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कर्ज में दे दी जान, अब सिस्टम की मार
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 01:01 AM IST
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किसानों का फाइल फोटो।
- फोटो : फाइल फोटो।
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मुजफ्फरनगर के खतौली में कर्ज में डूबे किसान ने नहर में कूद कर जान दे दी, लेकिन अब उसके परिवार को सिस्टम की मार झेलनी पड़ रही है। प्रशासन के सामने मामले को आत्महत्या साबित करने के लिए पुलिस की रिपोर्ट चाहिए।
घटना मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में हुई, लेकिन वहां मामला खतौली थाने का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। वहीं खतौली थाना इसतरह की घटना से इनकार कर रहा है।
बैंक का कर्ज न चुका पाने पर सिखेड़ा के गांव फहीमपुर कलां के वृद्ध किसान सहेंद्रपाल ने चार अप्रैल को गंगनहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। सलावा झाल में मिले शव को सरधना पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेज दिया था।
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30 बीघा के मृतक किसान पर बैंक व गन्ना सोसायटी का दो लाख से अधिक का कर्ज बताया गया था। वृद्ध के परिवार को तहसील से मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए पुलिस रिपोर्ट का इंतजार है।
तहसील प्रशासन इस रिपोर्ट को डीएम के पास भेजेगा। लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अपनी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। जबकि हल्का लेखपाल ने अपनी जांच में किसान पर 2.40 लाख का कर्ज होने की पुष्टि की है।
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घटना मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में हुई, लेकिन वहां मामला खतौली थाने का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। वहीं खतौली थाना इसतरह की घटना से इनकार कर रहा है।
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बैंक का कर्ज न चुका पाने पर सिखेड़ा के गांव फहीमपुर कलां के वृद्ध किसान सहेंद्रपाल ने चार अप्रैल को गंगनहर में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। सलावा झाल में मिले शव को सरधना पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेज दिया था।
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30 बीघा के मृतक किसान पर बैंक व गन्ना सोसायटी का दो लाख से अधिक का कर्ज बताया गया था। वृद्ध के परिवार को तहसील से मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए पुलिस रिपोर्ट का इंतजार है।
तहसील प्रशासन इस रिपोर्ट को डीएम के पास भेजेगा। लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अपनी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। जबकि हल्का लेखपाल ने अपनी जांच में किसान पर 2.40 लाख का कर्ज होने की पुष्टि की है।