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बैंडबाजों के साथ श्रीजी का मंगल अभिषेक
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Thu, 29 Mar 2018 10:55 PM IST
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Lord Mahavir
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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खतौली। धर्मनगरी में बड़ा बाजार स्थित सराफान जैन मंदिर में परम पूज्य एलाचार्य क्षमाभूषण महाराज के मंगल सानिध्य में विश्व वंदनीय भगवान महावीर का जन्म जयंती समारोह भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से मनाया गया। दिगंबर जैन महासमिति ने महावीर चालीसा पाठ का आयोजन किया। जैन महिला नवज्योति ने भगवान के जन्म की खुशियां मनाते हुए मंदिर प्रांगण में भक्ति नृत्य समारोह का आयोजन किया।
प्रात:काल में पंडित प्रमोद के मार्गदर्शन में भक्तामर महामंडल विधान का आयोजन किया। पीत वस्त्रों में सुशोभित भक्तों ने पूजा अर्चना करके अर्घ्य समर्पित किए। जिनेंद्र प्रभु की शांति धारा की गई। भगवान महावीर ने जियो और जीने दो का सिद्धांत दिया। बुधवार दोपहर में भगवान महावीर की भक्तों ने हर्षोल्लास के साथ वातावरण में शोभायात्रा निकाली।
नगर परिक्रमा के दौरान कई स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया। अनेक सुंदर धार्मिक झांकियां और बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। जानसठ तिराहे पर भक्तों ने 108 दीपकों से जिनेंद्र भगवान की आरती की। यह दृश्य मनोहारी था। अनेक स्थानों पर जलपान व्यवस्था रही। जैन सामाजिक संगठन द्वारा सर्वसमाज के लिए भोज व्यवस्था रही।
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जैन इंटर कालेज प्रांगण में पांडुक शिला पर तीर्थंकर बालक का जन्मोभिषेक समारोह मंत्रोच्चार के साथ हुआ। शोभायात्रा बड़ा बाजार, इंदिरा मूर्ति, पैठ रोड, जैन कीर्ति स्तंभ से होते हुए सराफन मंदिर पर समाप्त हुई। सबसे आगे गजरथ में जिनवाणी, अश्व रथ में यंत्र जी व वृषभ रथ में भगवान महावीर विराजमान थे।
इस अवसर पर योगेश सराफ, अरुण, मुकुल, कुलदीप, शीलचंद, प्रमोद, नवीन, राजीव, सतेंद्र, सुशील, अतुल, कल्पेंद्र, अजय, रवि, राजीव मुखिया, सुधीर मुखिया, प्रवक्ता नीरज प्रवक्ता, देवेंद्र, विनोद, मुकेश एडवोकेट, अनुपम आढ़ती, सुशील मंडी, शशांक, रामकुमार, राजकुमार, अशोक, ज्योति आदि मौजूद रहे। वहीं चरथावल में कस्बे एवं देहात में महावीर जयंती का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कुटेसरा जैन मंदिर में बैंडबाजों के साथ श्रीजी का मंगल अभिषेक किया गया।
बृहस्पतिवार को कुटेसरा गांव में महावीर जयंती पर श्रीजी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने झांकियां सजाई। महिला श्रद्धालुओं ने णमोकार मंत्र के पाठ के साथ पूजा में हिस्सा लिया। बैंडबाजे की भक्ति धुन पर मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु श्रीजी की मंगल अभिषेक किया। सचिन जैन, अनिल जैन, सुदेश कुमार, प्रमोद जैन का सहयोग रहा।
उधर, कस्बे में स्थित दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में 1100 वर्ष प्राचीन चमत्कारिक तीर्थंकर पद्म प्रभु भगवान की प्रतिमाओं का दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं ने मंगल अभिषेक किया। महिलाओं ने भजन कीर्तन का आयोजन कर भगवान महावीर के अहिंसा के संदेशों को प्रचारित किया। इस मौके पर अभय जैन, आदेश जैन, सुरेंद्र जैन, हिमांशु जैन, अंबुज जैन का सहयोग रहा।
उधर, शाहपुर में कस्बे में महावीर जयंती और आचार्य ज्ञान सागर महाराज के 30 वे दीक्षा दिवस समारोह पर जैन संत मुनि सुरत्न सागर जी महाराज के सानिध्य में रथयात्रा निकाली गई। इस दौरान जैन संत ने भगवान महावीर के जियो और जीने दो के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस दौरान जैन संत मुनि सुरत्न सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर त्याग एवं तपस्या की मूर्ति थे। उन्होंने पूरे विश्व को जियो और जीने दो का संदेश देकर देकर प्राणीमात्र का कल्याण किया। लोगों से आह्वान किया कि वह अपने जीवन में शाकाहार अपनाने के साथ पाश्चात्य संस्कृति को त्याग कर भारतीय संस्कृति को अपनाएं। रथयात्रा का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमेश सैनी ने किया।
उन्होंने श्रीजी की आरती की। रथयात्रा में स्वर्ण रथ पर श्रीजी की मूर्ति भूषण लाल मनोज कुमार जैन को लेकर बैठे, जबकि रथ के सारथी विनय कुमार जैन बने । सौधर्म मदन जैन व सतीश जैन व धनकुबेर बिजेंद्र जैन बने । जैन संत की महाआरती महेश चंद, नितिन कुमार जैन ने की। रथयात्रा में झांकियां नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रही।
महावीर के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक: आचार्य
मुजफ्फरनगर। तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती पर नगर में भव्य रथयात्रा निकाली गई। जैन मुनि नयन सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने संपूर्ण संसार को जियो और जीने दो का संदेश दिया। शोभायात्रा से पूर्व मंदिर में जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन हुआ।
सुबह बाल तीर्थंकर का जन्म, इंद्र दरबार, सोधर्म इंद्र इंद्रानी का संवाद का कार्यक्रम हुआ। उपाध्याय नयन सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने सत्य का संदेश दिया। उन्होंने संसार को जियो और जीने दो का संदेश दिया। समाज में प्रेम, समरसता और सद्भाव के लिए भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाएं। पाद प्रक्षालन रविंद्र जैन, अभिषेक जैन, अखिलेश जैन ने किया। अखिलेश जैन ने मुनि श्री को शास्त्र भेंट किए। कुसुम जैन, नेहा जैन और हिमानी जैन ने आरती संपन्न कराई।
जैन औषधालय से श्रीजी की भव्य रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। टाउन हाल मैदान में रथयात्रा के पहुंचने पर नयन सागर जी महाराज के सानिध्य में पांडुक शिला पर 1008 कलशों द्वारा श्रीजी का जलाभिषेक किया गया। लोहिया बाजार में गौरव जैन, दिनेश जैन, अनिल जैन, अजय जैन, मुकेश जैन, आशीष जैन आदि ने शोभायात्रा का स्वागत किया। महावीर चौक पर जैन मिलन के द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। नरेंद्र जैन नावला वालों ने भंडारे का शुभारंभ किया। नेमीचंद जैन, मनोज जैन, श्रेयांस जैन का सहयोग रहा।
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प्रात:काल में पंडित प्रमोद के मार्गदर्शन में भक्तामर महामंडल विधान का आयोजन किया। पीत वस्त्रों में सुशोभित भक्तों ने पूजा अर्चना करके अर्घ्य समर्पित किए। जिनेंद्र प्रभु की शांति धारा की गई। भगवान महावीर ने जियो और जीने दो का सिद्धांत दिया। बुधवार दोपहर में भगवान महावीर की भक्तों ने हर्षोल्लास के साथ वातावरण में शोभायात्रा निकाली।
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नगर परिक्रमा के दौरान कई स्थानों पर शोभायात्रा का स्वागत किया। अनेक सुंदर धार्मिक झांकियां और बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। जानसठ तिराहे पर भक्तों ने 108 दीपकों से जिनेंद्र भगवान की आरती की। यह दृश्य मनोहारी था। अनेक स्थानों पर जलपान व्यवस्था रही। जैन सामाजिक संगठन द्वारा सर्वसमाज के लिए भोज व्यवस्था रही।
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जैन इंटर कालेज प्रांगण में पांडुक शिला पर तीर्थंकर बालक का जन्मोभिषेक समारोह मंत्रोच्चार के साथ हुआ। शोभायात्रा बड़ा बाजार, इंदिरा मूर्ति, पैठ रोड, जैन कीर्ति स्तंभ से होते हुए सराफन मंदिर पर समाप्त हुई। सबसे आगे गजरथ में जिनवाणी, अश्व रथ में यंत्र जी व वृषभ रथ में भगवान महावीर विराजमान थे।
इस अवसर पर योगेश सराफ, अरुण, मुकुल, कुलदीप, शीलचंद, प्रमोद, नवीन, राजीव, सतेंद्र, सुशील, अतुल, कल्पेंद्र, अजय, रवि, राजीव मुखिया, सुधीर मुखिया, प्रवक्ता नीरज प्रवक्ता, देवेंद्र, विनोद, मुकेश एडवोकेट, अनुपम आढ़ती, सुशील मंडी, शशांक, रामकुमार, राजकुमार, अशोक, ज्योति आदि मौजूद रहे। वहीं चरथावल में कस्बे एवं देहात में महावीर जयंती का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कुटेसरा जैन मंदिर में बैंडबाजों के साथ श्रीजी का मंगल अभिषेक किया गया।
बृहस्पतिवार को कुटेसरा गांव में महावीर जयंती पर श्रीजी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने झांकियां सजाई। महिला श्रद्धालुओं ने णमोकार मंत्र के पाठ के साथ पूजा में हिस्सा लिया। बैंडबाजे की भक्ति धुन पर मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु श्रीजी की मंगल अभिषेक किया। सचिन जैन, अनिल जैन, सुदेश कुमार, प्रमोद जैन का सहयोग रहा।
उधर, कस्बे में स्थित दिगंबर जैन मंदिर प्रांगण में 1100 वर्ष प्राचीन चमत्कारिक तीर्थंकर पद्म प्रभु भगवान की प्रतिमाओं का दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। श्रद्धालुओं ने मंगल अभिषेक किया। महिलाओं ने भजन कीर्तन का आयोजन कर भगवान महावीर के अहिंसा के संदेशों को प्रचारित किया। इस मौके पर अभय जैन, आदेश जैन, सुरेंद्र जैन, हिमांशु जैन, अंबुज जैन का सहयोग रहा।
उधर, शाहपुर में कस्बे में महावीर जयंती और आचार्य ज्ञान सागर महाराज के 30 वे दीक्षा दिवस समारोह पर जैन संत मुनि सुरत्न सागर जी महाराज के सानिध्य में रथयात्रा निकाली गई। इस दौरान जैन संत ने भगवान महावीर के जियो और जीने दो के संदेश को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
इस दौरान जैन संत मुनि सुरत्न सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर त्याग एवं तपस्या की मूर्ति थे। उन्होंने पूरे विश्व को जियो और जीने दो का संदेश देकर देकर प्राणीमात्र का कल्याण किया। लोगों से आह्वान किया कि वह अपने जीवन में शाकाहार अपनाने के साथ पाश्चात्य संस्कृति को त्याग कर भारतीय संस्कृति को अपनाएं। रथयात्रा का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष प्रमेश सैनी ने किया।
उन्होंने श्रीजी की आरती की। रथयात्रा में स्वर्ण रथ पर श्रीजी की मूर्ति भूषण लाल मनोज कुमार जैन को लेकर बैठे, जबकि रथ के सारथी विनय कुमार जैन बने । सौधर्म मदन जैन व सतीश जैन व धनकुबेर बिजेंद्र जैन बने । जैन संत की महाआरती महेश चंद, नितिन कुमार जैन ने की। रथयात्रा में झांकियां नागरिकों के आकर्षण का केंद्र रही।
महावीर के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक: आचार्य
मुजफ्फरनगर। तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती पर नगर में भव्य रथयात्रा निकाली गई। जैन मुनि नयन सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने संपूर्ण संसार को जियो और जीने दो का संदेश दिया। शोभायात्रा से पूर्व मंदिर में जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन हुआ।
सुबह बाल तीर्थंकर का जन्म, इंद्र दरबार, सोधर्म इंद्र इंद्रानी का संवाद का कार्यक्रम हुआ। उपाध्याय नयन सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान महावीर ने सत्य का संदेश दिया। उन्होंने संसार को जियो और जीने दो का संदेश दिया। समाज में प्रेम, समरसता और सद्भाव के लिए भगवान महावीर के सिद्धांतों को अपनाएं। पाद प्रक्षालन रविंद्र जैन, अभिषेक जैन, अखिलेश जैन ने किया। अखिलेश जैन ने मुनि श्री को शास्त्र भेंट किए। कुसुम जैन, नेहा जैन और हिमानी जैन ने आरती संपन्न कराई।
जैन औषधालय से श्रीजी की भव्य रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। टाउन हाल मैदान में रथयात्रा के पहुंचने पर नयन सागर जी महाराज के सानिध्य में पांडुक शिला पर 1008 कलशों द्वारा श्रीजी का जलाभिषेक किया गया। लोहिया बाजार में गौरव जैन, दिनेश जैन, अनिल जैन, अजय जैन, मुकेश जैन, आशीष जैन आदि ने शोभायात्रा का स्वागत किया। महावीर चौक पर जैन मिलन के द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। नरेंद्र जैन नावला वालों ने भंडारे का शुभारंभ किया। नेमीचंद जैन, मनोज जैन, श्रेयांस जैन का सहयोग रहा।