिया, लेकिन शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व मोहित की शादी हुई थी और उसके एक चार माह की बच्ची है।
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जड़ौदा जट्ट गांव निवासी ब्रजपाल सैनी का बेटा मोहित सैनी नवीन मंडी में एक आढ़ती के यहां नौकरी करता था। उसके बाद वह नगर के मित्तर सेन चौक पर स्थित एक मोबाइल की दुकान पर भी कार्य करने के लिए जाता था। दो दिन पूर्व मोहित आढ़ती के साथ मोटरसाइकिल से मंडी जा रहा था, जब वह हाईवे पर पड़ने वाले सैनपुर के समीप पहुंचे तो पीछे से आई कार ने बाइक को टक्कर मार दी। जिसमें मोहित और आढ़ती घायल हो गए थे। उपचार के लिए दोनों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन नाजुक हालत के चलते दोनों को मुजफ्फरनगर रेफर कर दिया गया। मोहित के गांव के बचपन के साथी मोहित कुमार ने बताया कि मुजफ्फरनगर से उसे नाजुक हालत के चलते पहले ऋषिकेश के एम्स और वहां से उसे देहरादून रेफर कर दिया गया था। बृहस्पतिवार को चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहां चिकित्सक उसका पोस्टमार्टम करते उससे पहले उन्हें महसूस हुआ कि उसकी धड़कनें चल रहीं हैं। जांच के बाद उसे वापस वेंटीलेटर पर भेज दिया गया। चिकित्सकों ने 72 घंटे का समय दिया, लेकिन शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व मोहित की शादी हुई थी और उसके एक चार माह की बच्ची है।
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