फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Heart patients have to be careful

ठंड बढते ही हार्ट अटैक की घटनाएं बढी

Tue, 26 Nov 2019 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
Heart patients have to be careful
हृदय रोगियों को संभलकर चलना होगा
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। सर्दी का अहसास होते ही हृदय रोगियों की चिंता भी बढ़ना लाजिमी है। अभी मामूली ठंड में ही चार लोगों की हार्टअटैक से मौत हो चुकी है। ठंड बढ़ने के साथ ही दिल के मरीजों की धड़कने और तेज हो जाएगी। ऐसे में हृदय रोगियों को मौसम के साथ सतर्कता बरतनी भी जरूरी है।
हृदय रोग विशेषज्ञ एवं डीएम कार्डियोलॉजी डॉ सत्यम राजवंशी ने हार्टअटैक से बचाव के लिए हृदय रोगियों को सलाह दी है। डॉक्टर राजवंशी ने कहा कि कि सर्दियों में दिल का खास ख्याल रखें। सर्द मौसम में दिल के दौरे के नए मामले 40 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। हमारा दिल मांसपेशी से बना एक जटिल पंप है। जो मां के भ्रूण में पहले ही महीने से शुरू होकर जीवन के अंत तक बिना रुके धड़कता रहता है। हर मिनट में औसतन 70 बार दिलों के धड़कने के हिसाब से एक दिन में एक लाख बार और 70 साल की उम्र तक 250 करोड़ बार दिल खून को पूरे शरीर में पंप करता है। इतने जटिल काम के लिए दिल को तीन धमनियों (नसों) से लगातार खून की सप्लाई चाहिए। तीनों में से किसी भी धमनी में आई अचानक रुकावट से दिल का दौरा पड़ता है, जो जानलेवा हो सकता है।
विज्ञापन

दिल की नसों में रुकावट के कारण
धूम्रपान, तंबाकू का सेवन, शराब का सेवन, शुगर की बीमारी, ब्लड प्रेशर की बीमारी, वसायुक्त खाने और फास्ट फूड से कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, मोटापा, व्यायाम का अभाव, इन सब से दिल की नसों में 15 साल की उम्र से ही कोलेस्ट्रॉल जमकर रुकावट होनी शुरू हो जाती है, जो बढ़ती हुई उम्र के साथ और बढ़ती जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्दी के मौसम में दिल की बीमारियां
दो कारणों से सर्दियों में दिल की परेशानियां बढ़ जाती हैं। पहला गिरते तापमान और ठंडी हवा के संपर्क में आने से दिल, दिमाग और सारे शरीर की धमनियां (नसें) सिकुड़ जाती हैं। ठंडी हवा तथा वायरल इंफेक्शन से सांस की नली में भी सूजन आती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सिकुड़ी हुई नसों में खून गाढ़ा होकर जमने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे दिल या दिमाग का दौरा (पक्षाघात/पैरालाइसिस) पड़ सकता है।
संतुलित आहार लें
चाय, कॉफी, मावा, मिठाइयां, घी चिकनाईयुक्त भोजन जैसे पूरी, परांठे, पकोड़े, समोसे, मक्खन, मलाई, मीट आदि का बहुत सीमित मात्रा में प्रयोग करें। ज्यादा नमक का सेवन ना करें। प्रतिदिन ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। भीगे हुए बादाम, अखरोट का सेवन लाभदायक है, जितना संभव हो ज्यादा मात्रा में गर्म पानी का सेवन करें ।

स्वास्थ्य केंद्रों पर आकस्मिक सेवाएं
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा का कहना है कि सर्दी में हार्ट की समस्याएं बढ़ती है। जिला चिकित्सालय सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आकस्मिक सेवाएं हैं। हार्टअटैक का कोई केस आता है तो उसका तुरंत उपचार किया जाता है। जिला चिकित्सालय में एक्सपर्ट चिकित्सक भी हैं।
नवंबर माह में हार्टअटैक से मृतकों के नाम
- सुरेंद्र सिंधी, प्रमुख उद्यमी
- लटूर सिंह मलिक, पूर्व प्रधानाचार्य
- गोपाल सैनी, गांधीनगर
-बैजनाथ, चीनी ब्रोकर नईमंडी
-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed