फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Jat consolidation

रालोद का टारगेट जाटों की गोलबंदी, अजित की हार के बाद आक्रामक होती रही है बिरादरी

Fri, 23 Dec 2016 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 23 Dec 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
Jat consolidation
रैली को संबोधित करते अजित सिंह।
विधानसभा चुनाव 2017 के लिए रालोद का टारगेट जाटों की गोलबंदी है। अभी तक का इतिहास रहा है कि अजित सिंह जब भी चुनाव हारे, अगली बार जाट बिरादरी उतने ही आक्रामक तरीके से एकजुट हुई। चरथावल रैली में दिए गए भाषणों से किसानों का सम्मान और स्वाभिमान जगाकर रालोद के पक्ष में एकजुट होने का संदेश दिया गया। इस चुनाव में रालोद की अतिपिछड़ों और मुसलमानों को साथ जोड़कर मैदान में उतरने की तैयारी है।   
विज्ञापन


चरथावल की किसान अधिकार रैली में वक्ताओं ने मंच से जिस तरह भाषण दिया, उसका पूरा सार जाटों को पूरी तरह रालोद के पक्ष में गोलबंद करना रहा। बीते लोकसभा चुनाव में दंगे के हालात में जाट बिरादरी जिस तरह बीजेपी के पक्ष में खिसक गई, उससे रालोद को भारी नुकसान हुआ। इससे पहले भी जब छोटे चौधरी की हार हुई तो आगामी चुनाव में पूरी बिरादरी एकजुट दिखाई दी। दंगे के बाद हालात बदल चुके हैं। रालोद ने एक बार फिर पुराने समीकरण बनाने शुरू कर दिए हैं। 
विज्ञापन


रालोद के केंद्र में अब जयंत चौधरी को रखा गया है। बिरादरी भी अब उन्हीं में अपना भविष्य देख रही है। वक्ताओं ने रैली में यह बताने का प्रयास भी किया कि रालोद की सियासत अब जयंत चौधरी के हाथों में है। जदयू के केसी त्यागी ने तो यहां तक कह दिया कि दूसरे दल तैयार बैठे हैं, बस आप लोगों की ताकत चाहिए। अब देखना यह है कि जाट समाज रालोद के पक्ष में गोलबंद होता है या फिर बीजेपी की तरफ खिसकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed