{"_id":"5aeb5b564f1c1bc03d8b66c3","slug":"loss-of-40-lakhs-from-storm","type":"story","status":"publish","title_hn":"आंधी में उड़ गए बिजली विभाग के 40 लाख ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आंधी में उड़ गए बिजली विभाग के 40 लाख
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 04 May 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
आंधी के दौरान मुजफ्फरनगर में गिरा यूकेलिप्टस का पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में बुधवार को आई आंधी से भारी नुकसान हुआ है। 24 घंटे बाद जिले में 90 प्रतिशत क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार आंधी से जिले में करीब 150 खंभे टूट गए और लगभग 40 लाख का नुकसान हुआ है। गेहूं किसानों और आम उत्पादकों को भी आंधी से काफी नुकसान पहुंचा है।
जिले में बुधवार को आई आंधी में नगरीय क्षेत्र के 17 बिजली घरों सहित समस्त 32 बिजली घरों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। आंधी में सैकड़ों स्थानों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। जिले में 150 सौ बिजली के खंभे आंधी में टूटकर गिर गए।
विद्युत निगम के लगभग एक हजार कर्मचारी और अधिकारी बुधवार की रात्रि एक बजे तक व्यवस्था बनाने में लगे रहे और शहर की आपूर्ति सुचारु की। बृहस्पतिवार की शाम तक जिले के ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत लाइनें ठीक की गई। अधीक्षण अभियंता नगरीय एके आत्रेय ने बताया कि जिले में लगभग 40 लाख का नुकसान बिजली विभाग का हो सकता है।
विज्ञापन
हमारा पहला लक्ष्य विद्युत आपूर्ति सुचारु करना था। 90 प्रतिशत आपूर्ति पूरे जिले में सुचारु हो चुकी है। आंधी से जिले में उन गेहूं किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जिनका गेहूं खेतों में खड़ा, कटा पड़ा है या थ्रेसिंग हो रहा था। आंधी ने आम उत्पादकों को भी नुकसान पहुंचाया है।
गेहूं और आम की फसल को नुकसान
चरथावल। तेज हवाओं के साथ बारिश से कस्बे समेत कई गांवों की आपूर्ति 24 घंटों तक बाधित रही। जलालाबाद लाइन में फाल्ट आने से कर्मचारियों को ठीक करनेे में 24 घंटे से अधिक लग गए। जिससे कस्बे में पानी का संकट गहरा गया। वहीं, गेहूं और आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
जलालाबाद की जर्जर लाइन मामूली हवाओं और बरसात में लोगों के लिए दुश्वारियां बढ़ाती हैं। बुधवार शाम को आंधी ने बिजली आपूर्ति ठप कर दी। लाइन पर पेड़ों के टूटने से लाइन में फाल्ट आ गया। बिजलीघर पर रात को किसी कर्मचारियों के तैनात नहीं रहने से फाल्ट ढूंढने का काम बृहस्पतिवार को सुबह शुरू हुआ।
शाम करीब साढ़े छह बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाई। जिससे कस्बे में एवं देहात में लोगों को पानी की किल्लत बन गई। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों ने जनरेटर वालों के यहां जाकर जुगाड़ किया। वहीं थानाभवन-चरथावल मार्ग पर पेड़ों के टूटने से भारी नुकसान हुआ।
बधाई कलां, सैदपुर कलां, पीपलशाह समेत कई गांवों में आम के बागों में भी भारी नुकसान होने का अनुमान है। मौसम की मार गेहूं किसानों पर भी पड़ी। जिनका भूसा खेतों में पड़ा था, वह बर्बाद हो गया। दीपचंद सैनी, अमर सिंह, अमरीश कुमार, राहुल त्यागी, सोनू कुमार ने बताया कि गेहूूं और आम की फसल को भारी नुकसान है।
विज्ञापन
जिले में बुधवार को आई आंधी में नगरीय क्षेत्र के 17 बिजली घरों सहित समस्त 32 बिजली घरों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी। आंधी में सैकड़ों स्थानों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए। जिले में 150 सौ बिजली के खंभे आंधी में टूटकर गिर गए।
विज्ञापन
विद्युत निगम के लगभग एक हजार कर्मचारी और अधिकारी बुधवार की रात्रि एक बजे तक व्यवस्था बनाने में लगे रहे और शहर की आपूर्ति सुचारु की। बृहस्पतिवार की शाम तक जिले के ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत लाइनें ठीक की गई। अधीक्षण अभियंता नगरीय एके आत्रेय ने बताया कि जिले में लगभग 40 लाख का नुकसान बिजली विभाग का हो सकता है।
विज्ञापन
हमारा पहला लक्ष्य विद्युत आपूर्ति सुचारु करना था। 90 प्रतिशत आपूर्ति पूरे जिले में सुचारु हो चुकी है। आंधी से जिले में उन गेहूं किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, जिनका गेहूं खेतों में खड़ा, कटा पड़ा है या थ्रेसिंग हो रहा था। आंधी ने आम उत्पादकों को भी नुकसान पहुंचाया है।
गेहूं और आम की फसल को नुकसान
चरथावल। तेज हवाओं के साथ बारिश से कस्बे समेत कई गांवों की आपूर्ति 24 घंटों तक बाधित रही। जलालाबाद लाइन में फाल्ट आने से कर्मचारियों को ठीक करनेे में 24 घंटे से अधिक लग गए। जिससे कस्बे में पानी का संकट गहरा गया। वहीं, गेहूं और आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
जलालाबाद की जर्जर लाइन मामूली हवाओं और बरसात में लोगों के लिए दुश्वारियां बढ़ाती हैं। बुधवार शाम को आंधी ने बिजली आपूर्ति ठप कर दी। लाइन पर पेड़ों के टूटने से लाइन में फाल्ट आ गया। बिजलीघर पर रात को किसी कर्मचारियों के तैनात नहीं रहने से फाल्ट ढूंढने का काम बृहस्पतिवार को सुबह शुरू हुआ।
शाम करीब साढ़े छह बजे बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाई। जिससे कस्बे में एवं देहात में लोगों को पानी की किल्लत बन गई। मोबाइल चार्ज करने के लिए लोगों ने जनरेटर वालों के यहां जाकर जुगाड़ किया। वहीं थानाभवन-चरथावल मार्ग पर पेड़ों के टूटने से भारी नुकसान हुआ।
बधाई कलां, सैदपुर कलां, पीपलशाह समेत कई गांवों में आम के बागों में भी भारी नुकसान होने का अनुमान है। मौसम की मार गेहूं किसानों पर भी पड़ी। जिनका भूसा खेतों में पड़ा था, वह बर्बाद हो गया। दीपचंद सैनी, अमर सिंह, अमरीश कुमार, राहुल त्यागी, सोनू कुमार ने बताया कि गेहूूं और आम की फसल को भारी नुकसान है।