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फांसी लगा किसान ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 13 Jun 2016 12:30 AM IST
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Suicide
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बुढ़ाना। गांव टांडा माजरा में रविवार सुबह एक किसान ने गले में रस्सी से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। किसान के मरने की सूचना मिलते ही पुलिस तथा एसडीएम भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा भर किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटना से परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत भी पीड़ित परिवार में पहुंचे तथा सांत्वना दी। बजाज चीनी मिल ने किसान का गन्ने के बकाया भुगतान का करीब 37 हजार रुपये का चैक उसके बेटे को दिया।
कोतवाली क्षेत्र के गांव टांडा माजरा निवासी जोगेन्द्र पुत्र अतर सिंह (50) का शव रविवार का सुबह सवेरे उसके कमरे में छत के गाटर से लटका हुआ मिला।
शव को देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। रोने की आवाज सुनते ही परिजन तथा ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव में कर्ज में डूबने से आत्महत्या की चर्चा रही। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी नायब तहसीलदार राकेश वर्मा के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच की। उन्होंने कर्ज में डूबने की बात को पूरी तरह नकार दिया।
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उपजिलाधिकारी ने बताया कि मृतक जोगेन्द्र के ऊपर किसी भी बैंक का कोई कर्ज नहीं है। उनकी तहसील में मृतक के खिलाफ किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्था द्वारा आरसी भी जारी नही की गई है। मृतक की तीन बेटियां और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी कर चुका है। उसके पास पक्का मकान तथा 12 बीघा जमीन है।
उपजिलाधिकारी ने किसान की माली हालत ठीक बताई। उपजिलाधिकारी ने मृतक की पत्नी अमरेश और अन्य परिजनों से वार्ता करने के बाद बताया कि पिछले एक साल से किसान का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। घर की सारी जिम्मेदारी और कामकाज उसकी पत्नी संभालती थी।
किसान के मरने की सूचना मिलने पर भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत भी पीडित परिवार में पहुंचे। उन्होंने पीडित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को ऐसा कदम नही उठाना चाहिए। बजाज चीनी मिल भैंसाना ने मृतक के गन्ने का बकाया पूर्ण भुगतान का 37 हजार 593 रूपये का चैक मृतक के बेटे प्रशांत को दिया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब साढे़ पांच बजे गमगीन माहौल में यहां मौजूद ग्रामीणाें ने अंतिम संस्कार करवाया।
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घटना से परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत भी पीड़ित परिवार में पहुंचे तथा सांत्वना दी। बजाज चीनी मिल ने किसान का गन्ने के बकाया भुगतान का करीब 37 हजार रुपये का चैक उसके बेटे को दिया।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव टांडा माजरा निवासी जोगेन्द्र पुत्र अतर सिंह (50) का शव रविवार का सुबह सवेरे उसके कमरे में छत के गाटर से लटका हुआ मिला।
शव को देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। रोने की आवाज सुनते ही परिजन तथा ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव में कर्ज में डूबने से आत्महत्या की चर्चा रही। मौके पर पहुंचे उपजिलाधिकारी ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी नायब तहसीलदार राकेश वर्मा के साथ पूरे घटनाक्रम की जांच की। उन्होंने कर्ज में डूबने की बात को पूरी तरह नकार दिया।
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उपजिलाधिकारी ने बताया कि मृतक जोगेन्द्र के ऊपर किसी भी बैंक का कोई कर्ज नहीं है। उनकी तहसील में मृतक के खिलाफ किसी भी बैंक अथवा वित्तीय संस्था द्वारा आरसी भी जारी नही की गई है। मृतक की तीन बेटियां और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी कर चुका है। उसके पास पक्का मकान तथा 12 बीघा जमीन है।
उपजिलाधिकारी ने किसान की माली हालत ठीक बताई। उपजिलाधिकारी ने मृतक की पत्नी अमरेश और अन्य परिजनों से वार्ता करने के बाद बताया कि पिछले एक साल से किसान का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। घर की सारी जिम्मेदारी और कामकाज उसकी पत्नी संभालती थी।
किसान के मरने की सूचना मिलने पर भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत भी पीडित परिवार में पहुंचे। उन्होंने पीडित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान को ऐसा कदम नही उठाना चाहिए। बजाज चीनी मिल भैंसाना ने मृतक के गन्ने का बकाया पूर्ण भुगतान का 37 हजार 593 रूपये का चैक मृतक के बेटे प्रशांत को दिया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब साढे़ पांच बजे गमगीन माहौल में यहां मौजूद ग्रामीणाें ने अंतिम संस्कार करवाया।