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आरक्षण मुद्दे पर भाजपा चुप, जाट नाराज
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:27 AM IST
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केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते जाट।
- फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण की मांग को लेकर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा जाटों के आरक्षण को लेकर चुप्पी साधे हुए है। हरियाणा में आरक्षण की मांग करने वाले जाट नेताओं के खिलाफ मुकदमे कायम हुए हैं। उनकी यह मांग अब आंदोलन का रूप ले चुकी है।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक सोमवार को बुढ़ाना पहुंचे। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले कस्बे के चौधरी चरण सिंह चौक पर धरना दिया।
धरना स्थल पर उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग करने वाले जाट नेताओं पर हरियाणा की भाजपा सरकार ने अत्याचार किया है। हरियाणा के आंदोलन में 31 व्यक्तियों की मौत हुई। 150 घायल हुए तथा 600 लोग जेल गए। 25 हजार लोगों पर मुकदमे कायम हैं।
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हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई से साफ दिखाई देता है कि भाजपा देश में जाटों पर अत्याचार कर रही है। मुजफ्फरनगर का दंगा, हरियाणा में राजकुमार सैनी के माध्यम से दंगा कराया जाना ये सोची समझी चालें हैं। भाजपा मथुरा कांड को तो आंदोलन का मुद्दा बना रही है, लेकिन हरियाणा के जाट आरक्षण के मुद्दे पर चुप्पी साधे है।
प्रदेश के मुख्य महासचिव बीरपाल राणा ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग अब पूरे देश में आंदोलन का रूप लेती जा रही है। जाटों को आरक्षण न दिया गया तो यह आंदोलन केंद्र सरकार के लिए समस्या बन जाएगा। धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी व एसपी क्राईम प्रदीप गुप्ता को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपनी नौ मांगों का ज्ञापन दिया।
चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग 30 जून तक पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। अध्यक्षता ओमपाल बालियान ने और संचालन मदन राठी ने किया। मौके पर अमित तोमर, वीरपाल राणा, शैलेंद्र, कुशलपाल, बालेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह, ब्रहमपाल सिंह, राजपाल सिंह, संयम पंवार आदि ने विचार रखे।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक सोमवार को बुढ़ाना पहुंचे। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले कस्बे के चौधरी चरण सिंह चौक पर धरना दिया।
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धरना स्थल पर उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाट आरक्षण की मांग करने वाले जाट नेताओं पर हरियाणा की भाजपा सरकार ने अत्याचार किया है। हरियाणा के आंदोलन में 31 व्यक्तियों की मौत हुई। 150 घायल हुए तथा 600 लोग जेल गए। 25 हजार लोगों पर मुकदमे कायम हैं।
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हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई से साफ दिखाई देता है कि भाजपा देश में जाटों पर अत्याचार कर रही है। मुजफ्फरनगर का दंगा, हरियाणा में राजकुमार सैनी के माध्यम से दंगा कराया जाना ये सोची समझी चालें हैं। भाजपा मथुरा कांड को तो आंदोलन का मुद्दा बना रही है, लेकिन हरियाणा के जाट आरक्षण के मुद्दे पर चुप्पी साधे है।
प्रदेश के मुख्य महासचिव बीरपाल राणा ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग अब पूरे देश में आंदोलन का रूप लेती जा रही है। जाटों को आरक्षण न दिया गया तो यह आंदोलन केंद्र सरकार के लिए समस्या बन जाएगा। धरनास्थल पर पहुंचे एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी व एसपी क्राईम प्रदीप गुप्ता को जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने अपनी नौ मांगों का ज्ञापन दिया।
चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग 30 जून तक पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। अध्यक्षता ओमपाल बालियान ने और संचालन मदन राठी ने किया। मौके पर अमित तोमर, वीरपाल राणा, शैलेंद्र, कुशलपाल, बालेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह, ब्रहमपाल सिंह, राजपाल सिंह, संयम पंवार आदि ने विचार रखे।