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खतौली में स्वास्थ्य विभाग की टीम का विरोध
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खतौली में स्वास्थ्य विभाग की टीम का विरोध
खतौली (मुजफ्फरनगर)। कस्बे में तीन दिन पहले आयशा मस्जिद में निजामुद्दीन मरकज से आया एक जमाती के कोरोना पॉजिटिव मिला था। बुधवार को अधिकारियों के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे करने पहुंची। सर्वे टीम का मोहल्लेवासियों ने विरोध किया। मामले की सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने दोबारा सर्वे किए जाने का कारण बताया, उसके बाद मोहल्लेवासी शांत हुए।
खतौली के वार्ड 20 मोहल्ला सराफान पश्चिमी में स्थित मस्जिद में 23 मार्च को निजामुद्दीन मरकज से दस जमाती आए थे, जिनमें से एक जमाती की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 490 मकानों का सर्वे किया था, जिनमें लगभग तीन हजार लोग शामिल थे। इन लोगों को घरों में ही क्वारंटीन कर दिया गया था, लेकिन भेजी गई रिपोर्ट को वापस भेजते हुए मस्जिद के एक किलोमीटर क्षेत्र में पड़ने वाले मोहल्लों का सर्वे दोबारा से कराए जाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद फिर से सर्वे का काम शुरू किया गया। सीएचसी पर सर्वे के लिए टीम कम होने के कारण पीएचसी की टीमों को भी बुलाया गया। मस्जिद के आसपास के मोहल्ले शराफत कालोनी, जैननगर, बालाजीपुरम, देवीदास, गैस गोदाम आदि मोहल्लों का सर्वे किया गया। सर्वे करते समय स्वास्थ्य विभाग की टीम को मोहल्ला सराफान पश्चिमी समेत शराफत कालोनी के मोहल्लेवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा। सर्वे का काम रुकने के सूचना पर कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचे। उधर, सीएचसी प्रभारी डाक्टर मुकेश उपाध्याय भी मौके पर गए। उन्होंने मोहल्लेवासियों को दोबारा से सर्वे करने का कारण बताया, जिसके बाद मोहल्लेवासी शांत हो गए। स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम ने वहां का सर्वे शुरू कर दिया।
एनआरसी से जोड़ रहे सर्वे को
खतौली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वे को मोहल्ले के कुछ व्यक्ति एनआरसी से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम एक-एक परिवार का पूरा डाटा लेकर उसका चार्ट तैयार कर रही है, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि यह सर्वे कोरोना पॉजिटिव आए व्यक्ति के कारण उसके सर्किल में स्थित एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले व्यक्तियों का लिया जा रहा है। पूरे नगर या देहात क्षेत्रोें में रहने वाले व्यक्तियों का डाटा नहीं लिया जा रहा है, इस जानकारी के बाद उन्होंने अपने परिवार से संबंधित जानकारी सर्वे टीम को मुहैया कराई।
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खतौली (मुजफ्फरनगर)। कस्बे में तीन दिन पहले आयशा मस्जिद में निजामुद्दीन मरकज से आया एक जमाती के कोरोना पॉजिटिव मिला था। बुधवार को अधिकारियों के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वे करने पहुंची। सर्वे टीम का मोहल्लेवासियों ने विरोध किया। मामले की सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। चिकित्सकों ने दोबारा सर्वे किए जाने का कारण बताया, उसके बाद मोहल्लेवासी शांत हुए।
खतौली के वार्ड 20 मोहल्ला सराफान पश्चिमी में स्थित मस्जिद में 23 मार्च को निजामुद्दीन मरकज से दस जमाती आए थे, जिनमें से एक जमाती की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 490 मकानों का सर्वे किया था, जिनमें लगभग तीन हजार लोग शामिल थे। इन लोगों को घरों में ही क्वारंटीन कर दिया गया था, लेकिन भेजी गई रिपोर्ट को वापस भेजते हुए मस्जिद के एक किलोमीटर क्षेत्र में पड़ने वाले मोहल्लों का सर्वे दोबारा से कराए जाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद फिर से सर्वे का काम शुरू किया गया। सीएचसी पर सर्वे के लिए टीम कम होने के कारण पीएचसी की टीमों को भी बुलाया गया। मस्जिद के आसपास के मोहल्ले शराफत कालोनी, जैननगर, बालाजीपुरम, देवीदास, गैस गोदाम आदि मोहल्लों का सर्वे किया गया। सर्वे करते समय स्वास्थ्य विभाग की टीम को मोहल्ला सराफान पश्चिमी समेत शराफत कालोनी के मोहल्लेवासियों के विरोध का सामना करना पड़ा। सर्वे का काम रुकने के सूचना पर कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचे। उधर, सीएचसी प्रभारी डाक्टर मुकेश उपाध्याय भी मौके पर गए। उन्होंने मोहल्लेवासियों को दोबारा से सर्वे करने का कारण बताया, जिसके बाद मोहल्लेवासी शांत हो गए। स्वास्थ्य विभाग की सर्वे टीम ने वहां का सर्वे शुरू कर दिया।
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एनआरसी से जोड़ रहे सर्वे को
खतौली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे सर्वे को मोहल्ले के कुछ व्यक्ति एनआरसी से जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम एक-एक परिवार का पूरा डाटा लेकर उसका चार्ट तैयार कर रही है, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि यह सर्वे कोरोना पॉजिटिव आए व्यक्ति के कारण उसके सर्किल में स्थित एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले व्यक्तियों का लिया जा रहा है। पूरे नगर या देहात क्षेत्रोें में रहने वाले व्यक्तियों का डाटा नहीं लिया जा रहा है, इस जानकारी के बाद उन्होंने अपने परिवार से संबंधित जानकारी सर्वे टीम को मुहैया कराई।
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