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मोरना मिल का भुगतान कराकर रोल मॉडल तैयार करें सरकार : प्रमोद
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ककरौली में आंदोलन जन कल्याण की पंचायत का किया गया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार को चाहिए वह सहकारी चीनी मिल मोरना को गन्ना भुगतान के विषय में जिले की अन्य प्राइवेट चीनी मिलों के समक्ष रोल मॉडल के रूप में स्थापित करें। किसानों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान करें।
ककरौली में मिंटू चौधरी के आवास पर किसानों को पंचायत में उन्होंने कहा कि अगला पेराई सीजन शुरू होने जा रहा है, लेकिन मोरना और भैसाना चीनी मिलों का पिछले वर्ष का भुगतान अभी शेष है। गन्ना भुगतान में पिछड़ने पर चीनी मिल प्राधिकारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सवाल उठाया कि चीनी मिल प्रशासन के कुप्रबंधन की सजा किसान क्यों भुगतें।
ट्रैक्टर के इस्तेमाल को सीमित करने के सवाल पर प्रमोद कुमार ने कहा कि यह किसान और आमजन के लिए बहुउद्देशीय विकल्प के रूप में काम आता है। सरकार जल्दबाजी में बड़े तबके के लिए रोजगार सृजित करने वाले विकल्प पर प्रतिबंध लगाने का फैसला ना लें। जैविक खेती समय की जरूरत है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जैविक पेस्टिसाइड्स बनाने के विकल्प की तरफ आगे बढ़े और उसका इस्तेमाल करें। संचालन अनंगपाल राठी ने किया। बैठक में पूरन सिंह, प्रकाश वीर, सुरेश प्रधान, गोपाल चौधरी, देवेंद्र, विपिन, नरेश कुमार, नीरज, करणवीर प्रधान आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार को चाहिए वह सहकारी चीनी मिल मोरना को गन्ना भुगतान के विषय में जिले की अन्य प्राइवेट चीनी मिलों के समक्ष रोल मॉडल के रूप में स्थापित करें। किसानों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान करें।
ककरौली में मिंटू चौधरी के आवास पर किसानों को पंचायत में उन्होंने कहा कि अगला पेराई सीजन शुरू होने जा रहा है, लेकिन मोरना और भैसाना चीनी मिलों का पिछले वर्ष का भुगतान अभी शेष है। गन्ना भुगतान में पिछड़ने पर चीनी मिल प्राधिकारी की जवाबदेही तय होनी चाहिए। सवाल उठाया कि चीनी मिल प्रशासन के कुप्रबंधन की सजा किसान क्यों भुगतें।
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ट्रैक्टर के इस्तेमाल को सीमित करने के सवाल पर प्रमोद कुमार ने कहा कि यह किसान और आमजन के लिए बहुउद्देशीय विकल्प के रूप में काम आता है। सरकार जल्दबाजी में बड़े तबके के लिए रोजगार सृजित करने वाले विकल्प पर प्रतिबंध लगाने का फैसला ना लें। जैविक खेती समय की जरूरत है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जैविक पेस्टिसाइड्स बनाने के विकल्प की तरफ आगे बढ़े और उसका इस्तेमाल करें। संचालन अनंगपाल राठी ने किया। बैठक में पूरन सिंह, प्रकाश वीर, सुरेश प्रधान, गोपाल चौधरी, देवेंद्र, विपिन, नरेश कुमार, नीरज, करणवीर प्रधान आदि मौजूद रहे।
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